उमाकांत त्रिपाठी। जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 खत्म किए जाने के संसद के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने मुहर लगा दी है। इसपर अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रतिक्रिया दी है, पीएम ने इस फैसले को ऐतिहासिक बताते हुए जम्मू कश्मीर के लोगों से कहा कि- उनकी आकांक्षाओं को साकार करने के लिए सरकार का समर्पण अटल है। दरअसल जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को निरस्त किए जाने के चार साल बाद सुप्रीम कोर्ट का ये फैसला आया है। सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसले लेते हुए कहा कि अब इस पर चर्चा करना मुनासिब नहीं है। सुप्रीम कोर्ट की पांच सदस्यीय बेंच ने अपने फैसले में कहा कि 5 अगस्त 2019 को केंद्र सरकार ने जो फैसला लिया था वो सही था और यह बरकरार रहेगा।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने अपने फैसले में कहा कि जब जम्मू कश्मीर भारत का हिस्सा बना तभी से जम्मू कश्मीर की संप्रभुता खत्म हो गई थी। ऐसे में राष्ट्रपति के पास जम्मू कश्मीर को लेकर फैसला लेने का पूरा अधिकार है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जम्मू कश्मीर में जल्द चुनाव के लिए कदम उठाए जाएं, 30 सितंबर 2024 तक जम्मू कश्मीर में चुनाव हों। साथ ही जम्मू कश्मीर में जल्द राज्य का दर्जा बहाल हो। इसके अलावा कोर्ट ने कहा कि- आर्टिकल 370 एक अस्थाई प्रावधान था, जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है, जम्मू कश्मीर के पास कोई आंतरिक संप्रभुता नहीं थी। आपको बता दें कि 5 अगस्त 2019 को मोदी सरकार ने जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 के प्रभाव को खत्म कर दिया था, साथ ही राज्य को 2 हिस्सों जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बांट दिया था और दोनों को केंद्र शासित प्रदेश बना दिया था। इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में 23 याचिकाएं दाखिल की गई थीं।
फैसले को पीएम मोदी ने बताया ऐतिहासिक
इस फैसले पर पीएम मोदी ने कहा कि- आर्टिकल 370 को निरस्त करने पर आज का सुप्रीम कोर्ट का फैसला ऐतिहासिक है। ये सिर्फ कानूनी फैसला नहीं है। यह आशा की किरण है, उज्जवल भविष्य का वादा है और एक मजबूत और एकजुट भारत के निर्माण के हमारे सामूहिक संकल्प का प्रमाण है। मैं जम्मू, कश्मीर और लद्दाख के लोगों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि आपके सपनों को पूरा करने के लिए हमारी प्रतिबद्धता अटूट है। गृह मंत्री अमित शाह ने भी आर्टिकल 370 हटाने के फैसले को सही ठहराने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर टिप्पणी कीय़ उन्होंने कहा कि आर्टिकल 370 हटने के बाद गरीबों और वंचितों के अधिकार बहाल हो गए हैं और अलगाववाद और पत्थरबाजी अब अतीत की बातें हो गई हैं। एकता के बंधन मजबूत हुए हैं और भारत के साथ अखंडता मजबूत हुई है।













