उमाकांत त्रिपाठी।मोदी सरकार के केंद्रीय मंत्रियों का दो दिन का Modi Cabinet Chintan Shivir बुधवार से शुरू हो गया है। यह चिंतन शिविर 24 सितंबर तक चलेगा। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कैबिनेट मंत्रियों के साथ सरकार के कामकाज, योजनाओं की प्रगति और आने वाली चुनौतियों पर चर्चा करेंगे।
भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, शिविर के पहले दिन केंद्रीय मंत्री अपने-अपने मंत्रालय के कामकाज का प्रेजेंटेशन देंगे। इसके बाद दूसरे दिन मंत्रियों के काम की समीक्षा की जाएगी। रिपोर्ट के अनुसार, इस समीक्षा में मंत्रियों के प्रदर्शन की ग्रेडिंग भी की जा सकती है।
मंत्रियों को दी जा सकती है चार तरह की ग्रेडिंग
भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, मंत्रियों के कामकाज को Excellent, Good, Average और Poor जैसी श्रेणियों में देखा जाएगा। रिपोर्ट में कहा गया है कि Excellent और Good ग्रेड वाले मंत्री ग्रीन जोन में रहेंगे, जबकि Average और Poor श्रेणी को रेड जोन में रखा जा सकता है।
रिपोर्ट के अनुसार, इस रिपोर्ट कार्ड को भविष्य में होने वाले कैबिनेट विस्तार में फेरबदल के आधार के तौर पर भी देखा जा सकता है। हालांकि, मंत्रिमंडल में बदलाव को लेकर अंतिम फैसला प्रधानमंत्री और पार्टी नेतृत्व के स्तर पर होगा।
इस चिंतन शिविर की मुख्य थीम ‘विकसित भारत 2047’ रखी गई है।
प्रेजेंटेशन में चार प्रमुख मुद्दों पर फोकस
मंत्रियों के प्रेजेंटेशन में चार प्रमुख मुद्दों पर विशेष ध्यान दिए जाने की बात सामने आई है। इनमें Gen Z, UGC से जुड़ा मुद्दा, महिला आरक्षण और युवा रोजगार शामिल हैं।
1. Gen Z के साथ तालमेल
मंत्रियों से यह जानने की कोशिश की जाएगी कि उन्होंने अपने क्षेत्र में Gen Z यानी युवा पीढ़ी के साथ संवाद के लिए अब तक क्या कदम उठाए हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, मंत्रियों को यह भी बताना होगा कि उनके क्षेत्र में Gen Z के प्रमुख मुद्दे क्या हैं, युवाओं के साथ कितनी बैठकें या चर्चाएं हुई हैं और युवाओं के बीच सरकार तथा भाजपा को लेकर किस तरह की राय सामने आ रही है।
2. UGC से जुड़े मुद्दे पर युवाओं की राय
UGC से जुड़े मुद्दे को लेकर भी युवाओं की राय को समझने पर जोर दिया जाएगा। मंत्रियों से पूछा जा सकता है कि उनके क्षेत्र में इस मुद्दे का कितना प्रभाव है और इससे निपटने या युवाओं के सवालों का जवाब देने के लिए उनका क्या प्लान है।
3. महिला आरक्षण पर चर्चा
महिला आरक्षण भी चिंतन शिविर के प्रमुख मुद्दों में शामिल है। रिपोर्ट के अनुसार, मंत्रियों से महिला आरक्षण से जुड़े प्रस्ताव और इसे लागू करने की रणनीति पर सुझाव मांगे जाएंगे।
2023 में संसद ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित किया था, जिसमें लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण का प्रावधान किया गया है। इसके लागू होने की प्रक्रिया परिसीमन और जनगणना से जुड़े प्रावधानों से जुड़ी हुई है।
रिपोर्ट में अप्रैल में एक संविधान संशोधन विधेयक के लोकसभा में पारित नहीं होने का भी उल्लेख किया गया है। इस मुद्दे पर आगे की रणनीति को लेकर मंत्रियों से चर्चा किए जाने की बात कही गई है।
4. युवा और रोजगार
युवा रोजगार भी प्रेजेंटेशन का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा। मंत्रियों से अपने-अपने क्षेत्रों के युवाओं के बीच रोजगार को लेकर संतुष्टि और असंतुष्टि की स्थिति के बारे में जानकारी देने को कहा जा सकता है।
सरकार के सामने युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने और उनकी अपेक्षाओं के अनुरूप नीतियां तैयार करने की चुनौती भी बनी हुई है।
2021 में भी हुए थे कई चिंतन शिविर
मोदी सरकार ने इससे पहले 2021 में भी केंद्रीय मंत्रिपरिषद के साथ कई चिंतन शिविर आयोजित किए थे। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, उस साल कुल पांच ऐसे सत्र हुए थे।
इन बैठकों में मंत्रियों के कामकाज, कार्यकुशलता, समय और संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल, सरकारी योजनाओं की निगरानी और शासन में सुधार जैसे विषयों पर चर्चा की गई थी।
नवंबर 2021 में मंत्रियों को आठ समूहों में बांटकर अलग-अलग प्रशासनिक विषयों पर काम आगे बढ़ाने की कवायद भी की गई थी।
2021 से तैयार हो रहा है विकसित भारत 2047 का रोडमैप
Developed India 2047 यानी विकसित भारत 2047 की तैयारी के लिए 2021 से ही अलग-अलग स्तर पर काम किया जा रहा है। उस समय वरिष्ठ अधिकारियों के 10 सेक्टोरल ग्रुप बनाए गए थे।
इन समूहों को वर्ष 2047 तक भारत के विकास के लिए विजन तैयार करने और छोटी तथा लंबी अवधि की योजनाओं का रोडमैप बनाने की जिम्मेदारी दी गई थी।
इन समूहों ने देश के अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े आंकड़े और सुझाव जुटाए। अब इन्हीं तैयारियों और आंकड़ों के आधार पर आगे की रणनीति पर चर्चा किए जाने की बात सामने आई है।
PM मोदी ने 2022 में लाल किले से रखा था विकसित भारत का लक्ष्य
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2022 को लाल किले से अपने संबोधन में 2047 तक भारत को विकसित देश बनाने का लक्ष्य सामने रखा था। इसके बाद विकसित भारत 2047 सरकार की दीर्घकालिक योजनाओं और नीतिगत चर्चाओं का एक प्रमुख हिस्सा बना हुआ है।
अब 23 और 24 सितंबर के चिंतन शिविर में मंत्रियों के कामकाज के साथ-साथ युवाओं, रोजगार, महिला आरक्षण और विकसित भारत के लक्ष्य से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी। इस दौरान सामने आने वाले सुझावों और समीक्षा को सरकार की आगे की रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।














