Gold Silver Price Today:खबर इंडिया की।सोने और चांदी की कीमतों में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है। 25 जून 2026 को भी दोनों कीमती धातुओं के दामों में बड़ी कमी दर्ज की गई। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत में ₹2,305 की गिरावट आई है, जिसके बाद इसका भाव ₹1.40 लाख पर पहुंच गया है। इससे पहले सोना ₹1.42 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा था।
वहीं चांदी की कीमतों में भी तेज गिरावट जारी है। 1 किलो चांदी का भाव ₹5,494 घटकर ₹2.17 लाख रह गया है। खास बात यह है कि पिछले तीन दिनों में ही चांदी करीब ₹21,000 प्रति किलो सस्ती हो चुकी है। जून महीने की शुरुआत से अब तक सोना लगभग ₹16,000 और चांदी ₹46,000 तक टूट चुकी है।
जून में निवेशकों को बड़ा झटका
1 जून 2026 को 24 कैरेट सोने की कीमत ₹1.56 लाख प्रति 10 ग्राम थी, जो अब घटकर ₹1.40 लाख रह गई है। इसी तरह चांदी का भाव जून की शुरुआत में ₹2.63 लाख प्रति किलो था, जो अब ₹2.17 लाख पर आ गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक बाजार में बदलते आर्थिक संकेतों और निवेशकों की रणनीति में बदलाव के कारण सोने-चांदी के दामों पर दबाव बना हुआ है।
रिकॉर्ड स्तर से काफी नीचे पहुंचे भाव
साल 2026 की शुरुआत में सोने और चांदी दोनों ने रिकॉर्ड स्तर छुए थे। 31 दिसंबर 2025 को सोने का भाव ₹1.33 लाख प्रति 10 ग्राम था, जो 29 जनवरी 2026 को बढ़कर ₹1.76 लाख के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गया था। हालांकि इसके बाद लगातार गिरावट का दौर शुरू हुआ और अब सोना उस रिकॉर्ड स्तर से करीब ₹36,000 सस्ता हो चुका है।
चांदी में तो गिरावट और भी ज्यादा देखने को मिली है। 31 दिसंबर 2025 को चांदी का भाव ₹2.30 लाख प्रति किलो था, जो 29 जनवरी 2026 को बढ़कर ₹3.86 लाख प्रति किलो के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था। लेकिन अब 147 दिनों में ही चांदी ₹1.69 लाख प्रति किलो तक सस्ती हो गई है।
क्यों गिर रहे हैं सोने और चांदी के दाम?
1. अमेरिका-ईरान युद्धविराम समझौता
हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम समझौते के बाद पश्चिम एशिया में तनाव कम हुआ है। इससे निवेशकों का रुझान सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने और चांदी से हटकर अन्य एसेट्स की ओर बढ़ा है।
2. फेडरल रिजर्व का सख्त रुख
अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने संकेत दिए हैं कि वह ब्याज दरों में कटौती के बजाय उन्हें ऊंचा बनाए रख सकता है। इससे सोने जैसी बिना ब्याज वाली संपत्तियों की मांग कमजोर होती है।
3. मजबूत हुआ अमेरिकी डॉलर
डॉलर इंडेक्स में मजबूती आने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना और चांदी महंगे हो जाते हैं, जिससे मांग घटती है और कीमतों पर दबाव बनता है।
4. रिकॉर्ड तेजी के बाद मुनाफावसूली
जनवरी में सोना और चांदी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए थे। इसके बाद बड़े निवेशकों और ट्रेडर्स ने मुनाफावसूली शुरू कर दी, जिससे बाजार में बिकवाली बढ़ गई।
5. गोल्ड और सिल्वर ETF में बिकवाली
बाजार में जोखिम लेने की बढ़ती प्रवृत्ति के कारण निवेशकों ने गोल्ड और सिल्वर ETF से पैसा निकालना शुरू कर दिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार सिल्वर ETF में लगभग 6% और गोल्ड ETF में 3% तक गिरावट दर्ज की गई है, जिसका असर घरेलू कीमतों पर भी पड़ा है।
सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान
BIS हॉलमार्क जरूर जांचें
सोना खरीदते समय हमेशा BIS हॉलमार्क वाला सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। हॉलमार्क यह सुनिश्चित करता है कि सोना शुद्ध और निर्धारित कैरेट का है।
कीमत की पुष्टि करें
खरीदारी से पहले IBJA और अन्य विश्वसनीय स्रोतों से उस दिन का भाव जरूर चेक करें। 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने की कीमतें अलग-अलग होती हैं।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा गिरावट अल्पकालिक दबाव का परिणाम हो सकती है। हालांकि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और केंद्रीय बैंकों की नीतियों के कारण आने वाले महीनों में सोने-चांदी की कीमतों में फिर से उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। ऐसे में निवेशकों को जल्दबाजी के बजाय बाजार की दिशा को समझकर निर्णय लेना चाहिए।
।














