उ.प्र के मुख्यमंत्री सीएम योगी आदित्यनाथ से मोहन भागवत कर सकते है मुलाकात,भागवत बोले-अहंकार न पालें…के सख्त संदेश के बाद ये मुलाकात होगी बेहद अहम;

उ.प्र के मुख्यमंत्री सीएम योगी आदित्यनाथ से मोहन भागवत कर सकते है मुलाकात,भागवत बोले-अहंकार न पालें…के सख्त संदेश के बाद ये मुलाकात  होगी बेहद अहम;

उमाकांत त्रिपाठी।संघ प्रमुख मोहन भागवत 5 दिन के लिए गोरखपुर में है। प्रवास के चौथे दिन आज, शनिवार (15 जून) को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अहम मुलाकात संभव है। भाजपा और संघ की खींचतान के बीच ये मुलाकात बेहद अहम है। लोकसभा चुनाव नतीजों के बाद मोहन भागवत की पहली प्रतिक्रिया बेहद तीखी आई थी। भागवत ने कहा था- ‘काम करें, अहंकार न पालें’।10 जून को RSS चीफ मोहन भागवत ने नागपुर में संघ के कार्यकर्ता विकास वर्ग के समापन में चुनाव, राजनीति और राजनीतिक दलों के रवैये पर बात की थी। भागवत ने कहा था- जो मर्यादा का पालन करते हुए कार्य करता है, गर्व करता है, किंतु लिप्त नहीं होता, अहंकार नहीं करता, वही सही अर्थों में सेवक कहलाने का अधिकारी है।

RSS और BJP के बीच नहीं है कोई दरार
मोहन भागवत की तल्ख टिप्पणी के बाद संघ ने भाजपा के साथ नाराजगी की बात को खारिज कर दिया था। संघ से जुड़े एक पदाधिकारी ने पीटीआई को बताया- संघ और भाजपा के बीच कोई दरार नहीं है। विपक्षी नेताओं सहित लोगों के एक वर्ग ने यह भ्रम फैलाया कि RSS चीफ भागवत का बयान चुनावों में खराब प्रदर्शन को लेकर भाजपा नेतृत्व को सख्त संदेश था।उन्होंने दावा किया कि उनके (भागवत) भाषण में 2014 और 2019 के लोकसभा चुनावों के बाद दिए गए भाषण से बहुत अंतर नहीं था। लेकिन इसे गलत तरीके से समझा गया। उनकी ‘अहंकार’ वाली टिप्पणी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या किसी भाजपा नेता के लिए नहीं थी।

 

यूपी में भाजपा को 29 सीटों का नुकसान
भाजपा को लोकसभा चुनाव-2024 में 240 सीटें मिली थीं, जो बहुमत के आंकड़े 272 से 32 कम है। सबसे अधिक नुकसान उत्तर प्रदेश में हुआ। यहां भाजपा को महज 33 सीटें मिली, जो 2019 के आम चुनाव के मुकाबले 29 सीटें कम है।

स्वयंसेवक गुजरे तो खड़े हो गए मोहन भागवत
RSS चीफ मोहन भागवत की मौजूदगी में शनिवार को स्वयंसेवकों ने पथसंचलन किया। पथसंचलन में संघ का अनुशासन का प्रशिक्षण दिया गया। संघ के घोष दल की मधुर ध्वनि के बीच पूर्ण गणवेश में स्वयंसेवकों ने पथसंचलन में वसुधैव कुटुंबकम का संदेश दिया। पथसंचलन का जगह-जगह पुष्पवर्षा से स्वागत किया गया।

अनुशासनबद्ध होकर स्वयंसेवक पथसंचलन करते हुए मंच के सामने से गुजरे तो RSS और सर्वाधिकारी खड़े हो गए।
पथसंचलन की शुरूआत सरस्वती विद्या मंदिर चिउटहा मानीराम से हुई। स्कूल के बाहर एक मंच पर RSS चीफ मोहन भागवत और सर्वाधिकारी प्रो. राधाकृष्णपाल सिंह मौजूद रहे। अनुशासनबद्ध होकर स्वयंसेवक पथसंचलन करते हुए मंच के सामने से गुजरे तो RSS और सर्वाधिकारी खड़े हो गए।

जानिए गोरखपुर से संघ प्रमुख ने क्या संदेश दिए…

मुख्यमंत्री का अधिकृत कार्यक्रम अभी जारी नहीं हुआ है, लेकिन प्रशासन मुख्यमंत्री के आगमन की तैयारियों में जुटा है।
1- राष्ट्रवाद की भावना को मजबूत करें, भेदभाव दूर करें
मोहन भागवत ने शताब्दी वर्ष में संघ को गांवों तक पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा- 2025 में संघ अपने शताब्दी वर्ष में प्रवेश करेगा। ऐसे में हर गांव तक संघ को पहुंचाना होगा। हमें भेदभाव दूर करना होगा, अगले साल तक ऐसा कोई गांव नहीं बचना चाहिए, जहां संघ न हो। हमें अपनी भाषा और व्यवहार में संयम रखते हुए सभी तक पहुंचना है।

RSS चीफ प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बुधवार की शाम गोरखपुर पहुंचे।
2- हम शताब्दी वर्ष में पहुंच रहे, हमें कुछ बड़ा करना होगा
RSS चीफ ने कहा- 1925 में विजया-दशमी के दिन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना हुई थी। अगले साल संघ की स्थापना के 100 साल पूरे होंगे। शताब्दी वर्ष संघ के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण वर्ष है। शताब्दी वर्ष में हम सभी स्वयंसेवकों का दायित्व संघ के व्यापक विकास का होना चाहिए।

SVM पब्लिक स्कूल के मुख्य गेट पर मोहन भागवत की सुरक्षा में तैनात फोर्स।
3- संघ की नकारात्मक छवि बनाने वालों से सावधान रहें
मोहन भागवत ने संघ के सामाजिक सरोकारों पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा- कोरोनाकाल में संघ के स्वयंसेवकों ने अपनी जान की परवाह किए बिना पीड़ितों और उनके परिजनों की मदद की। राष्ट्र के समक्ष जब कोई संकट आया, उसका स्वयंसेवकों ने डटकर मुकाबला किया, लेकिन कुछ लोग समाज में संघ की नकरात्मक छवि बनाने का प्रयास भी करते हैं। ऐसे लोगों से बचिए, जो आपकी सेवा की भावना को खराब करते हैं, उनसे दूरी बनाकर रखनी चाहिए।

अब जानिए संघ BJP से नाराज क्यों?

1. UP में टिकट बंटवारे पर RSS सहमत नहीं
चुनाव में UP ने भाजपा को बड़ा झटका दिया। इसे RSS ने टिकट बंटवारे के वक्त ही भांप लिया था। संघ ने 10 से ज्यादा सीटों पर कैंडिडेट्स पर असहमति जताई थी। इनमें प्रतापगढ़, श्रावस्ती, कौशांबी, रायबरेली और कानपुर जैसी सीटें शामिल थीं। कानपुर के अलावा सभी सीटों पर भाजपा कैंडिडेट्स की हार हुई।

2. चुनावी मुद्दों को इग्नोर किया
RSS ने भाजपा को मुद्दों की एक लिस्ट सौंपी थी। इसमें कहा गया था कि विपक्ष पर ED-CBI की कार्रवाई करने के बजाय, अपने अचीवमेंट गिनाना चाहिए। नेशनल और इंटरनल सिक्योरिटी के मुद्दे पर सरकार के पास कई उपलब्धियां हैं। RSS की सलाह थी कि ग्राउंड में जनता इन मुद्दों को सुनना भी चाहती है। हम इस पर रिपोर्ट कार्ड भी दे सकते थे। संघ का कहना था कि मुफ्त के खेल में विपक्ष हमसे बहुत आगे है। इसलिए हमें मुफ्त में राशन देना बंद करना चाहिए।

2025 तक हर गांव में RSS की शाखा खोलने का लक्ष्य।
3- जिलाध्यक्षों की नियुक्ति में संघ को नहीं मिला महत्व
लोकसभा चुनाव से पहले BJP ने संगठन में कई बदलाव किए। कई जिलों के अध्यक्ष और क्षेत्रीय अध्यक्षों को जिम्मेदारी दी गई थी। इसमें संघ परिवार के फीडबैक की अनदेखी की गई। खासतौर से काशी के क्षेत्रीय अध्यक्ष और कुछ पदाधिकारियों की नियुक्ति को लेकर संघ ने नाराजगी भी व्यक्त की थी। वाराणसी समेत कई लोकसभा क्षेत्रों में मतदान प्रतिशत में भारी कमी आने के पीछे पदाधिकारियों की मनमानी नियुक्ति को भी एक बड़ा कारण माना गया।

योगी से चुनाव परिणाम और आगे की रणनीति पर होगी बात
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज, शुक्रवार को वाराणसी का दौरा पूरा करने के बाद शाम को गोरखपुर पहुंच रहे हैं। वह यहां दो दिवसीय दौरे पर हैं। लोकसभा चुनाव परिणाम के बाद मोहन भागवत से योगी की ये पहली मुलाकात है। इसी वजह से इस मुलाकात को खास माना जा रहा है। CM और मोहन भागवत इस दौरान लोकसभा चुनाव और भारत में संघ के विस्तार को लेकर पर बात कर सकते हैं।

जानिए योगी और मोहन भागवत की मुलाकात के मायने-

1- योगी को मजबूत करने का संदेश दे सकते हैं भागवत
लोकसभा चुनाव के बीच दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक बड़ा बयान दिया। केजरीवाल ने कहा था- चुनाव खत्म होते ही योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री पद से हटा दिया जाएगा। ये बयान पूरे चुनाव में चर्चा का विषय बना रहा। मोहन भागवत से मुलाकात के बाद योगी को संघ का मॉरल सपोर्ट मिलेगा। मोहन भागवत योगी को मजबूत करने का मैसेज भी दे सकते हैं। हालांकि, इस दौरान चुनावी समीक्षा पर भी बातचीत होगी।

तस्वीर 8 महीने पहले की है। हरियाण के रोहतक में UP के CM योगी आदित्यनाथ और RSS प्रमुख मोहन भागवत एक कार्यक्रम में शामिल हुए।
तस्वीर 8 महीने पहले की है। हरियाण के रोहतक में UP के CM योगी आदित्यनाथ और RSS प्रमुख मोहन भागवत एक कार्यक्रम में शामिल हुए।
2- भविष्य की राजनीति की तैयारी
लोकसभा चुनाव में UP के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ को नेशनल फेस बनाया गया। वह कई राज्यों में चुनाव प्रचार करने पहुंचे। ऐसे में राजनीतिक जानकार मानते हैं कि संघ भी भविष्य की राजनीति के नए चेहरे के रूप में योगी को आगे कर सकता है।

पूर्वांचल की हारी हुई 17 सीटों का फीडबैक लिया
RSS चीफ ने दो दिन में यहां 280 स्वयंसेवकों को प्रशिक्षण देने के साथ-साथ काशी, अवध और गोरक्षा प्रांत के संघ पदाधिकारियों से मुलाकात भी की है। बताया जा रहा है कि इस दौरान उन्होंने पूर्वांचल में चुनाव परिणाम का अनौपचारिक फीडबैक भी लिया है।