अपराधदिल्लीन्यूज़भारतहेडलाइंस

आकर लाश ले जाओ.. क्लर्क पति ने प्रेग्नेंट कमांडो पत्नी को उतारा मौत के घाट, मर्डर के बाद किया साले को फोन

उमाकांत त्रिपाठी।दिल्ली से एक रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई. दिल्ली पुलिस में ‘SWAT कमांडो’ के पद पर तैनात 27 वर्षीय कमांडो काजल की उसके ही पति ने दहेज की बलि चढ़ा दी. हत्या के दौरान काजल 4 महीने की गर्भवती थी. आरोपी पति खुद रक्षा मंत्रालय में क्लर्क है. उस पर आरोप है कि उसने लोहे के डंबल से वार कर अपनी पत्नी और अपने ही अजन्मे बच्चे को मौत के घाट उतार दिया.

लव मैरिज का खौफनाक अंत: ‘आकर ले जाओ लाश’
काजल और अंकुर की कहानी 2022 में स्नातक की पढ़ाई के दौरान शुरू हुई थी. प्यार परवान चढ़ा, तो दोनों ने परिजनों को मनाकर सात फेरे लिए. शादी के वक्त दोनों ही सरकारी पदों पर थे. काजल दिल्ली पुलिस की कमांडो बनी और अंकुर रक्षा मंत्रालय में क्लर्क. लेकिन शादी के महज 15 दिन बाद ही प्यार का नकाब उतर गया. परिजनों का आरोप है कि पति अंकुर और उसके परिवार ने गाड़ी और नकदी की डिमांड शुरू कर दी. काजल को लगातार प्रताड़ित किया जाने लगा. हद तो तब हो गई जब 22 जनवरी को अंकुर ने काजल के भाई को फोन कर ठंडे दिमाग से कहा, “मैंने काजल को मार दिया है, आकर उसका शव ले जाओ.”

ममता और बहादुरी पर भारी पड़ा लालच
काजल के पिता राकेश ने रुंधे गले से बताया कि- उनकी बेटी ने बड़ी मेहनत से दिल्ली पुलिस में कमांडो का मुकाम हासिल किया था. उन्होंने बताया, “मेरी बेटी 4 महीने की गर्भवती थी. लालची पति ने लोहे के डंबल से उसके सिर पर वार किया. उसने मां और कोख में पल रहे बच्चे, दोनों को खत्म कर दिया.” वहीं, मां मीना देवी ने बताया कि उन्होंने काजल ने ससुराल वालों को देने के लिए 10 लाख का लोन अपने माता-पिता के नाम पर लिया था.

राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई
आज जब काजल का पार्थिव शरीर उसके पैतृक गांव ‘बड़ी’ (गन्नौर) पहुंचा, तो पूरे इलाके में मातम पसर गया. एक तरफ देश की सेवा करने वाली कमांडो बेटी खोने का गम था, तो दूसरी तरफ दहेज के लोभियों के प्रति भारी आक्रोश. काजल का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया गया, जहां पुलिस बल और ग्रामीणों ने नम आंखों से उसे विदाई दी.

Related Posts

1 of 860

Leave A Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *