खबर इंडिया की।Dhirendra Krishna Shastri on Kanwar Yatra Controversy को लेकर देशभर में चर्चा तेज हो गई है। कांवड़ यात्रा पर मौलाना साजिद रशीदी की विवादित टिप्पणी के बाद धार्मिक और राजनीतिक हलकों में लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इसी कड़ी में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भी दरबार के दौरान तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों की कथित गलती के आधार पर करोड़ों कांवड़ियों को आतंकवादी कहना पूरी तरह अनुचित है।
धीरेंद्र शास्त्री ने स्पष्ट कहा कि कांवड़ यात्रा में शामिल अधिकांश श्रद्धालु भगवान शिव की भक्ति में पैदल यात्रा करते हैं और उनकी आस्था का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी समुदाय के कुछ लोगों के व्यवहार के आधार पर पूरे समाज को कटघरे में खड़ा नहीं किया जा सकता।
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने क्या कहा?
दरबार के दौरान पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने मौलाना साजिद रशीदी के बयान पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि करोड़ों कांवड़िए हर साल शांतिपूर्वक भगवान शिव की भक्ति करते हुए लंबी यात्रा पूरी करते हैं। ऐसे में सभी कांवड़ियों को आतंकवादी कहना न केवल गलत है, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं का भी अपमान है।
उन्होंने कहा कि यदि कहीं कुछ असामाजिक तत्वों ने गलत हरकत की है तो उन्हें कानून के अनुसार सजा मिलनी चाहिए, लेकिन उन लोगों को पूरे कांवड़िया समाज का प्रतिनिधि नहीं माना जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग हिंसा, तोड़फोड़ या पत्थरबाजी करते हैं, वे वास्तविक शिवभक्त नहीं हो सकते।
धीरेंद्र शास्त्री ने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी धार्मिक यात्रा में कुछ शरारती तत्व घुस सकते हैं, लेकिन उनकी वजह से पूरी यात्रा या सभी श्रद्धालुओं की छवि खराब करना उचित नहीं है।
क्या था मौलाना साजिद रशीदी का विवादित बयान?
पूरा विवाद 6 अगस्त को दिए गए मौलाना साजिद रशीदी के बयान से शुरू हुआ। उन्होंने दावा किया था कि कांवड़ यात्रा के दौरान सड़क पर हुड़दंग करने, तोड़फोड़ करने और पुलिस पर हमला करने वाले लोग शिवभक्त नहीं बल्कि “दहशतगर्द” और “नशेड़ी” हैं। उनके इस बयान के कुछ अंश सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए, जिसके बाद विवाद और गहरा गया।
रशीदी के बयान को लेकर कई हिंदू संगठनों ने कड़ी नाराजगी जताई। उनका आरोप है कि इस बयान से करोड़ों कांवड़ श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर व्यापक बहस देखने को मिली।
मुजफ्फरनगर में दर्ज हुआ मामला
विवाद बढ़ने के बाद उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में हिंदू संघर्ष समिति की ओर से शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायत के आधार पर सिविल लाइंस थाने में मौलाना साजिद रशीदी के खिलाफ धार्मिक भावनाएं भड़काने समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि किसी धार्मिक यात्रा से जुड़े करोड़ों लोगों के लिए इस तरह की भाषा का इस्तेमाल सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचा सकता है। पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है।
धार्मिक और राजनीतिक हलकों में बढ़ी प्रतिक्रिया
कांवड़ यात्रा देश की सबसे बड़ी धार्मिक यात्राओं में से एक मानी जाती है। हर वर्ष करोड़ों श्रद्धालु भगवान शिव के जलाभिषेक के लिए लंबी पैदल यात्रा करते हैं। ऐसे में इस यात्रा को लेकर दिए गए किसी भी विवादित बयान पर व्यापक प्रतिक्रिया सामने आना स्वाभाविक माना जा रहा है।
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की प्रतिक्रिया के बाद यह मुद्दा और अधिक चर्चा में आ गया है। कई धार्मिक संगठनों ने भी कहा कि किसी समुदाय या धार्मिक यात्रा को सामूहिक रूप से निशाना बनाना उचित नहीं है।
वहीं दूसरी ओर कुछ लोगों का कहना है कि यदि किसी स्थान पर हिंसा या अव्यवस्था हुई है तो दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन पूरे समुदाय या पूरी यात्रा को बदनाम नहीं किया जाना चाहिए।
सोशल मीडिया पर भी छिड़ी बहस
इस विवाद के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी तीखी बहस देखने को मिल रही है। एक पक्ष धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के बयान का समर्थन कर रहा है, जबकि दूसरा पक्ष मौलाना साजिद रशीदी के बयान पर अपनी अलग राय रख रहा है। कई यूजर्स ने धार्मिक सौहार्द बनाए रखने की अपील भी की है।
विशेषज्ञों का मानना है कि धार्मिक विषयों पर सार्वजनिक बयान देते समय सभी पक्षों को संयम बरतना चाहिए ताकि समाज में तनाव की स्थिति न बने।














