खबर इंडिया की।मोहाली की एक निजी यूनिवर्सिटी की महिला असिस्टेंट प्रोफेसर से जुड़ा Mohali Professor Harassment Case सामने आने के बाद हड़कंप मचा हुआ है। एक छात्र पर आरोप है कि उसने पहले प्रोफेसर का पीछा किया, उनके टेबल पर प्रेम पत्र रखा और बातचीत के लिए लगातार दबाव बनाया। आरोप है कि जब प्रोफेसर ने उसके व्यवहार का विरोध किया और यूनिवर्सिटी प्रशासन से शिकायत की तो छात्र ने कथित तौर पर उन्हें तेजाब डालकर चेहरा खराब करने की धमकी दी।
मामला इसके बाद और गंभीर हो गया। शिकायत के मुताबिक आरोपी छात्र ने कथित तौर पर फर्जी ईमेल तैयार कर यूनिवर्सिटी के स्टाफ को निशाना बनाया और एक असिस्टेंट प्रोफेसर से उनकी ईमेल आईडी और पासवर्ड हासिल कर लिया। इसके बाद पीड़िता के नाम से कथित तौर पर अश्लील तस्वीरें और वीडियो यूनिवर्सिटी के छात्रों तक भेजे गए। मामले में पुलिस ने आरोपी छात्र रजित के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्रेम पत्र से शुरू हुआ मामला, शिकायत के बाद बढ़ी परेशानी
महिला असिस्टेंट प्रोफेसर ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह एमए इंग्लिश की पढ़ाई कर चुकी हैं और मोहाली की निजी यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर के तौर पर काम करती हैं। उनके मुताबिक वर्ष 2025 में जनवरी से मई तक रजित नाम का छात्र उनकी क्लास में पढ़ता था।
मई के बाद विभाग बदलने के कारण छात्र दूसरी क्लास में चला गया। हालांकि, शिकायत के अनुसार कुछ समय बाद वह स्टाफ रूम के आसपास दिखाई देने लगा। प्रोफेसर का आरोप है कि 12 फरवरी 2026 को रजित ने उनके स्टाफ रूम स्थित टेबल पर अंग्रेजी में एक पत्र छोड़ा। पत्र में कथित तौर पर छात्र ने प्रेम का इजहार किया था।
स्टाफ रूम में लगे कैमरों की जांच के बाद कथित तौर पर पता चला कि पत्र रजित ने ही रखा था। इसके बाद प्रोफेसर ने यूनिवर्सिटी के DSW विभाग में शिकायत की। पूछताछ के दौरान छात्र ने कथित तौर पर पत्र लिखने की बात स्वीकार की और माफी मांगी।
पैरेंट्स के सामने भी किया प्यार का इजहार
शिकायत के अनुसार, इसी घटनाक्रम के बाद छात्र ने प्रोफेसर की प्रोफेशनल ईमेल आईडी पर भी संदेश भेजा। आरोप है कि उसने शिकायत किए जाने पर सवाल उठाते हुए प्रोफेसर से बातचीत कर मामला सुलझाने की बात कही।
इसके बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन के स्तर पर दोबारा शिकायत की गई। अगले दिन छात्र कथित तौर पर लिखित माफीनामा लेकर प्रोफेसर की क्लास में पहुंचा। प्रोफेसर ने माफीनामे पर हस्ताक्षर करने से इनकार करते हुए उसे क्लास से बाहर जाने को कहा।
मामले में छात्र के माता-पिता को भी यूनिवर्सिटी बुलाया गया। प्रोफेसर के मुताबिक, इसी दौरान छात्र ने उनके सामने भी कथित तौर पर कहा कि वह उनसे प्यार करता है। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने मामले की जांच के बाद छात्र को काउंसिलिंग की जरूरत बताते हुए उसे संस्थान से सस्पेंड कर दिया।
शिकायत में कहा गया है कि 21 फरवरी को छात्र को यूनिवर्सिटी से सस्पेंड किया गया था। इसके बाद भी वह अपनी मां के साथ कथित तौर पर दो-तीन बार स्टाफ रूम में आया और प्रोफेसर से माफी मांगते हुए पढ़ाई जारी रखने का मौका देने की मांग करता रहा।
माफी नहीं मिली तो Acid Attack की धमकी का आरोप
प्रोफेसर के अनुसार, उन्होंने छात्र को माफ करने से इनकार कर दिया और उसे वहां से जाने के लिए कहा। शिकायत के मुताबिक, जब उन्होंने दोबारा DSW विभाग में शिकायत की तो सुरक्षा गार्डों की मदद से छात्र को स्टाफ रूम से बाहर कराया गया।
प्रोफेसर का आरोप है कि वहां से जाते समय छात्र ने उन्हें गंभीर धमकी दी। शिकायत में कहा गया है कि आरोपी ने कथित तौर पर कहा कि अब उन्हें इसका परिणाम भुगतना पड़ेगा और वह कभी भी उन पर तेजाब डालकर उनका चेहरा खराब कर सकता है।
यह आरोप मामले को केवल कथित पीछा करने और मानसिक उत्पीड़न तक सीमित नहीं रखता, बल्कि इसमें गंभीर आपराधिक धमकी का पहलू भी जुड़ जाता है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
फर्जी ईमेल के जरिए प्रोफेसर से मांगा गया पासवर्ड
शिकायत में एक और गंभीर घटनाक्रम का जिक्र किया गया है। प्रोफेसर के मुताबिक, 23 जून को रजित किसी दूसरी यूनिवर्सिटी में दाखिले के लिए NOC लेकर चला गया था। इसके बाद कथित तौर पर यूनिवर्सिटी के नाम से मिलती-जुलती एक फर्जी ईमेल आईडी बनाई गई।
आरोप है कि इस फर्जी ईमेल के जरिए यूनिवर्सिटी के प्रोफेसरों को संदेश भेजे गए। संदेश में कथित तौर पर कहा गया कि उनकी आईडी बंद होने वाली है और उसे वेरिफाई करने के लिए आईडी और पासवर्ड भेजना होगा।
शिकायत के मुताबिक, एक असिस्टेंट प्रोफेसर ने इस संदेश पर भरोसा करते हुए अपनी ईमेल आईडी और पासवर्ड कथित तौर पर साझा कर दिया। इसके बाद आरोपी ने उस आईडी में लॉगइन कर उसका इस्तेमाल किया।
छात्रों को भेजे गए कथित अश्लील फोटो और वीडियो
प्रोफेसर ने पुलिस को बताया कि कथित तौर पर समझौते और माफी की कोशिशों के बाद मामला डिजिटल उत्पीड़न तक पहुंच गया। आरोप है कि दूसरे असिस्टेंट प्रोफेसर की ईमेल आईडी का इस्तेमाल कर यूनिवर्सिटी के छात्रों को एक संदेश भेजा गया।
इस संदेश में कथित तौर पर महिला प्रोफेसर के खिलाफ शिकायत करने की अपील की गई थी। साथ ही उनके नाम से अश्लील तस्वीरें और वीडियो शेयर किए जाने का आरोप है।
प्रोफेसर का कहना है कि इसके बाद उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई। शिकायत के मुताबिक, 22 अगस्त को उन्हें और कुछ छात्रों को एक अन्य ईमेल भी मिला, जिसमें उनके नाम से यूनिवर्सिटी से इस्तीफा देने जैसा संदेश भेजा गया था।
इस ईमेल में कथित तौर पर उनकी योग्यता और नौकरी को लेकर आपत्तिजनक बातें लिखी गई थीं तथा उनकी निजी तस्वीरें और वीडियो भी साझा किए गए थे। प्रोफेसर ने इसके बाद पुलिस से शिकायत की।
पुलिस ने दर्ज किया केस, जांच जारी
पुलिस ने आरोपी छात्र रजित के खिलाफ आईटी एक्ट की धारा 67A और 66E के साथ-साथ शिकायत में उल्लिखित अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, मामले की जांच की जा रही है।
Mohali Professor Harassment Case में पुलिस अब कथित ईमेल, डिजिटल कंटेंट, अकाउंट लॉगिन, धमकी और यूनिवर्सिटी परिसर में हुई घटनाओं से जुड़े तथ्यों की जांच कर सकती है। डिजिटल साक्ष्यों की जांच इस मामले में अहम भूमिका निभा सकती है, क्योंकि शिकायत का एक बड़ा हिस्सा ईमेल, सोशल मीडिया अथवा इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से कथित तौर पर किए गए उत्पीड़न से जुड़ा है।
फिलहाल, शिकायत में लगाए गए आरोपों को जांच का विषय माना जाना चाहिए। आरोपी के खिलाफ दर्ज केस में आगे की कार्रवाई पुलिस की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगी। मामले में आरोपी का पक्ष सामने आने के बाद तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।
यह पूरा घटनाक्रम एक बार फिर दिखाता है कि किसी महिला की स्पष्ट असहमति के बावजूद उसका पीछा करना, लगातार संपर्क की कोशिश करना, धमकी देना या उसकी निजी सामग्री को बिना अनुमति साझा करना कितना गंभीर मामला बन सकता है। खासकर शैक्षणिक संस्थानों में ऐसे मामलों में शिकायत मिलने पर समय रहते प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई बेहद महत्वपूर्ण होती है।














