उमाकांत त्रिपाठी। नई दिल्ली। देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित किया। **PM Modi Independence Day Speech 2026** में प्रधानमंत्री ने विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए देश की ताकत की ‘सप्तधारा’ का रोडमैप सामने रखा। करीब 76 मिनट के संबोधन में पीएम मोदी ने मैन्युफैक्चरिंग, किसान और फूड प्रोसेसिंग, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन, गति शक्ति, डिफेंस, ग्रीन और ब्लू इकोनॉमी तथा भारत के सॉफ्ट पावर को देश की भविष्य की ताकत बताया।
गरीब और मिडिल क्लास परिवारों पर कोचिंग क्लासेज का आर्थिक बोझ ना आए, इसलिए हमने युवाओं के लिए विभिन्न परीक्षाओं की फ्री ऑनलाइन कोचिंग का निर्णय लिया है। इस दिशा में हम एक मजबूत नेटवर्क भी खड़ा करने वाले हैं। pic.twitter.com/3PIfQpJhYA
— Narendra Modi (@narendramodi) August 15, 2026
**PM Modi Independence Day Speech 2026** में प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि आने वाले 5-7 वर्षों में उन कामों को पूरा करने की कोशिश होनी चाहिए, जो पिछले कई दशकों में नहीं हो पाए। उन्होंने वर्क कल्चर और काम की गति में बदलाव की जरूरत पर जोर दिया। पीएम ने कहा कि भारत को केवल घरेलू बाजार तक सीमित नहीं रहना है, बल्कि दुनिया के बाजार में भारतीय उत्पादों की पहचान और विश्वसनीयता मजबूत करनी है।
लाल किले से संबोधन के बाद प्रधानमंत्री बच्चों से भी मिले। इस दौरान एक छात्रा उनके पैर छूने के लिए झुकी तो उसकी टोपी जमीन पर गिर गई। पीएम मोदी ने खुद जमीन से टोपी उठाई और बच्ची के सिर पर वापस रख दी। इस सहज पल का वीडियो और तस्वीरें भी चर्चा में रहीं।
PM Modi Independence Day Speech 2026 में ‘सप्तधारा’ का विजन
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में देश के विकास के लिए सात प्रमुख शक्तियों की बात की। उन्होंने कहा कि इन सात धाराओं के सामर्थ्य और शक्ति से भारत को नई ऊंचाई और नई गति दी जा सकती है।
सबसे पहले पीएम मोदी ने **मैन्युफैक्चरिंग** को मजबूत करने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि भारत को छोटे-छोटे पुर्जों से लेकर कंपोनेंट और पूरी मैन्युफैक्चरिंग तक अपनी क्षमता विकसित करनी होगी। भारतीय उद्योगों को वैश्विक बाजार में गुणवत्ता और विश्वसनीयता के साथ अपनी पहचान बनानी होगी।
पीएम ने साफ कहा कि क्वालिटी से किसी भी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए। भारत को ऐसा मैन्युफैक्चरिंग हब बनाना होगा जहां पूरी दुनिया भरोसे के साथ अपने उत्पादों और सप्लाई चेन से जुड़ सके।
**PM Modi Independence Day Speech 2026** में दूसरी बड़ी शक्ति किसान और फूड प्रोडक्शन प्रोसेसिंग को बताया गया। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के मसाले, फल, फूल और दूसरे कृषि उत्पादों को वैश्विक बाजार में पहचान मिलनी चाहिए। इसके लिए केवल उत्पादन बढ़ाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि फूड प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन पर भी ध्यान देना जरूरी है।
AI, डेटा सेंटर और क्वांटम टेक्नोलॉजी पर भारत की नजर
प्रधानमंत्री मोदी ने टेक्नोलॉजी और इनोवेशन को सप्तधारा की तीसरी शक्ति बताया। **PM Modi Independence Day Speech 2026** में उन्होंने कहा कि आज का समय डेटा सेंटर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्वांटम टेक्नोलॉजी का है।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत को इनोवेशन का हब बनना होगा। इसके साथ ही भारत की डिजिटल पब्लिक टेक्नोलॉजी को दुनिया के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचाने की जरूरत है।
यह संदेश ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब AI और डिजिटल तकनीक दुनिया की अर्थव्यवस्था और रोजगार के स्वरूप को तेजी से बदल रही है। प्रधानमंत्री ने इससे पहले युवाओं को AI स्किल्स देने की दिशा में भी बड़ा लक्ष्य रखा। ऐसे में टेक्नोलॉजी और इनोवेशन को विकसित भारत के विजन का अहम हिस्सा बनाना सरकार की प्राथमिकता को दर्शाता है।
पीएम मोदी का जोर केवल AI के इस्तेमाल तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने भारत को तकनीक विकसित करने और नई तकनीकों में नेतृत्व करने की दिशा में आगे बढ़ने की जरूरत बताई।
गति शक्ति से तेज होगी देश की कनेक्टिविटी
सप्तधारा की चौथी शक्ति के रूप में प्रधानमंत्री ने **गति शक्ति** का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश में सीमलेस और तेज कनेक्टिविटी को बढ़ाना होगा।
पीएम मोदी ने शहरों को मेट्रो से जोड़ने, पोर्ट्स को पोर्ट-लैंड डेवलपमेंट की दिशा में आगे बढ़ाने और देश के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर जोर दिया। बेहतर कनेक्टिविटी को उन्होंने आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण आधार बताया।
तेज परिवहन व्यवस्था का सीधा असर व्यापार, उद्योग, रोजगार और लॉजिस्टिक्स पर पड़ता है। ऐसे में **PM Modi Independence Day Speech 2026** में गति शक्ति का जिक्र देश के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के व्यापक विजन से जुड़ा रहा।
डिफेंस और साइबर सिक्योरिटी पर आत्मनिर्भरता
सप्तधारा की पांचवीं शक्ति के रूप में प्रधानमंत्री ने **रक्षा शक्ति** को रखा। पीएम मोदी ने कहा कि डिफेंस में आत्मनिर्भर होने की दिशा में भारत की क्षमता को देश और दुनिया अनुभव कर चुके हैं।
प्रधानमंत्री ने रक्षा क्षेत्र के साथ साइबर सुरक्षा को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि साइबर सिक्योरिटी अब हर घर के लिए चुनौती बन रही है और यह भी रक्षा का ही एक क्षेत्र है। इसमें देश की युवा शक्ति के सामर्थ्य का इस्तेमाल किया जा सकता है।
इससे साफ है कि भारत की सुरक्षा को अब केवल सीमा और पारंपरिक सैन्य ताकत तक सीमित नहीं देखा जा रहा है। डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, साइबर स्पेस और नई तकनीक भी राष्ट्रीय सुरक्षा का अहम हिस्सा बन चुके हैं।
ग्रीन और ब्लू इकोनॉमी से नई ताकत
प्रधानमंत्री ने सप्तधारा की छठी शक्ति के रूप में **ग्रीन इकोनॉमी और ब्लू इकोनॉमी** को सामने रखा। उन्होंने ग्रीन हाइड्रोजन, रिन्यूएबल एनर्जी, एनर्जी स्टोरेज, ग्रीन मोबिलिटी और ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग को वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ाने की बात कही।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत केवल समस्याओं का सामना करने वाला देश नहीं है, बल्कि दुनिया की समस्याओं के समाधान देने की क्षमता भी रखता है। उन्होंने भारत को ग्रीन मूवमेंट की ताकत के साथ आगे बढ़ाने की बात कही।
वहीं ब्लू इकोनॉमी के लिए भारत की लंबी तटरेखा, फिशरीज, कोस्टल टूरिज्म और कोस्टल टेक्नोलॉजी को बड़ी संभावनाओं वाला क्षेत्र बताया गया।
योग और संस्कृति भारत की Soft Power
सप्तधारा की सातवीं शक्ति के रूप में प्रधानमंत्री ने भारत के **सॉफ्ट पावर** का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि योग ने पूरी दुनिया को भारत के साथ जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
पीएम मोदी ने योग के साथ आयुर्वेद, होलिस्टिक हेल्थकेयर, आस्था के केंद्रों, हैंडीक्राफ्ट, संस्कृति, फिल्मों, गेमिंग, क्रिएटिव वर्ल्ड, VFX, एनीमेशन और डिजिटल कंटेंट जैसे क्षेत्रों को भी भारत की वैश्विक ताकत बताया।
उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों को वैश्विक सामर्थ्य के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने भारत के वर्ल्ड ऑडियो विजुअल एंड एंटरटेनमेंट समिट का भी उल्लेख किया और कहा कि दुनिया आज भारत की इस क्षमता को लेकर उम्मीद कर रही है।
दुनिया के टॉप 5 बैंक और Fortune 500 में 50 भारतीय कंपनियों का लक्ष्य
**PM Modi Independence Day Speech 2026** में प्रधानमंत्री ने भारत के कॉरपोरेट और वित्तीय क्षेत्र को लेकर भी बड़े लक्ष्य सामने रखे। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में Fortune 500 में भारत की 50 कंपनियां होनी चाहिए।
इसके साथ ही उन्होंने दुनिया के टॉप 5 बैंकों में भारत की कम से कम एक बैंक के शामिल होने का लक्ष्य भी बताया। पीएम मोदी ने भारतीय कंसल्टिंग और अकाउंटिंग फर्म्स को भी वैश्विक स्तर पर शीर्ष स्थान हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।
यह संदेश भारत की अर्थव्यवस्था को केवल घरेलू विकास तक सीमित न रखकर वैश्विक आर्थिक शक्ति के रूप में स्थापित करने की सोच को दर्शाता है।
आत्मनिर्भर भारत और ग्लोबल मार्केट पर जोर
प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भरता के मुद्दे को भी अपने संबोधन में प्रमुखता दी। उन्होंने कहा कि जब भारत आत्मनिर्भरता की बात करता था, तब कुछ लोग ग्लोबलाइजेशन का हवाला देकर सवाल उठाते थे। लेकिन बदलती वैश्विक परिस्थितियों ने यह दिखाया है कि देश के लिए अपनी क्षमताओं को मजबूत करना कितना जरूरी है।
पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया में कई चीजें उपलब्ध हैं, लेकिन भारत को अपनी क्षमता खुद विकसित करनी होगी। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में वैश्विक स्तर पर कई चीजों का इस्तेमाल रणनीतिक दबाव के तौर पर किया जा रहा है। ऐसे में आत्मनिर्भरता केवल आर्थिक नीति नहीं, बल्कि देश की रणनीतिक जरूरत भी है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के पास स्थिर सरकार, मजबूत न्याय तंत्र और संविधान जैसी ताकतें हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया भारत की क्षमता को पहचानने लगी है और अलग-अलग देशों के साथ ट्रेड एग्रीमेंट तथा FTA के जरिए भारतीय उत्पादों के लिए वैश्विक बाजार के रास्ते खुल रहे हैं।
5-7 साल में बड़े बदलाव का संकल्प
**PM Modi Independence Day Speech 2026** का सबसे बड़ा संदेश यही रहा कि भारत को आने वाले वर्षों में विकास की रफ्तार और कार्य संस्कृति दोनों बदलनी होंगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के पास किसान, युवा और महिलाओं की शक्ति है और इन्हीं के भरोसे विकसित भारत का सपना पूरा किया जा सकता है।
लाल किले से पीएम मोदी का संदेश केवल सरकार की योजनाओं तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने उद्योग, किसान, युवा, तकनीक, रक्षा, पर्यावरण, संस्कृति और वैश्विक व्यापार को एक साथ जोड़कर भारत की भविष्य की तस्वीर सामने रखने की कोशिश की।
80वें स्वतंत्रता दिवस पर दिया गया **PM Modi Independence Day Speech 2026** इस लिहाज से भी महत्वपूर्ण रहा कि इसमें विकसित भारत के लक्ष्य को सात प्रमुख शक्तियों से जोड़ते हुए अगले 5-7 वर्षों की दिशा बताई गई। अब इन लक्ष्यों को जमीन पर किस गति से लागू किया जाता है, यह आने वाले वर्षों में भारत की आर्थिक और वैश्विक भूमिका को तय करने में महत्वपूर्ण होगा।














