महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे ही बनें रहेंगे मुख्यमंत्री शिंदे समेत 16 विधायकों की सदस्यता रहेगी बरकरार।

महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे ही बनें रहेंगे मुख्यमंत्री शिंदे समेत 16 विधायकों की सदस्यता रहेगी बरकरार।

उमाकांत त्रिपाठी।

महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे ही मुख्यमंत्री बने रहेंगे। विधानसभा स्पीकर राहुल नार्वेकर ने उनके समेत गुट के 16 विधायकों को अयोग्य करार देने से मना कर दिया। यानी एकनाथ शिंदे समेत सभी 16 विधायकों की सदस्यता बरकरार रहेगी।
शाम को विधानसभा में 1200 पेजों के फैसले के मुख्य बिंदुओं को पढ़ते हुए उन्होंने कहा- मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के पास शिवसेना के 55 में से 37 विधायक हैं। उनके नेतृत्व वाला गुट ही असली शिवसेना है। चुनाव आयोग ने भी यही फैसला दिया था।

कार्यकर्ताओं ने मिठाई बांटकर खुशी मनाई

फैसला आने के बाद पार्टी कार्यालय के बाहर जश्न शुरू

विधायकों की सदस्यता बहाल रहने का फैसला आने के बाद शिवसेना कार्यालय बाला साहेब भवन के बाहर जश्न शुरू हो गया है। पार्टी कार्यकर्ताओं ने कार्यालय के बाहर एकनाथ शिंदे जिंदाबाद के नारे लगाना शुरू कर दिए हैं।

ठाकरे गुट के 14 विधायकों को भी राहत

ठाकरे गुट के 14 विधायकों को भी अयोग्य ठहराने से स्पीकर राहुल नार्वेकर ने इनकार कर दिया है।

शिंदे गुट के चीफ व्हिप भरत गोगावले ने इनको अपात्र करार देने की याचिका लगाई थी।

यह फैसला उद्धव के लिए बड़ा झटका: रामदास अठावले
रिपब्लिक पार्टी ऑफ इंडिया (अठावले) के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री डॉ. रामदास अठावले ने कहा- यह उद्धव ठाकरे के लिए बहुत बड़ा झटका है। एकनाथ शिंदे ही मुख्यमंत्री रहेंगे। शिंदे का गुट ही असली शिवसेना रहेगी। इसका लाभ आने वाले लोकसभा चुनाव में मिलेगा।

विधायकों को अयोग्य ठहराने से इनकार
स्पीकर ने सीएम एकनाथ शिंदे समेत 16 शिवसेना विधायकों को अयोग्य ठहराने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि उन्हें अयोग्य ठहराने का कोई वैध आधार नहीं है। एकनाथ शिंदे ही शिवसेना और पार्टी के असली नेता हैं।

गोगावले ही असली चीफ व्हिप

स्पीकर ने कहा- ये साफ है कि सुनील प्रभु को जब चीफ व्हिप न्युक्त किया गया था, तब पार्टी का विभाजन हो चुका था। चुनाव आयोग ने इसी गुट को असली शिवसेना माना है, इसलिए चीफ व्हिप के रूप में भरत गोगावले की नियुक्ति सही है। सुनील प्रभू को विधायक दल की बैठक बुलाने का अधिकार नहीं था।
स्पीकर के फैसले से शिंदे गुट में खुशी
स्पीकर के फैसला सुनाते ही शिंदे गुट के विधायकों के चेहरे पर खुशी छा गई। सांसद राहुल शेवाले ने फैसले पर खुशी जताई है।
शिंदे गुट ही असली शिवसेना
स्पीकर राहुल नार्वेकर ने कहा- शिवसेना के पास 55 विधायक थे, इनमें से 37 विधायक एकनाथ शिंदे के साथ हैं। इसलिए उनके नेतृत्व वाला गुट ही असली शिवसेना है।

उद्धव के पास शिंदे को हटाने का अधिकार नहीं था
स्पीकर ने कहा- शिवसेना संविधान के अनुसार पक्ष प्रमुख अकेले किसी को भी पार्टी से नहीं निकाल सकते। शिंदे को विधायक दल के नेता पद से हटाने का फैसला उद्धव का था, पार्टी का नहीं। अगर किसी पदाधिकारी को हटाना है तो इसके लिए राष्ट्रीय कार्यकारिणी और प्रतिनिधि सभा का बहुमत जरूरी है।