उमाकांत त्रिपाठी।PM Modi Gujarat Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात दौरे के दूसरे दिन सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अंतर्गत आयोजित शौर्य यात्रा में हिस्सा लिया। इस शौर्य यात्रा का आयोजन उन असंख्य वीरों को सम्मान देने के लिए किया गया है जिन्होंने सोमनाथ मंदिर की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर किए। इस यात्रा में 108 घोड़ों की प्रतीकात्मक सवारी शामिल है, जो वीरता और बलिदान का प्रतीक मानी जाती है।
युवाओं और उद्यमियों की अहम भूमिका- पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि भारत की युवा शक्ति और उद्यमी सोच देश की सबसे बड़ी ताकत है। स्टार्टअप, मैन्युफैक्चरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में तेजी से हो रहे काम की वजह से भारत वैश्विक स्तर पर मजबूत बन रहा है। उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया भारत को एक भरोसेमंद आर्थिक शक्ति के रूप में देख रही है। आने वाले समय में भारत विकास और समृद्धि की नई ऊंचाइयों को छुएगा।
निवेश और विकास पर जोर
इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि- सरकार ने व्यापार को आसान बनाने के लिए कई सुधार किए हैं, जिससे देश और विदेश के निवेशक भारत में निवेश करने के लिए आगे आ रहे हैं। उन्होंने गुजरात की तारीफ करते हुए कहा कि राज्य ने विकास और उद्योग के क्षेत्र में देश को नई दिशा दी है।
भारत तेजी से बन रहा दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था- पीएम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजकोट में आयोजित वाइब्रेंट गुजरात क्षेत्रीय सम्मेलन में कहा कि भारत बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है और जल्द ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में है। पीएम मोदी ने कहा कि आज भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था है। उन्होंने बताया कि बीते कुछ वर्षों में देश ने हर क्षेत्र में मजबूत प्रगति की है, चाहे वह उद्योग हो, निवेश हो या रोजगार।
आज भी साजिशें जारी हैं: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि- जो लोग अपने धर्म के प्रति सच्चे हैं, वे कभी भी कट्टरपंथी सोच का समर्थन नहीं कर सकते। लेकिन उन्होंने आरोप लगाया कि तुष्टीकरण की राजनीति करने वालों ने हमेशा ऐसी सोच के सामने घुटने टेके हैं।पीएम मोदी ने कहा कि- जब भारत आजाद हुआ और सरदार वल्लभभाई पटेल ने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का संकल्प लिया, तब भी उन्हें रोकने की कोशिशें की गईं। उन्होंने बताया कि 1951 में तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के सोमनाथ आने पर भी आपत्ति जताई गई थी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि- आज भी देश में ऐसी ताकतें मौजूद हैं, जो उस समय सोमनाथ के पुनर्निर्माण का विरोध कर रही थीं। उन्होंने चेतावनी दी कि आज तलवारों की जगह नए और गुप्त तरीकों से भारत के खिलाफ साजिशें की जा रही हैं। पीएम मोदी ने कहा कि ऐसे समय में देश को अधिक सतर्क रहने, खुद को मजबूत बनाने और एकजुट रहने की जरूरत है।
आक्रांता इतिहास में सिमटे, सोमनाथ आज भी गर्व से खड़ा है: पीएम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि समय का चक्र सब कुछ बदल देता है। उन्होंने कहा कि जो मजहबी आक्रांता सोमनाथ को नष्ट करने के इरादे से आए थे, वे आज केवल इतिहास के कुछ पन्नों तक सीमित रह गए हैं। पीएम मोदी ने कहा कि वहीं सोमनाथ मंदिर आज भी उसी विशाल समुद्र के किनारे अपनी ऊंची धर्मध्वजा के साथ मजबूती से खड़ा है, जो भारत की आस्था और संस्कृति की शक्ति का प्रतीक है।
सोमनाथ के इतिहास को भुलाने की कोशिश हुई: पीएम
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि- अगर किसी देश के पास 100 साल पुरानी विरासत होती है तो वह देश उसे अपनी पहचान बनाकर दुनिया के सामने प्रस्तुत करता है, वहीं भारत के पास सोमनाथ जैसे हजारों साल पुराने पुण्यस्थान है, लेकिन दुर्भाग्य से आजादी के बाद गुलामी की मानसिकता वाले लोगों ने उनसे पल्ला झाड़ने की कोशिश की, उस इतिहास को भूलाने के प्रयास हुए। हम जानते हैं कि सोमनाथ की रक्षा के लिए देश ने कैसे-कैसे बलिदान दिए थे, कितने ही नायकों का इतिहास सोमनाथ मंदिर से जुड़ा है लेकिन दुर्भाग्य से इसे कभी उतना महत्व नहीं दिया गया बल्कि आक्रमण के इतिहास को भी कुछ राजनेताओं और इतिहासकारों द्वारा व्हाइटवॉश करने की कोशिश की गई।
सोमनाथ को नष्ट करने के हुए कई प्रयास-पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा ‘जब महमूद गजनी से लेकर औरंगजेब तक तमाम आक्रांता सोमनाथ पर हमला कर रहे थे तो उन्हें लग रहा था कि उनकी तलवार सनातन सोमनाथ को जीत रही है, वे मजहबी कट्टरपंथी यह नहीं समझ पाए कि जिस सोमनाथ को वे नष्ट करना चाहते हैं उसके नाम में ही ‘सोम’ अर्थात ‘अमृत’ जड़ा हुआ है। उसके ऊपर सदाशिव महादेव के रूप में वह चैतन्य शक्ति प्रतिष्ठित है जो कल्याणकारी भी है और शक्ति का स्रोत भी है।
आक्रांता आते रहे, लेकिन सोमनाथ पुन: स्थापित होता रहा :पीएम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘सोमनाथ का इतिहास विनाश और पराजय का इतिहास नहीं है, यह विजय और पुनर्निमाण का है। हमारे पूर्वजों के पराक्रम का है, हमारे पूर्वजों के त्याग और बलिदान का है। आक्रांता आते रहे लेकिन हर युग में सोमनाथ पुन: स्थापित होता रहा, इतनी सदियों का संघर्ष, इतना महान धैर्य, सृजन और पुनर्निमाण का यह जीवट, दुनिया के इतिहास में ऐसा उदाहरण मिलना मुश्किल है।
1000 साल पहले आक्रांत सोच रहे थे कि हमें जीत लिया-:पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘आज जब मैं आपसे बात कर रहा हूं तो बार-बार मन में प्रश्न आ रहा है कि ठीक 1000 वर्ष पहले, ठीक इसी जगह पर क्या माहौल रहा होगा? अपनी आस्था, अपने विश्वास, अपने महादेव के लिए हमारे पुरखों ने अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया। 1000 साल पहले वह आक्रंता सोच रहे थे कि हमें जीत लिया कि आज 1000 साल बाद भी सोमनाथ महादेव के मंदिर पर फहरा रही ध्वजा पूरी सृष्टि का आह्वान कर रही है कि हिंदुस्तान की शक्ति क्या है, उसका सामर्थ्य क्या है… यहां का कण-कण वीरता और साहस का साक्षी है।
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व पर महादेव का आशीर्वाद :पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा,कि- इस आयोजन में गर्व, गरिमा, गौरव है। इसमें गरिमा का ज्ञान, वैभव की विरासत, अध्यात्म की अनुभूति है। इसमें अनुभव है, आनंद है, आत्मीयता है और सबसे बढ़कर महादेव का आशीर्वाद है।













