उमाकांत त्रिपाठी।पंजाब में लुधियाना के नर्स हत्याकांड में कुछ नई बातें सामने आई हैं। लुधियाना की भारती कॉलोनी में नर्स रेखा का क्लिनिक था। क्लिनिक के आसपास रहने वाले लोग बताते हैं कि रेखा अपने बॉयफ्रेंड अमित निषाद से क्लिनिक में ही मिलती थी। वे देर रात तक क्लिनिक में साथ रहते थे।बच्चों के कारण रेखा अपने बॉयफ्रेंड को घर लेकर नहीं जाती थी। रेखा हत्या से एक दिन पहले (11 दिसंबर) को अमित के साथ क्लिनिक में थी। रात करीब 11 बजे के बाद ही वे दोनों क्लिनिक बंद कर गए थे।
अगले दिन (12 दिसंबर) रेखा क्लिनिक पर नहीं आई। इसके बाद 13 दिसंबर की शाम को सूचना मिली कि रेखा की उसके बॉयफ्रेंड ने ही गला दबाकर हत्या कर दी है। हत्या वाले दिन रेखा के दोनों बच्चे अकेले घर में सोए। उन्हें पड़ोसियों ने खाना खिलाया.आपको बता दें कि- रेखा ने होटल के कमरे में बॉयफ्रेंड अमित का प्राइवेट पार्ट काट दिया था। इसके बाद अमित ने रेखा की गला दबाकर हत्या कर दी। उसका खून में लथपथ अर्धनग्न शव होटल के कमरे में बेड पर मिला था।
जानिए, लोगों ने रेखा और अमित के बारे में क्या-क्या बताया…
बॉयफ्रेंड के घंटों अंदर रहती थी रेखा: भारती कॉलोनी में नर्स रेखा के क्लिनिक के आसपास रहने वाले लोगों ने ऑफ द कैमरा बताया है कि क्लिनिक में रेखा का बॉयफ्रेंड रोजाना आता था। वह क्लिनिक के अंदर ही बॉयफ्रेंड के साथ घंटों बिताती थी।
हरकतों की वजह से मरीजों ने आना बंद किया: रेखा ने बॉयफ्रेंड के लिए अपने पति को भी छोड़ दिया था। इसके बाद उसने क्लिनिक खोला। जब से क्लिनिक खोला था, तभी से अमित यहां आता-जाता था। रात करीब 9 बजे तक पूरा बाजार बंद हो जाता है, लेकिन रेखा का क्लिनिक देर रात तक खुलता था। दोनों की इस हरकत के चलते आसपास के मरीजों ने क्लिनिक में आना भी बंद कर दिया था।
मृतक नर्स रेखा का क्लिनिक अब पड़ा है बंद
लोगों को बताती थी कि अमित रिश्तेदार है: लोगों का कहना है कि- जब भी नर्स अपने क्लिनिक पर फ्री होती थी तो अमित निषाद वहां पहुंच जाता था। जब अमित के आने से लोगों को शक होने लग गया तो वह खुद ही आकर उन्हें बताने लगी थी कि अमित उसका रिश्तेदार है। जब उसे दवाइयां व अन्य सामान मंगवाना होता है तो उसी से मंगवाती है।
क्लिनिक में रील बनाती रहती थी रेखा: ऑफ कैमरा लोगों का कहना है कि- रेखा को रील बनाने का बेहद शौक था। वह अक्सर अपने क्लिनिक पर बैठक रील बनाती थी। कई बार तो अमित ही उसके मोबाइल से वीडियो शूट करता था। उसके इंस्टाग्राम, यूट्यूब और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर क्लिनिक में बनी कई रील अपलोड की गई हैं।
क्लिनिक पर नाम तक नहीं लिखा: रेखा अपने क्लिनिक का नाम नेहा क्लिनिक बताती थी, लेकिन क्लिनिक के सामने उसने कोई नाम नहीं लिखवाया था। लोगों का कहना है कि- एक पोर्टेबल बोर्ड था, जिस पर क्लिनिक का नाम लिखा होता था। दुकान खोलने पर बोर्ड को बाहर रख देती थी। फिर बंद करने के समय बोर्ड को उठाकर अंदर रख जाती थी।













