मुख्यमंत्री पद पर नए चेहरों की नियुक्ति पर पहली बार बोले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, दिया खुदा का उदाहरण

मुख्यमंत्री पद पर नए चेहरों की नियुक्ति पर पहली बार बोले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, दिया खुदा का उदाहरण

उमाकांत त्रिपाठी। जब से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्र में सरकार की बागडोर संभाली है, तब से कई राज्यों में ऐसे नए चेहरों को मौका दिया गया है। अब खुद पीएम मोदी ने इसपर खुलकर बात की।

क्या बोले पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि यह नया ट्रेंड नहीं है। वास्तव में भाजपा के भीतर इस प्रैक्टिस की सबसे बड़ी मिसाल तो मैं हूं। जब मुझे गुजरात का मुख्यमंत्री चुना गया, मुझे पहले का कोई प्रशासनिक अनुभव नहीं था और विधानसभा में चुना तक नहीं गया था। हां, यह नए ट्रेंड की तरह दिखाई दे सकता है, क्योंकि आज दूसरी ज्यादातर पार्टियां परिवारवादी पार्टियां हैं।

परिवारवाद पर बोला हमला
पीएम मोदी ने परिवारवादी पार्टियों को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि परिवारवादी पार्टियों को यह लोकतांत्रिक मंथन कठिन लगता है। भाजपा में एक ही समय नेतृत्व की कई पीढ़ियों को एक साथ पोषित करने की क्षमता है। भाजपा के अध्यक्षों को देखिए और आप हर कुछ वर्षों में नए चेहरे देखेंगे। हम सभी ने जमीनी कार्यकर्ता के रूप में शुरुआत की और समर्पण तथा कड़ी मेहनत के बूते ऊपर उठते गए।

युवा पीढ़ी को मिलना चाहिए मौका
पीएम मोदी ने कहा कि लोकतंत्र में नई पीढ़ियों और नए खून को अवसर देना बहुत जरूरी है। यह लोकतांत्रिक मंथन ही लोकतंत्र को जीवंत बनाता है। यह लोकतांत्रिक मंथन ही हमारी पार्टी को जीवंत बनाता है और हमारे कार्यकर्ताओं में आकांक्षा और उम्मीदों की लौ जगाए रखता है। उन्हें लगता है कि कड़ी मेहनत के बल पर वे भी पार्टी में ऊपर उठ सकते हैं।