जनता के पैसों से जगन ने अपने लिए बनवाया महल, 500 करोड़ रुपए किए खर्च, TDP ने लगाया बड़ा आरोप

जनता के पैसों से जगन ने अपने लिए बनवाया महल, 500 करोड़ रुपए किए खर्च, TDP ने लगाया बड़ा आरोप

उमाकांत त्रिपाठी।आंध्र प्रदेश में सरकार बनाने के बाद तेलुगु देशम पार्टी (TDP) ने पूर्व CM और YSRCP प्रेसिडेंट जगन मोहन रेड्डी पर सार्वजनिक धन के गलत उपयोग का आरोप लगाया है।TDP का कहना है कि जगन ने विशाखापट्टनम में समुद्र के किनारे रुशिकोंडा पहाड़ी पर अपने लिए लग्जरी सी-फेसिंग रिजॉर्ट बनवाया है। इसमें जनता का 500 करोड़ रुपए खर्च किया है।TDP विधायक जी श्रीनिवास राव ने NDA डेलिगेशन और पत्रकारों के साथ रिजॉर्ट का दौरा किया था। इसके बाद पार्टी ने 16 जून को X पर पोस्ट शेयर करके दावा किया कि इस ​​​​​​रिजॉर्ट के इंटीरियर डिजाइन में 33 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं।आरोप है कि रिजॉर्ट में 15 लाख रुपए की कीमत वाले 200 झूमर लगाए गए हैं। महंगी कलरफुल लाइट्स लगाई गई हैं। बाथरूम से लेकर पूरे रिजॉर्ट में सेंट्रल एयर कंडीशनिंग सिस्टम है।

पढ़िए-श्रीनिवास राव के दौरे के बाद TDP का दावा

रुशिकोंडा रिजॉर्ट 1 लाख 41 हजार 433 स्क्वायर मीटर में बना है। इसमें 12 बेडरूम हैं। यहां बने बाथरूम में से कुछ का एरिया 480 स्क्वायर फीट तक है।
रुशिकोंडा हिल को काटकर यहां पर तीन आलीशान महलनुमा लग्जरी बिल्डिंग बनाई गई हैं। जगन सरकार ने इस पर लगभग 452 करोड़ रुपए में से करीब 407 करोड़ रुपए खर्च किया है।

कलिंगा ब्लॉक के पहले फ्लोर के सीटिंग हॉल में 2 लाख रुपए का झूमर लगाया गया है। गैलरी में इम्पोर्डेड संगमरमर लगाया गया है और रिजॉर्ट में 200 से ज्यादा झूमर लगे हैं।
कलिंगा ब्लॉक में वॉल टु वॉल स्क्रीन वाला होम थिएटर भी है। गजपति और वेंगी ब्लॉक्स में भी इसी तरह की व्यवस्था है। सरकार ने रिजॉर्ट के इंटीरियर में 33 करोड़ रुपए और लैंड स्कैपिंग में 50 करोड़ रुपए खर्चे हैं।

ये प्रोजेक्ट आंध्र प्रदेश टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए है, तो 7266 वर्ग मीटर में फैले विशाल मीटिंग हॉल की क्या जरूरत पड़ी। बाथरूम से लेकर पूरे रिजॉर्ट में सेंट्रल एयर कंडीशनिंग है।

पूरा परिसर सेंट्रल एयर कंडीशनिंग से सुसज्जित है। सी-फेसिंग डाइनिंग हॉल है। हर बेडरूम में 12 बेड हैं। बाथरूम में स्पा की सुविधाएं शामिल हैं।

TDP का आरोप है कि इस प्रॉपर्टी को जगन रेड्डी के लिए कैम्प कार्यालय के तौर पर बनाया गया था। निर्माण लागत को छुपाया गया और निर्माण के ठेके जगन के समर्थकों को दिए गए।

इस रिजॉर्ट के लिए पहाड़ी पर बने ग्रीन रिजॉर्ट को ढहाया गया, जिनसे सरकार को हर साल 8 करोड़ रुपए तक की आय होती थी।

जगन सरकार ने रिजॉर्ट को लेकर अदालत को गुमराह किया। शुरुआत में राज्य सरकार ने इसे एक स्टार होटल बताया। इसके बाद CM कैंप ऑफिस कहा गया और बाद में टूरिज्य प्रोजेक्ट बताया।
95 करोड़ रुपए केवल जमीन को समतल करने पर खर्च किए गए। 21 करोड़ रुपए इलाके को सुंदर बनाने पर खर्च किए गए। निर्माण गतिविधियों को छिपाने के लिए 20 फीट की बैरिकेडिंग लगाई गई थी।

इस परियोजना को कोर्ट में चुनौती दी गई थी। हाई कोर्ट की बनाई विशेषज्ञ समिति ने इसमें कई उल्लंघन पाए। इसके बावजूद निर्माण जारी रहा।
रिजॉर्ट में लगे बाथटब की कीमत 26 लाख रुपए है। जगन ने अपनी पत्नी के लिए 500 करोड़ रुपए का महल बनवाया। पत्नी ने बीच व्यू पैलेस खरीदने के लिए कहा तो उन्होंने सभी नियम तोड़ दिए।