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गीता प्रेस के कार्यक्रम में शामिल हुए अमित शाह, ऋषिकेश में बोले- केदारनाथ का पुनरुद्धार किया, इन धामों को करेंगे रेनोवेट

उमाकांत त्रिपाठी।गृह मंत्री अमित शाह अपने दो दिवसीय दौरे पर आज उत्तराखंड पहुंचे। ऋषिकेश में उन्होंने गीता प्रेस के कार्यक्रम में कहा- मेरी तीन पीढ़ियों ने यानी की दादी, मां और पोती ने भी गीता कल्याण को पढ़ा है। इसके साथ ही उन्होंने मंच से कहा कि गीता प्रेस की ‘कल्याण’ पत्रिका ने 100 सालों से सनातन संस्कृति की ज्योति जलाए रखी है।

शाह ने अपने भाषण में केदारनाथ-बद्रीनाथ धाम का भी जिक्र किया। शाह ने कहा कि देशभर में 35 से ज्यादा तीर्थों को पुनर्जागृति (रेनोवेट) के लिए और व्यवस्था ठीक करने पर विचार हो रहा है।
इससे पहले सीएम पुष्कर सिंह धामी ने मंच से संबोधित करते हुए कहा- देवभूमि उत्तराखंड के हजारों युवाओं ने कश्मीर की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर किए हैं। मोदी जी ने 370 हटाकर देश को मजबूत और सुरक्षित किया।

मंच से शाह ने कही 5 अहम बातें…
कल्याण’ को सनातन चेतना का सबसे मजबूत माध्यम बताया: शाह ने कहा कि- सनातन धर्म को अमर बनाए रखने के लिए बहुत प्रयास हुए हैं, लेकिन उनमें सबसे मजबूत प्रयास ‘कल्याण’ पत्रिका है। उनके मुताबिक, ‘कल्याण’ ने लगातार सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति से जुड़े विचारों को आगे बढ़ाया और यह 100 साल की बड़ी उपलब्धि है।

100 साल में ‘सज्जन शक्ति’ को संगठित करने का दावा: उन्होंने कहा कि -समाज में अच्छे लोगों की कमी कभी नहीं होती, कमी होती है उनके संगठित होने की। अमित शाह के अनुसार, यही काम ‘कल्याण’ ने पिछले 100 साल में किया। उन्होंने 1926 से 2026 तक की यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि पत्रिका ने सनातन धर्म के अनुयायियों की सज्जन शक्ति को जोड़ने का काम किया।

कल्याण’ के योगदान को अतुलनीय बताया:शाह ने कहा कि- जो लोग भारत और भारतीय संस्कृति को नहीं समझते, वे गीता प्रेस और ‘कल्याण’ के काम का सही मूल्यांकन नहीं कर सकते। उनके मुताबिक, जो भारत को जानते हैं, वे भी यह मानते हैं कि इस योगदान का आकलन करना किसी के बस की बात नहीं है, क्योंकि यह अतुलनीय है।

शताब्दी समारोह को ‘सात्विक’ और बिना चकाचौंध वाला बताया: उन्होंने कहा कि- कई संस्थाओं के शताब्दी समारोहों में करोड़ों रुपए खर्च होते हैं, लेकिन यहां माहौल अलग दिखा। अमित शाह ने आयोजन की सादगी का जिक्र करते हुए कहा कि संतों की उपस्थिति में सात्विक तरीके से 100वां अंक प्रकाशित किया गया। साथ ही उन्होंने ट्रस्टियों से कहा कि इस परंपरा को बनाए रखें, ताकि आने वाले समय में 200वां अंक भी प्रकाशित हो सके।

बद्रीनाथ धाम का जिक्र किया, धार्मिक स्थलों के पुनरुद्धार की बात कही:शाह ने कहा कि- बद्रीधाम का स्केच पूरा बन चुका है। इसके साथ उन्होंने यह भी कहा कि देशभर में कई तीर्थों को पुनः जागृति देने और वहां व्यवस्थाओं पर काम हो रहा है।

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