उमाकांत त्रिपाठी। नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बन गए हैं। उनके कार्यकाल के 4,399 दिन पूरे होने के अवसर पर भारत मंडपम में आयोजित राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की बैठक में उनका सम्मान किया गया। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने सरकार की उपलब्धियों, देश के विकास और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से अपने विचार रखे।
बैठक को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश कांग्रेस की पुरानी कार्यशैली और सोच से मुक्त हुआ है। उन्होंने कहा कि उस दौर को “कांग्रेस ग्रोथ रेट” के नाम से जाना जाता था, जहां न स्पष्ट नीति थी, न निर्णय लेने की क्षमता और न ही सुशासन की भावना। उन्होंने आरोप लगाया कि विफलताओं की जिम्मेदारी लेने के बजाय समाज के एक वर्ग को दोषी ठहराने की राजनीति की जाती थी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि एनडीए सरकार ने हमेशा “नेशन फर्स्ट” की भावना के साथ काम किया है। उन्होंने कहा कि उनके लिए राजनीतिक दल से पहले देश का हित सर्वोपरि रहा है। इसी सोच के कारण भारत आज वैश्विक मंच पर नई पहचान बना रहा है।
मोदी ने कहा कि वर्ष 2014 में देश की जनता ने कांग्रेस से निराश होकर एनडीए पर भरोसा जताया था। पिछले 12 वर्षों में सरकार ने उस विश्वास को और मजबूत करने का काम किया है। उन्होंने दावा किया कि सरकार की विभिन्न कल्याणकारी और विकास योजनाओं के कारण लगभग 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग पहले गरीब वर्ग में आते थे, वे अब नए मध्यम वर्ग यानी “न्यू मिडिल क्लास” का हिस्सा बन रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में हुए विकास का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 में देश में 74 हवाई अड्डे थे, जिनकी संख्या अब बढ़कर 160 से अधिक हो गई है। इसी तरह एक्सप्रेस-वे नेटवर्क लगभग 1,000 किलोमीटर से बढ़कर 6,700 किलोमीटर तक पहुंच चुका है। मेट्रो रेल सेवा जहां पहले केवल पांच शहरों तक सीमित थी, वहीं अब 20 से अधिक शहरों में इसका विस्तार हो चुका है।
कांग्रेस और एनडीए के विकास मॉडल की तुलना करते हुए मोदी ने कहा कि दशकों तक देश धीमी विकास दर के साथ आगे बढ़ता रहा, लेकिन एनडीए सरकार ने साहसिक निर्णयों और दूरदर्शी नीतियों के जरिए विकास की रफ्तार को नई गति दी है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का लक्ष्य केवल दुनिया के विकसित देशों की बराबरी करना नहीं है, बल्कि उनसे एक कदम आगे निकलना है। उन्होंने बताया कि सरकार ग्रीन एनर्जी, न्यूक्लियर एनर्जी, डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, मेड इन इंडिया जहाज और विमानों के निर्माण जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दे रही है।
उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में भारत न केवल वैश्विक आर्थिक शक्ति के रूप में उभरेगा, बल्कि तकनीक, नवाचार और विनिर्माण के क्षेत्र में भी दुनिया का नेतृत्व करेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि वह दिन दूर नहीं जब दुनिया “मेड इन इंडिया” विमानों और अन्य अत्याधुनिक उत्पादों को देखेगी।













