प्रधानमंत्री नरेंन्द्र मोदी कल करेंगे अटल सेतु का उदघाटन यह ब्रिज बनेगा देश का सबसे लंबा समुद्री ब्रिज

प्रधानमंत्री नरेंन्द्र मोदी कल करेंगे अटल सेतु का उदघाटन यह ब्रिज बनेगा देश का सबसे लंबा समुद्री ब्रिज

उमाकांत त्रिपाठी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल (12 जनवरी) को मुंबई में देश के सबसे लंबे समुद्री ब्रिज का उद्घाटन करेंगे। 21.8 किलोमीटर ब्रिज का नाम अटल सेतु रखा गया है। इस कार्यक्रम में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भी शामिल होंगे। इस ब्रिज पर वाहनों के लिए गाइडलाइन जारी की गई है।

मुंबई पुलिस ने बताया कि फोर-व्हीलर, मिनी बस और टू-एक्सेल व्हीकल की मैक्सिमम स्पीड 100 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की गई है। ब्रिज की चढ़ाई और उतार पर स्पीड 40 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा नहीं होगी। वहीं, मोटरसाइकिल, मोपेड, तिपहिया वाहन, ऑटो और ट्रैक्टर को इस ब्रिज पर प्रवेश नहीं मिलेगा।

ट्रक, बस और भारी वाहनों को मुंबई की तरफ जाने के लिए ईस्टर्न फ्री-वे में एंट्री नहीं दी जाएगी। इन वाहनों को मुंबई में प्रवेश करने के लिए मुंबई पोर्ट-सिवड़ी एग्जिट (एग्जिट 1C) का उपयोग करना होगा।

ब्रिज के लिए 250 रुपए का टोल टैक्स लगेगा

मुंबई महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण ने ब्रिज के लिए टोल टैक्स 500 रुपए निर्धारित किया था। इसके बाद महाराष्ट्र मंत्रिमंडल की गुरुवार (4 जनवरी) की बैठक में टैक्स का आधा किया गया। 22 किलोमीटर के इस ब्रिज पर चलने के लिए लोगों को 250 रुपए चुकाने पड़ेंगे। शिवसेना (उद्धव गुट) के नेता आदित्य ठाकरे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस ब्रिज को टोल फ्री करने की मांग की।

अटल सेतु की खासियत…

अटल सेतु 6 लेन समुद्री लिंक है। यानी दोनों तरफ 3-3 लेन में वाहनों चल सकेंगे। दोनों तरफ 1-1 इमरजेंसी लेन भी है।
ब्रिज की कुल लंबाई 21.8 किलोमीटर है। समुद्र पर 16.5 KM और तट के पास लैंड पर 5.5 KM पर यह ब्रिज बना है।
ब्रिज से मुंबई और नवी मुंबई के बीच की दूरी केवल 20 मिनट में तय हो सकेगी। फिलहाल 2 घंटे लगते हैं।
ब्रिज की कुल लागत 17 हजार 843 करोड़ रुपए है।
ब्रिज को बनाने में करीब 2 लाख मीट्रिक टन स्टील और 5 लाख मीट्रिक टन सीमेंट लगा है।
ब्रिज पर प्रतिदिन 70 हजार वाहन गुजर सकते हैं।
ब्रिज पर 400 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
पक्षियों की सुरक्षा के लिए ब्रिज पर साउंड बैरियर लगाए गए हैं।
ब्रिज पर एडवांस लाइटिंग की गई है। इससे लाइट्स का फोकस सिर्फ ब्रिज पर पड़ेगा। समुद्री जीवों का नुकसान नहीं होगा।