उमाकांत त्रिपाठी। नई दिल्ली। स्वतंत्रता दिवस 2026 के मौके पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की विकास यात्रा और पिछले वर्षों की उपलब्धियों का जिक्र किया। **PM Modi Independence Day Speech 2026** में पीएम मोदी ने कोरोना महामारी और रूस-यूक्रेन युद्ध जैसे वैश्विक संकटों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद भारत ने जरूरी वस्तुओं और ऊर्जा की उपलब्धता बनाए रखी। उन्होंने कहा कि संकट के दौरान कई तरह की आशंकाएं जताई गई थीं, लेकिन भारत ने चुनौतियों के बीच अपनी क्षमताओं को मजबूत किया।
2036 के ओलंपिक को देखते हुए देश के गांवों से लेकर शहरों तक टैलेंट हंट का एक बड़ा अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत 5 से 15 साल के बच्चों की खेल प्रतिभा को स्पेशल ट्रेनिंग से निखारा जाएगा। pic.twitter.com/aeLLaWrkoC
— Narendra Modi (@narendramodi) August 15, 2026
प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना संकट और रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान भविष्यवक्ताओं ने देश को डराने की कोशिश की थी। लोगों से कहा जा रहा था कि भारत को वैक्सीन नहीं मिलेगी, डीजल, गैस और फर्टिलाइजर की कमी हो जाएगी। पीएम के मुताबिक, इन तमाम आशंकाओं के बावजूद देश ने अपनी जरूरतों को पूरा किया और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ा।
उन्होंने किसानों के लिए यूरिया और डीएपी की कीमतों का भी जिक्र किया। पीएम मोदी ने कहा कि वैश्विक बाजार में यूरिया की कीमत काफी अधिक है, लेकिन भारत किसानों को इसे कम कीमत पर उपलब्ध करा रहा है।
PM Modi Independence Day Speech 2026 में ऊर्जा सुरक्षा पर बड़ा जोर
**PM Modi Independence Day Speech 2026** में ऊर्जा सुरक्षा प्रधानमंत्री के भाषण का एक महत्वपूर्ण विषय रही। पीएम मोदी ने कहा कि आधुनिक दुनिया ऊर्जा के बिना आगे नहीं बढ़ सकती। देश में बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है और इसलिए भारत के लिए ऊर्जा सुरक्षा समय की सबसे बड़ी जरूरतों में से एक है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने इस दिशा में कई कदम उठाए हैं। उन्होंने 2047 तक परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में 100 गीगावॉट क्षमता का लक्ष्य हासिल करने की बात भी कही। पीएम के मुताबिक, भारत को अपनी बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए अलग-अलग स्रोतों पर काम करना होगा।
उन्होंने कच्चे तेल के आयात पर भारत की निर्भरता का भी जिक्र किया। पीएम मोदी ने कहा कि देश को लंबे समय से कच्चे तेल के लिए दूसरे देशों पर निर्भर रहना पड़ा है और अब इस स्थिति को बदलने की जरूरत है।
प्रधानमंत्री ने समुद्र में तेल और गैस के संभावित भंडार की खोज का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले समुद्र के बड़े हिस्से को ‘नो-गो एरिया’ के रूप में रखा गया था। अब सरकार ने इसमें बदलाव करते हुए नए भंडार खोजने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं।
सोलर एनर्जी से लेकर PM सूर्य घर योजना तक
पीएम मोदी ने भारत में सौर ऊर्जा के विस्तार को भी बड़ी उपलब्धि के तौर पर पेश किया। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले देश में सोलर एनर्जी की क्षमता लगभग 2 गीगावॉट थी, जबकि अब यह 160 गीगावॉट तक पहुंच गई है।
प्रधानमंत्री ने **PM सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना** का उल्लेख करते हुए कहा कि लाखों घरों में सोलर एनर्जी लगाने का काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा के जरिए कई परिवारों का बिजली बिल कम हुआ है और कुछ लोग अतिरिक्त बिजली बेचकर आय भी प्राप्त कर रहे हैं।
पीएम मोदी के मुताबिक, यह केवल बिजली उत्पादन का मामला नहीं है, बल्कि इससे आम परिवारों को ऊर्जा के क्षेत्र में भागीदार बनाने का अवसर भी मिलता है। रूफटॉप सोलर के जरिए घरों को बिजली उत्पादन की प्रक्रिया से जोड़ने की दिशा में सरकार लगातार काम कर रही है।
रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशन और हाइड्रोजन ट्रेन का जिक्र
**PM Modi Independence Day Speech 2026** में प्रधानमंत्री ने रेलवे के आधुनिकीकरण को भी प्रमुखता दी। उन्होंने कहा कि देश में रेलवे के लगभग 70 प्रतिशत हिस्से का इलेक्ट्रिफिकेशन किया जा चुका है।
पीएम मोदी ने कहा कि बिजली से ट्रेन चलने का सीधा लाभ पर्यावरण को मिलता है। उन्होंने भारत में हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन की शुरुआत का भी उल्लेख किया और इसे देश की तकनीकी क्षमता से जोड़कर देखा।
रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशन के साथ-साथ नई तकनीक का इस्तेमाल भारत के परिवहन क्षेत्र को ज्यादा आधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रधानमंत्री ने देश की कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर को भविष्य के विकास का आधार बताया।
सेमीकंडक्टर से इलेक्ट्रॉनिक्स तक आत्मनिर्भर भारत
प्रधानमंत्री ने **Make in India**, स्वदेशी और **Vocal for Local** को भी अपने भाषण में प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि सेमीकंडक्टर आज दुनिया की लगभग हर आधुनिक तकनीक के लिए जरूरी हो गया है।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत में लंबे समय से सेमीकंडक्टर निर्माण की चर्चा होती रही, लेकिन अब देश ने इस दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। उन्होंने बताया कि भारत में सेमीकंडक्टर के तीन प्लांट शुरू हो चुके हैं और वहां से निर्यात भी शुरू हो गया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि चिप के बिना आधुनिक दुनिया की कल्पना मुश्किल है। मोबाइल फोन से लेकर ऑटोमोबाइल, रक्षा उपकरण, कंप्यूटर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तक लगभग हर आधुनिक क्षेत्र में सेमीकंडक्टर की भूमिका महत्वपूर्ण है। ऐसे में भारत का इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने का प्रयास रणनीतिक रूप से भी अहम है।
12 साल में कई क्षेत्रों में तेज विकास का दावा
**PM Modi Independence Day Speech 2026** में प्रधानमंत्री ने पिछले 12 वर्षों के दौरान अलग-अलग क्षेत्रों में हुई प्रगति के आंकड़े भी सामने रखे। उन्होंने कहा कि इस अवधि में डिफेंस प्रोडक्शन में चार गुना, खादी और ग्रामोद्योग में पांच गुना और इलेक्ट्रिक मैन्युफैक्चरिंग में सात गुना बढ़ोतरी हुई है।
पीएम मोदी ने रेलवे कोच निर्माण में 21 गुना और मोबाइल फोन उत्पादन में 33 गुना वृद्धि का दावा किया। उन्होंने कहा कि देश में इंटरनेट यूजर्स की संख्या चार गुना बढ़ी है, जबकि डिजिटल ट्रांजैक्शन में 100 गुना वृद्धि हुई है।
प्रधानमंत्री ने नल से जल कनेक्शन, गैस कनेक्शन और शौचालय निर्माण की रफ्तार का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, पिछले वर्षों में इन क्षेत्रों में काम की गति में कई गुना बढ़ोतरी हुई है। गरीब परिवारों को घर देने की रफ्तार भी पहले की तुलना में तेज हुई है।
25 करोड़ लोगों के गरीबी से बाहर आने का दावा
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में 25 करोड़ देशवासी गरीबी से बाहर आए हैं। उन्होंने भारत को दुनिया की प्रमुख तेज गति से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्थाओं में शामिल बताया।
पीएम ने कहा कि 140 करोड़ भारतीयों के संकल्प को रोकना आसान नहीं है। उनके मुताबिक, भारत ने अब बड़े सपने देखने शुरू कर दिए हैं और दुनिया का भारत की ओर देखने का नजरिया भी बदला है।
उन्होंने 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को दोहराते हुए कहा कि जब दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाला देश विकसित भारत का संकल्प लेता है तो इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ता है।
आत्मनिर्भर भारत ही भविष्य की जरूरत: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भरता को अपने भाषण के केंद्र में रखते हुए कहा कि भारत को दूसरे देशों पर निर्भर रहकर आगे नहीं बढ़ना है। उन्होंने कहा कि दुनिया में कई चीजें सस्ती और आसानी से मिल सकती हैं, लेकिन हर जरूरत के लिए दूसरे देशों पर निर्भर रहने से देश की अपनी क्षमता विकसित नहीं होती।
पीएम मोदी ने बदलते वैश्विक माहौल का जिक्र करते हुए कहा कि आज दुनिया में कई चीजों को रणनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। ऐसे समय में भारत के लिए अपनी सप्लाई चेन, उत्पादन क्षमता और ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि **Vocal for Local**, Make in India और स्वदेशी की भावना अब देशवासियों से जुड़ रही है। भारत को अपने उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने के साथ-साथ गुणवत्ता और विश्वसनीयता पर भी ध्यान देना होगा।
2047 तक विकसित भारत का संकल्प
**PM Modi Independence Day Speech 2026** का व्यापक संदेश आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण पर केंद्रित रहा। पीएम मोदी ने कहा कि देश अब छोटे सपनों के साथ आगे नहीं बढ़ सकता। भारत को बड़े लक्ष्य तय करने होंगे और उन्हें हासिल करने के लिए अपनी पूरी ताकत लगानी होगी।
ऊर्जा सुरक्षा, सोलर पावर, रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशन, हाइड्रोजन ट्रेन, सेमीकंडक्टर, डिजिटल ट्रांजैक्शन, मैन्युफैक्चरिंग और आत्मनिर्भरता जैसे मुद्दों को एक साथ रखते हुए प्रधानमंत्री ने भारत की विकास यात्रा की तस्वीर पेश की।
उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में देश ने कई चुनौतियों के बीच अपनी क्षमताओं को बढ़ाया है। अब लक्ष्य केवल विकास की गति बनाए रखना नहीं, बल्कि 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित करना है। स्वतंत्रता दिवस के मंच से प्रधानमंत्री का जोर इसी बात पर रहा कि भारत अपनी जरूरतों के लिए मजबूत बने, वैश्विक संकटों का सामना करने में सक्षम हो और दुनिया के सामने एक आत्मनिर्भर आर्थिक एवं तकनीकी शक्ति के रूप में उभरे।














