उमाकांत त्रिपाठी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को काशी में बाबा विश्वनाथ के दर्शन किए। उन्होंने मंदिर के गर्भगृह में करीब 20 मिनट तक पूजा-अर्चना की। पांच पंडितों ने विधि-विधान से पूजा कराई। इस दौरान उन्हें माला पहनाई गई और त्रिपुंड लगाया गया।
मंदिर से बाहर निकलने के बाद भाजपा नेताओं ने प्रधानमंत्री को त्रिशूल और डमरू भेंट किया। इसके बाद पीएम मोदी ने त्रिशूल उठाकर लहराया। यह दृश्य वहां मौजूद लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा।
प्रधानमंत्री मंदिर पहुंचने से पहले 14 किलोमीटर लंबा रोड शो करते हुए काशी की सड़कों से गुजरे। इस दौरान गेट पर 108 बटुकों ने शंखनाद के साथ उनका स्वागत किया। मंदिर परिसर में उन्होंने बच्चों से मुलाकात की और उनसे बातचीत भी की।
रोड शो के दौरान जगह-जगह प्रधानमंत्री का स्वागत किया गया। भाजपा कार्यकर्ता ढोल-नगाड़ों पर नाचते नजर आए। रास्ते भर काफिले पर फूल बरसाए गए। प्रधानमंत्री ने हाथ हिलाकर लोगों का अभिवादन किया, हालांकि वे कहीं रुके नहीं।
काशी दौरे के बाद प्रधानमंत्री हरदोई के लिए रवाना हो गए। वहां वे गंगा एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन करेंगे। यह एक्सप्रेस-वे 594 किलोमीटर लंबा है और मेरठ को प्रयागराज से जोड़ेगा।
यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पिछले 11 साल में 54वां काशी दौरा है। वहीं 2026 में यह उनका पहला दौरा है। इससे पहले वे नवंबर 2025 में काशी आए थे।
दौरे के पहले दिन प्रधानमंत्री ने 6350 करोड़ रुपए की 163 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया था। उन्होंने नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में भी हिस्सा लिया, जिसमें करीब 50 हजार महिलाएं शामिल हुईं।
इस दौरान मंच पर राजनीति, स्वयं सहायता समूह और चिकित्सा क्षेत्र से जुड़ी 44 महिलाएं मौजूद रहीं। प्रधानमंत्री ने कहा कि महिलाओं को उनके अधिकार दिलाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है और इसमें कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी।














