उमाकांत त्रिपाठी। नई दिल्ली। Mann Ki Baat 136th Episode में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को देशवासियों को संबोधित करते हुए कारगिल विजय दिवस के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और भारतीय सेना के अदम्य साहस को सलाम किया। अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम में उन्होंने देश में बढ़ते ओलंपियाड और हैकाथॉन कल्चर, लोकल प्रोडक्ट्स को मिल रही नई पहचान, जल संरक्षण, कॉमनवेल्थ गेम्स, पीवी सिंधु की ऐतिहासिक जीत और संस्कृत शिक्षा के नवाचार जैसे कई प्रेरक विषयों पर विस्तार से चर्चा की। Mann Ki Baat 136th Episode में प्रधानमंत्री का मुख्य संदेश था कि देश की प्रगति जनभागीदारी, स्थानीय नवाचार और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण से ही संभव है।
कारगिल विजय दिवस पर वीर जवानों को किया नमन
Mann Ki Baat 136th Episode की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कारगिल विजय दिवस के उल्लेख से की। उन्होंने कहा कि यह ऐसा दिन है जिसे याद रखने के लिए किसी तारीख की जरूरत नहीं होती, क्योंकि यह हर भारतीय के हृदय में अंकित है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय सैनिकों ने कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी हार नहीं मानी और देश को विजय दिलाई। उन्होंने बताया कि इस वर्ष दिल्ली से द्रास तक विशेष शौर्य यात्रा निकाली जा रही है, ताकि युवा पीढ़ी भारतीय सेना के साहस और बलिदान से प्रेरणा ले सके।
उन्होंने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत का उल्लेख करते हुए INS महेंद्रगिरी के नौसेना में शामिल होने और पिनाका मिसाइल के सफल परीक्षण को भारत की बढ़ती सैन्य शक्ति का प्रतीक बताया।
लोकल प्रोडक्ट्स और पारंपरिक हुनर को मिल रही नई पहचान
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश में लोकल प्रोडक्ट्स और पारंपरिक कला को नई पहचान मिल रही है। उन्होंने खुशी जताई कि भारत में ओलंपियाड और हैकाथॉन जैसी प्रतियोगिताओं का दायरा लगातार बढ़ रहा है, जिससे युवाओं में नवाचार की भावना मजबूत हो रही है।
उन्होंने जम्मू-कश्मीर की प्रसिद्ध पाम्पोरी वागु चटाई का उदाहरण दिया। यह चटाई दलदली क्षेत्रों में उगने वाली विशेष घास से हाथों से तैयार की जाती है और इसे बनाने में लगभग चार दिन लगते हैं। प्रधानमंत्री ने बताया कि पहले यह हर कश्मीरी घर का हिस्सा होती थी, लेकिन समय के साथ इसकी लोकप्रियता कम हो गई। बाद में गुलाम हुसैन जैसे कारीगरों ने इसे फिर से जीवित किया और इस पारंपरिक कला को नई पहचान दिलाई।
प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसे प्रयास न केवल सांस्कृतिक विरासत को बचाते हैं बल्कि स्थानीय लोगों के रोजगार को भी बढ़ावा देते हैं।
हर्बल चाय बनी ‘वोकल फॉर लोकल’ की मिसाल
Mann Ki Baat 136th Episode में प्रधानमंत्री ने उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के लखीवाला गांव की महिलाओं की सराहना की। उन्होंने बताया कि इन महिलाओं ने गिलोय और इलायची से बनी हर्बल चाय तैयार की है, जिसे देश और विदेश दोनों जगहों पर पसंद किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह पहल केवल लगभग 1 लाख रुपए के छोटे निवेश से शुरू हुई थी, लेकिन आज यह स्थानीय महिलाओं के लिए रोजगार और आत्मनिर्भरता का बड़ा माध्यम बन चुकी है।
उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि भारत में चाय केवल एक पेय नहीं बल्कि हर खुशी, हर मुलाकात और हर रिश्ते का हिस्सा है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि उनका अपना जीवन भी चाय से जुड़ा रहा है।
पानी की हर बूंद भविष्य की पूंजी
प्रधानमंत्री मोदी ने Catch the Rain अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि जहां पानी गिरे, वहीं उसे रोकने का प्रयास होना चाहिए। उन्होंने बताया कि 4 जुलाई को इस अभियान के तहत विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए।
उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में लगभग 4 हजार तालाबों का निर्माण किया गया है। इसके अलावा आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और अन्य राज्यों में भी जल संरक्षण की दिशा में उल्लेखनीय कार्य हुए हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि जल संकट से बचने के लिए वर्षा जल संग्रहण और जल संरक्षण हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने दोहराया कि “आज बचाई गई पानी की हर बूंद भविष्य की पूंजी है।”
कॉमनवेल्थ गेम्स और खिलाड़ियों का बढ़ाया उत्साह
Mann Ki Baat 136th Episode में प्रधानमंत्री मोदी ने ग्लासगो में शुरू हुए कॉमनवेल्थ गेम्स का उल्लेख करते हुए भारतीय खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि पूरा देश अपने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ा रहा है और उम्मीद है कि वे शानदार प्रदर्शन करेंगे।
उन्होंने बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु की विशेष प्रशंसा करते हुए कहा कि वह जापान ओपन जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनी हैं। इसके अलावा उन्होंने भारतीय महिला क्रिकेट टीम की उपलब्धि का भी उल्लेख किया, जिसने हाल ही में महिला टेस्ट क्रिकेट में 200 रनों से शानदार जीत दर्ज की।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय खिलाड़ी लगातार दुनिया में देश का नाम रोशन कर रहे हैं और उनकी उपलब्धियां युवाओं के लिए प्रेरणा हैं।
संस्कृत पढ़ाने का अनोखा तरीका बना प्रेरणा
प्रधानमंत्री मोदी ने केरल के एर्नाकुलम की एक महिला शिक्षिका की भी सराहना की। उन्होंने बताया कि यह शिक्षिका बच्चों को फुटबॉल के नियमों और मैच की घटनाओं के माध्यम से संस्कृत भाषा सिखाती हैं।
उन्होंने कहा कि शिक्षा में ऐसे नवाचार बच्चों की रुचि बढ़ाते हैं और कठिन विषयों को भी आसान बना देते हैं। यह उदाहरण दिखाता है कि यदि पढ़ाने का तरीका रोचक हो तो विद्यार्थी तेजी से सीखते हैं।
पिछले एपिसोड का भी किया उल्लेख
प्रधानमंत्री ने अपने पिछले 135वें एपिसोड की भी याद दिलाई, जिसमें उन्होंने देशवासियों से केवल मिट्टी से बनी गणेश प्रतिमाएं खरीदने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि इससे स्थानीय कुम्हारों और कलाकारों को आर्थिक मजबूती मिलेगी और पर्यावरण भी सुरक्षित रहेगा।
जनभागीदारी से विकसित भारत का संकल्प
कार्यक्रम के अंत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश का विकास केवल सरकारी योजनाओं से नहीं बल्कि नागरिकों की भागीदारी से संभव है। उन्होंने लोगों से लोकल प्रोडक्ट्स अपनाने, जल संरक्षण करने, पारंपरिक कला को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाने की अपील की।
उन्होंने कहा कि Mann Ki Baat 136th Episode का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि देशभर की प्रेरणादायक कहानियों को एक मंच पर लाकर लोगों को सकारात्मक बदलाव के लिए प्रेरित करना है। कारगिल के वीरों से लेकर कश्मीर के कारीगरों, बिजनौर की महिलाओं, खिलाड़ियों और शिक्षकों तक—हर कहानी यह संदेश देती है कि छोटे-छोटे प्रयास मिलकर भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में बड़ा योगदान दे सकते हैं।














