धर्म -अध्यात्म

राष्ट्र को समर्पित रहा आचार्य विद्यासागर का कण-कण, डोंगरगढ़ में महाराज की पुण्यतिथि पर बोले गृहमंत्री अमित शाह

उमाकांत त्रिपाठी।केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि आचार्य विद्यासागर जी के जीवन का क्षण-क्षण और शरीर का कण-कण राष्ट्र को समर्पित रहा। तप और साधना से उन्होंने भारत को विश्व में पहचान दिलाई। शाह ने आगे कहा कि महाराज जी केवल संत नहीं थे। वे विद्वान पुरुष थे, जिन्होंने नए विचार को जन्म दिया।
शाह आगे बोले, देश की पहचान इंडिया से नहीं बल्कि भारत से होनी चाहिए। जी-20 की मेजबानी के दौरान दूसरे देशों के राष्ट्र अध्यक्षों को निमंत्रण PMO भारत के नाम से गया। केंद्रीय गृहमंत्री ने ये बातें डोंगरगढ़ के चंद्रगिरी में आचार्य विद्यासागर महाराज की प्रथम पुण्यतिथि पर आयोजित विनयांजलि सभा में कही। उनके साथ सीएम साय भी मौजूद रहे। शाह ने आचार्य विद्यासागर की तस्वीर वाला 100 रुपए का सिक्का और 5 रुपए का डाक टिकट भी जारी किया।

कार्यक्रम के बाद गृह मंत्री अमित शाह चंद्रगिरि स्थित प्रतिभास्थली पहुंचे, जहां उन्होंने जैन संतों के साथ भोजन ग्रहण किया। इसके बाद वे मां बम्लेश्वरी मंदिर पहुंचे और माता के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। इस दौरान उनके साथ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, सांसद संतोष पांडेय भी मौजूद रहे।आपकों बता दें कि- 18 फरवरी 2024 को आचार्य विद्यासागर महाराज ने डोंगरगढ़ के चंद्रगिरी तीर्थ में समाधि ली थी। तिथि के अनुसार उनके समाधि को आज 6 फरवरी 2025 को एक वर्ष पूर्ण हो रहे है और एक वर्ष पूर्ण होने पर चंद्रगिरी ट्रस्ट की ओर से 1 से 6 फरवरी तक भव्य महोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

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