सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे का बयान- जम्मू-कश्मीर में हो रही घुसपैठ की कोशिश

सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे का बयान- जम्मू-कश्मीर में हो रही घुसपैठ की कोशिश

उमाकांत त्रिपाठी। सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे ने दिल्ली में गुरुवार (11 जनवरी) को कहा- देश की उत्तरी सीमा पर स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। जम्मू-कश्मीर से घुसपैठ की कोशिशें जारी हैं। इसलिए उत्तरी सीमा पर सेना के जवानों की भारी संख्या में मौजूदगी है। हालांकि, सेना किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।

जनरल पांडे ने कहा- 2024 में आर्मी में मॉडर्नाइजेशन किया जाएगा। हम अभी तक भी हम नई टेक्नोलॉजी को अपनाते रहे हैं, लेकिन इस साल हम इस मामले और भी आगे बढ़ेंगे।

सेना में आर्टिलरी यूनिट और इलेक्ट्रॉनिक इंटेलिजेंस सिस्टम को बेहतर बनाया जा रहा है। हम पशुओं से होने वाले ट्रांसपोर्ट को ड्रोन से करने पर विचार कर रहे हैं। इसका प्रपोजल सरकार को भेजा गया है।

दरअसल, भारत की सीमाओं चुनौतीपूर्ण जगहों पर जवानों को सामान पहुंचाने के लिए सेना एनिमल ट्रांसपोर्ट पर निर्भर है। जनरल पांडे ने कहा कि हम इसकी बजाय ड्रोन का इस्तेमाल करेंगे। इससे 2027 तक 1 लाख वर्कफोर्स में कमी आएगी।

हर ऑपरेशन के लिए सेना तैयार
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख से लगने वाली सीमा पर फिलहाल स्थिति सेंसिटिव है। हमने इस क्षेत्र में भारी संख्या जवानों को तैनात किया हुआ है, जिससे किसी भी ऑपरेशन के लिए सेना तैयार रहेगी। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लिए सैन्य स्तर और राजनयिक स्तर पर भी बातचीत जारी है।

जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ नहीं होने दे रही सेना
जम्मू-कश्मीर में लगातार घुसपैठ की कोशिशें हो रही हैं। ड्रग्स और हथियारों की स्मगलिंग की कोशिशें भी जारी हैं, लेकिन सेना इन कोशिशों को लगातार नाकाम कर रही हैं।

मणिपुर में पॉजिटिव डेवलपमेंट
पिछले साल नॉर्थ ईस्ट में सरकार की नीतियों के कारण पॉजिटिव डेवलपमेंट हुए हैं। वहां हिंसा भी कम हुई हैं। हालांकि, मणिपुर में जरूरी हिंसा देखने को मिली है, लेकिन वहां भी हम स्थिति को कंट्रोल में लाने की कोशिश कर रहे हैं।

म्यांमार-भारत सीमा चिंता का विषय
भारत-म्यांमार सीमा हमारे लिए चिंता का विषय है। हम इस पर करीब से नजर रख रहे हैं। असम राइफल की 20 बटालियन को वहां तैनात किया गया है। इस सीमा पर इसलिए भी ध्यान देना जरूरी है, क्योंकि यहां से मणिपुर में घुसपैठ की जा सकती है।

महिला ऑफिसर कमांडिंग रोल में हैं
अग्निवीर के दो बैच पूरी तरह फील्ड पर हैं और उनसे फीडबैक भी हमें लगातार मिल रहा है। इसके अलावा 120 महिला ऑफिसर को स्थाई कमीशन दिया जा चुका है। वे सभी फील्ड पर कमांडिंग रोल में हैं।