अमर हुईं मौत से लड़कर जिंदगी की जंग जीतने वाली ये तस्वीरें, पीएम ने मजदूरों से की बात तो चेहरे पर आई चमक

अमर हुईं मौत से लड़कर जिंदगी की जंग जीतने वाली ये तस्वीरें, पीएम ने मजदूरों से की बात तो चेहरे पर आई चमक

उमाकांत त्रिपाठी। उत्‍तरकाशी स्थित टनल में फंसे मजदूरों को 17 दिन बाद आखिर बाहर निकाल लिया गया। इस रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सामने आई तस्वीरें अमर हो गई। भारतीय एजेंसियों ने मलबे के अंदर पाइप को धकेल कर एक रास्‍ता बनाया, जिसकी मदद से मजदूरों को बाहर निकाला गया। मजदूरों के बचाव अभियान में राज्य और केंद्र सरकार की एजेंसियों के साथ ही सेना, विभिन्न संगठन और विश्व के नामी टनल विशेषज्ञ शामिल थे। उत्तरकाशी सिलक्यारा सुरंग हादसे से निपटने को सीएम पुष्कर सिंह धामी से लेकर पीएम नरेंद्र मोदी की निगरानी में रेस्क्यू का महाअभियान चला। उत्तरकाशी के सिलक्यारा टनल से निकाले गए सभी 41 मजदूर सुरक्षित और स्वस्थ हैं। इन्हें चिन्यालीसौड़ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों और मेडिकल एक्सपर्ट्स की देखरेख में रखा गया। यहां रात भर इन्होंने आराम किया।

बाहर आते ही मजदूरों के चेहरे खिल उठे, उनके घरवालों ने भी राहत की सांस ली। 17 दिन से ये मजदूर सुरंग के अंदर जिंदगी की जंग लड़ रह थे। रेस्क्यू ऑपरेशन को लेकर भारत सरकार के रोड ट्रांसपोर्ट एंड हाइवे विभाग के एडिशनल सेक्रेटरी महमूद अहमद ने कहा- हमें भरोसा था कि हम कामयाब होंगे. सेफ्टी प्रोटोकॉल के बारे में पता था. हम संयमित होकर आगे बढ़ रहे थे।

PM मोदी ने मजदूर से कहा: नवयुवा इंजीनियर कंपनी लिमिटेड के शबा अहमद से पहले बातचीत की। पीएम ने कहा कि 17 दिन कम नहीं होते। आप लोगों ने बड़ी हिम्मत दिखाई। एक दूसरे का हौसला और धैर्य बनाए रखा। मैं लगातार जानकारी लेता रहता था। सीएम पुष्कर सिंह धामी के संपर्क में था। सबा अहमद ने कहा कि खाना आता था तो हम लोग मिलजुल के एक जगह बैठ के खाते थे। रात में खाना खाने के बाद सभी को बोलते थे कि चलो एक बार टहलते हैं। टनल का लेन ढाई किलोमीटर का था, उसमें हम लोग टहलते थे। इसके बाद मॉर्निंग के समय हम सभी वॉक और योगा करते थे।

12 नवंबर को सुरंग में फंसते ही सुपरवाइजर गबर सिंह नेगी को पानी भरता दिखा। उन्होंने पंप चला दिया। पंप ने पानी खींचा और 4 इंची पाइप के जरिए बाहर फेंकना शुरू किया। पाइप का एक छोर मलबे के दूसरी ओर था, इसलिए रेस्क्यू टीम को पंप की आवाज आ गई। उन्हें एहसास हो गया कि मजदूर जिंदा हैं। फिर इसी पाइप से मजदूरों से बातचीत हुई। उन्हें चने-​बिस्किट भेजे गए। वहीं, उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर के रहने वाले अखिलेश कुमार कहते हैं- सुरंग के अंदर पहले कुछ दिन दिक्कत हुई लेकिन जब सरकार और अधिकारियों ने हमसे संपर्क स्थापित कर लिया तो राहत महसूस हुई।

पीएम मोदी ने यह भी कहा कि विभिन्न एजेंसियों के इस बचाव अभियान ने सभी को भावुक कर दिया है। उत्तरकाशी में सिल्क्यारा सुरंग से श्रमिकों को बाहर निकाले जाने के तुरंत बाद एक्स ( ट्विटर) पर एक पोस्ट में प्रधानमंत्री ने अभियान में शामिल लोगों के जज्बे को सलाम किया।