उमाकांत त्रिपाठी। केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने दिवाली से पहले देश के किसानों को एक बड़ी खुशखबरी दी है। शाह ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए वादा किया है कि- इफको का नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों को पैदावार से किसी भी तरह का समझौता नहीं करना होगा यानी अब किसानों को प्राकृतिक खेती करने में काफी मदद मिलेगी। अमित शाह ने कहा कि यूरिया का उपयोग कम करना और प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ना आज के वक्त की जरूरत है। शाह ने कहा है कि अगर आप तीन साल तक उत्पादन कम किए बगैर प्राकृतिक खेती करना चाहते हैं, तो नैनो यूरिया और नैनो डीएपी का उपयोग करें। ऐसी खेती के लिए मिट्टी तैयार करने के लिए तीन साल का समय जरूरी होता है। शाह ने इफको की कलोल में स्थित इकाई में नैनो डीएपी संयंत्र के उद्घाटन में इस बारे में जानकारी दी।
दुनिया में अपनी तरह का पहला संयंत्र
इफको ने एक बयान में इसे दुनिया में अपनी तरह का पहला संयंत्र बताया है। बयान के मुताबिक- सहकारिता मंत्री ने इस अवसर पर कहा है कि आज से दस साल बाद जब कृषि के क्षेत्र में सबसे बड़े प्रयोगों की सूची तैयार की जाएगी, तो मैं पूरे यकीन से कह सकता हूं कि इफको के नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी को उसमें जगह मिलेगी। उन्होंने किसानों से दानेदार यूरिया और डीएपी के बजाय इन उर्वरकों के तरल रूपों को अपनाने का आग्रह करते हुए कहा कि दानेदार यूरिया का उपयोग न केवल फसलों को बल्कि लोगों के स्वास्थ्य को भी नुकसान पहुंचाता है।
पिछली सरकारों ने किसानों की अनदेखी की
आपको बता दें की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फरवरी, 2021 में नैनो यूरिया के उत्पादन को मंजूरी दी थी इफको ने अगस्त, 2021 में नैनो यूरिया का उत्पादन शुरू किया था और मार्च, 2023 तक लगभग 6.3 करोड़ बोतलों का उत्पादन किया जा चुका था। वहीं शाह ने पिछली सरकार पर किसानों और खेती दोनों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा है कि पीएम नरेन्द्र मोदी ने सुनिश्चित किया है कि कोविड-19 महामारी के बाद उर्वरक की लागत बढ़ने का बोझ किसानों पर न डाला जाए। इस मौके पर केंद्रीय रसायन और उर्वरक मंत्री मनसुख मांडविया, इफको के चेयरमैन दिलीप संघानी और मुख्य कार्यपालक अधिकारी एवं प्रबंध निदेशक उदय शंकर अवस्थी भी उपस्थित थे।














