उमाकांत त्रिपाठी।Natural Farming: किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है और इसको लेकर नई-नई योजनाएं शुरू कर रही है. इस बीच केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने एक ऐसा फॉर्मूला बता दिया है, जिससे किसानों की आय तेजी से बढ़ सकती है. अमित शाह ने गुरुवार को मध्य प्रदेश के रीवा में रासायनिक खादों के उपयोग से होने वाली बीमारियों पर चिंता जताई और किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने की अपील की. उन्होंने कहा कि- प्राकृतिक खेती अपनाने से रासायनिक खादों से होने वाले नुकसान से छुटकारा तो मिलेगा ही, साथ ही किसानों की आय डेढ़ गुना तक बढ़ जाएगी.
किसान इस मॉडल को अपनाएंगे तो बढ़ेगी आय
शाह ने आगे कहा कि- रीवा में बसावन मामा गौवंश वन्य विहार के रूप में अनुकरणीय प्रकल्प तैयार किया गया है. यहां गोबर से बने खाद से प्राकृतिक खेती की जा रही है. एक एकड़ में सवा लाख रुपये की आय देने का यह प्रयोग छोटे किसानों को बड़ा लाभ प्रदान करेगा. किसान इस मॉडल को अपनाएंगे तो उनकी आय बढ़ेगी. राज्य सरकार प्रगतिशील किसानों को इस परंपरागत मॉडल से अवगत कराने के लिए उनका भ्रमण कराए.
गृह मंत्री शाह ने कहा कि- एक देशी गाय से 21 एकड़ रकबे में प्राकृतिक खेती होती है. किसान ही अन्नदाता है. अन्नदाता को प्राकृतिक खेती के लिए प्रेरित करने के साथ ही प्रोत्साहित करने के समग्र प्रयास हम सबको समन्वित तरीके से करना है. उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि अनाज के उत्पादन में रासायनिक खाद और कीटनाशकों के अत्यधिक प्रयोग के कारण कई तरह की बीमारियां बढ़ रही हैं. इससे बचाव के लिए जरूरी है कि हम सभी प्राकृतिक के संवर्धन में अपना योगदान दें.
रीवा क्षेत्र धीरे-धीरे बन रहा विकसित क्षेत्र
रीवा में बसामन मामा गौ वन्य विहार अभयारण्य में प्राकृतिक खेती के प्रकल्प का शुभारंभ कर कृषक सम्मेलन को संबोधित करते हुएशाह ने कहा कि- मध्य प्रदेश का रीवा क्षेत्र धीरे-धीरे विकसित क्षेत्र बन रहा है. एशिया का सबसे बड़ा सोलर प्लांट रीवा में है. रीवा से जबलपुर तक सड़कों के जाल सहित इंदौर और दिल्ली के लिए वायु सेवा का भी विस्तार हुआ है. अब रीवा एयरपोर्ट से इंदौर और दिल्ली के लिए 24 घंटे हवाई सेवा उपलब्ध है.
शाह ने खुद अपनाई प्राकृतिक खेती
शाह ने कहा कि- प्राकृतिक खेती को अपनाने से उत्पादन कम नहीं होता है. मैंने स्वयं अपने खेतों में प्राकृतिक खेती को अपनाया है. प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सहकारिता मंत्रालय के अंतर्गत वृहद स्तर पर प्राकृतिक खेती की उपज के प्रमाणीकरण का कार्य किया जा रहा है. केंद्र सरकार ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए प्राकृतिक खेती के माध्यम से उत्पादित उपज के सर्टिफिकेशन, पैकेजिंग और मार्केटिंग की व्यवस्था की है. आगामी समय में देश में 400 से अधिक प्रयोगशालाएं किसान को प्राकृतिक खेती से संबंधित प्रमाण-पत्र प्रदान करेंगी. इन सभी प्रयासों से प्राकृतिक खेती अपनाने वाले किसानों की आय डेढ़ गुना तक बढ़ जाएगी.
दुनियाभर में प्राकृतिक खेती का बड़ा बाजार
शाह ने कहा कि- दुनियाभर में प्राकृतिक खेती का बड़ा बाजार है. ऑर्गेनिक अनाज खाने से स्वास्थ्य अच्छा रहता है. भूमि परीक्षण से सर्टिफिकेशन, उपज का परीक्षण, बेहतर पैकेजिंग और मार्केटिंग किसानों को उपज का बेहतर मूल्य दिलाएंगी. हम किसानों की आय को बढ़ाने के लिए समुचित प्रयास प्राथमिकता से कर रहे हैं. निदर्शन फॉर्म आने वाले समय में प्राकृतिक खेती के लिए किसानों का मार्गदर्शन करेंगे.













