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सांपों के बारे में 10 झूठ, जिन्हें सच मान बैठी दुनिया, आप भी हैं अबतक इन सवालों से अंजान

खबर इंडिया की।Snake Myths: सांपों का नाम सुनते ही ज्यादातर लोगों के मन में डर, रहस्य और कई तरह की मान्यताएं उभर आती हैं। फिल्मों, टीवी धारावाहिकों और लोककथाओं में सांपों को लेकर कई ऐसी बातें दिखाई गई हैं, जिन्हें लोग आज भी सच मानते हैं। कोई कहता है कि सांप दूध पीते हैं, कोई मानता है कि वे इंसानों से बदला लेते हैं, तो कुछ लोगों का विश्वास है कि सांप बीन की धुन पर नाचते हैं। लेकिन क्या इन दावों का कोई वैज्ञानिक आधार है? आइए जानते हैं Snake Myths से जुड़े इन लोकप्रिय दावों की सच्चाई।

क्या सांप दूध पीते हैं?

भारत में नाग पंचमी जैसे त्योहारों पर सांपों को दूध पिलाने की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है। हालांकि विज्ञान इस धारणा का समर्थन नहीं करता।

विशेषज्ञों के अनुसार, सांप मांसाहारी जीव होते हैं। उनका प्राकृतिक भोजन चूहे, मेंढक, छिपकली, पक्षी और अन्य छोटे जीव हैं। स्मिथसोनियन नेशनल जू के अनुसार सांपों का पाचन तंत्र दूध को पचाने के लिए बना ही नहीं होता। उनमें स्तनधारियों की तरह दूध पचाने वाले एंजाइम नहीं पाए जाते।

कई बार लोग सांप को दूध पीते हुए देखते हैं, लेकिन इसका कारण यह हो सकता है कि वह लंबे समय से प्यासा हो। ऐसे में वह तरल पदार्थ पीने की कोशिश करता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि दूध उसकी प्राकृतिक खुराक है। लगातार दूध पिलाना सांप के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक भी हो सकता है।

क्या हर सांप जहरीला होता है?

यह भी सबसे बड़े Snake Myths में से एक है। दुनिया में हजारों प्रजातियों के सांप पाए जाते हैं, लेकिन सभी जहरीले नहीं होते।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और San Diego Zoo के अनुसार, केवल कुछ प्रजातियों में ही ऐसा विष होता है जो इंसानों के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। अधिकांश सांप या तो विषहीन होते हैं या उनका विष इंसानों के लिए घातक नहीं होता।

सांप अपने जहर का उपयोग मुख्य रूप से शिकार को पकड़ने और उसे पचाने में मदद के लिए करते हैं। वे बिना कारण इंसानों पर हमला नहीं करते। अधिकतर मामलों में सांप तभी काटते हैं, जब उन्हें खतरा महसूस होता है या कोई व्यक्ति गलती से उन पर पैर रख देता है।

क्या सांप बीन की धुन पर नाचते हैं?

सपेरों के खेल में अक्सर सांप को बीन की धुन पर झूमते हुए देखा जाता है। इसी वजह से लोगों के मन में यह धारणा बन गई कि सांप संगीत सुनकर नाचते हैं।

वास्तव में वैज्ञानिक तथ्य कुछ और बताते हैं। स्मिथसोनियन नेशनल जू के अनुसार सांपों के बाहरी कान नहीं होते, इसलिए वे इंसानों की तरह हवा में फैलने वाली आवाजें नहीं सुन सकते।

वे जमीन में होने वाले कंपन और सामने मौजूद वस्तु की हलचल को महसूस करते हैं। जब सपेरा बीन को दाएं-बाएं घुमाता है, तो सांप उसी हरकत पर नजर रखते हुए अपना सिर हिलाता है। देखने वालों को यही लगता है कि सांप संगीत पर नाच रहा है, जबकि वह केवल अपनी सुरक्षा के लिए सामने की गतिविधि पर नजर रख रहा होता है।

क्या सांप इंसानों का पीछा करते हैं?

कई लोग दावा करते हैं कि सांप किसी इंसान का पीछा करते हैं। लेकिन वन्यजीव विशेषज्ञ इस बात से सहमत नहीं हैं।

यूनिवर्सिटी ऑफ फ्लोरिडा के विशेषज्ञों के अनुसार, सांप सामान्य रूप से इंसानों से दूर रहना पसंद करते हैं। यदि कोई सांप किसी व्यक्ति की दिशा में आता दिखाई दे, तो इसका मतलब यह नहीं कि वह उसका पीछा कर रहा है।

ऐसी स्थिति में सांप सुरक्षित जगह खोज रहा हो सकता है, अपने बिल की ओर जा रहा हो सकता है या किसी झाड़ी में छिपने का रास्ता तलाश रहा हो सकता है। कई बार इंसान और सांप का रास्ता एक ही दिशा में होने के कारण ऐसा भ्रम पैदा हो जाता है।

क्या सांप बदला लेते हैं?

लोककथाओं और फिल्मों में अक्सर दिखाया जाता है कि यदि कोई व्यक्ति किसी सांप को मार देता है, तो उसका साथी सांप चेहरा याद रखकर बदला लेने आता है। लेकिन विज्ञान इस दावे को सही नहीं मानता।

मद्रास क्रोकोडाइल बैंक ट्रस्ट और सर्प विशेषज्ञों के अनुसार, अब तक ऐसा कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं मिला है कि सांप किसी इंसान का चेहरा पहचानकर वर्षों तक याद रखते हों या बदला लेने की योजना बनाते हों।

सांपों का व्यवहार मुख्य रूप से भोजन, प्रजनन और आत्मरक्षा तक सीमित होता है। वे इंसानों की तरह भावनात्मक या योजनाबद्ध प्रतिशोध की क्षमता नहीं रखते।

सांप दिखे तो क्या करें?

यदि आपके आसपास सांप दिखाई दे, तो घबराने की बजाय शांत रहें। उसे छेड़ने, पकड़ने या मारने की कोशिश न करें। सुरक्षित दूरी बनाए रखें और स्थानीय वन विभाग या प्रशिक्षित सर्प रेस्क्यू टीम को सूचना दें। अधिकांश सांप इंसानों से दूर रहना चाहते हैं और मौका मिलने पर खुद ही वहां से चले

सांप के काटने पर जहर चूस लेना चाहिए…

सांप के काटने के बाद घाव से जहर चूसना कोई असरदार इलाज नहीं है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, जहर चूसने या घाव को काटने जैसी पुरानी तकनीकों का कोई वैज्ञानिक फायदा साबित नहीं हुआ है. इससे घाव में संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है. इलाज में देरी हो सकती है. सांप के काटने पर सबसे जरूरी है कि मरीज को शांत रखा जाए, प्रभावित हिस्से को कम हिलाया जाए और जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाया जाए, जहां जरूरत पड़ने पर एंटीवेनम दिया जाता है.

सांप के काटने पर रस्सी या कपड़ा कसकर बांध देना चाहिए…

सांप के काटने के बाद हाथ या पैर को बहुत कसकर बांधना सही तरीका नहीं है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, गलत तरीके से बांधा गया टॉर्निकेट (बहुत कसकर बांधना) शरीर के उस हिस्से में खून का प्रवाह रोक सकता है. टिश्यूस को नुकसान पहुंचा सकता है. सांप के जहर को रोकने के लिए यह तरीका सुरक्षित नहीं माना जाता. सही इलाज के लिए मेडिकल मदद लेना सबसे जरूरी है.

सांप की जीभ जहरीली होती है…

सांप की जीभ जहरीली नहीं होती. सैन डिएगो जू और नेशनल ज्योग्राफिक के मुताबिक, सांप अपनी दोमुंही जीभ का इस्तेमाल आसपास की गंध और रासायनिक संकेतों को पहचानने के लिए करते हैं. जहर सांप के मुंह में मौजूद विष ग्रंथियों (Venom Glands) में बनता है. जहरीले सांप इसे अपने विशेष दांतों (Fangs) के जरिए शरीर में पहुंचाते हैं. जीभ का जहर से कोई संबंध नहीं होता.

छोटे सांप कम खतरनाक होते हैं…

सांप का छोटा या बड़ा होना उसकी जहरीलेपन की क्षमता तय नहीं करता. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और सैन डिएगो जू के मुताबिक, कुछ छोटी प्रजातियों के सांपों में भी खतरनाक जहर हो सकता है. किसी सांप का खतरा उसकी प्रजाति, जहर की क्षमता और काटने की स्थिति पर निर्भर करता है, उसके आकार पर नहीं. इसलिए किसी भी अज्ञात सांप को छूना या पकड़ना जोखिम भरा हो सकता है.

 

मरा हुआ सांप नुकसान नहीं पहुंचा सकता… मरा हुआ जहरीला सांप भी कुछ समय तक खतरनाक हो सकता है. CDC के मुताबिक, सांप के मरने के बाद भी उसके शरीर में कुछ समय तक रिफ्लेक्स गतिविधियां बनी रह सकती हैं. खासकर जहरीले सांप का सिर छूने पर वह अचानक काट सकता है, क्योंकि मांसपेशियों में मौजूद प्रतिक्रिया कुछ समय तक काम कर सकती है. इसलिए मरे हुए सांप को भी हाथ नहीं लगाना चाहिए. Photo: Getty रिपोर्टः साक्षी प्रजापति

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