खबर इंडिया की। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने एक बार फिर ऑनलाइन कंटेंट की सीमाओं और सामाजिक सोच पर बहस छेड़ दी है। वायरल वीडियो में एक लड़की कथित तौर पर एक कैब ड्राइवर से किराया कम करने के बदले “एंटरटेनमेंट” का ऑफर देती नजर आती है। वीडियो में लड़की यह कहते हुए सुनाई देती है कि अगर ड्राइवर ₹100 कम कर दे, तो वह उसे “जन्नत की सैर” कराएगी।
यह वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग इसे मज़ाक या वायरल कंटेंट का हिस्सा बता रहे हैं, जबकि कई यूज़र्स इसे समाज में गिरते नैतिक मूल्यों और सस्ती लोकप्रियता की होड़ से जोड़कर देख रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि इस तरह के वीडियो न सिर्फ महिलाओं की गरिमा से जुड़े सवाल खड़े करते हैं, बल्कि मेहनत से रोज़ी-रोटी कमाने वाले लोगों को भी असहज स्थिति में डालते हैं।
वहीं, कुछ यूज़र्स का मानना है कि ऐसे वीडियो अक्सर व्यूज़ और लाइक्स के लिए बनाए जाते हैं, जिनका मकसद सिर्फ वायरल होना होता है। लेकिन सवाल यह है कि क्या वायरल होने की चाहत में सामाजिक जिम्मेदारी को नजरअंदाज किया जा सकता है? डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर इस तरह का कंटेंट युवाओं पर भी गलत असर डाल सकता है।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि वीडियो कब और कहां का है, और न ही इसकी प्रामाणिकता की आधिकारिक पुष्टि हुई है। हालांकि, यह मामला सोशल मीडिया पर कंटेंट क्रिएशन, मर्यादा और जिम्मेदारी को लेकर एक जरूरी चर्चा जरूर शुरू करता है।
डिजिटल दौर में हर वायरल वीडियो सिर्फ मनोरंजन नहीं होता, बल्कि वह समाज के सामने एक आईना भी रखता है। ऐसे में यह जरूरी है कि यूज़र्स न सिर्फ कंटेंट बनाते समय, बल्कि उसे देखने, शेयर करने और प्रतिक्रिया देने से पहले भी सोचें।













