उमाकांत त्रिपाठी।
विदेश मंत्री एस .जयशंकर ने अपनी किताब ‘Why India Matters’ पर बात की। उन्होंने कहा कि अयोध्या के रामलला मंदिर के उद्घाटन पर दुनिया की नजर है। जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 रद्द करके हमने असुरक्षा की खिड़की बंद कर दी।
दरअसल, एस. जयशंकर शुक्रवार (5 जनवरी) को बेंगलुरु में मौजूद पीईएस यूनिवर्सिटी के गोल्ड जुबली सेलिब्रेशन में शामिल होने पहुंचे थे। उनके साथ बीजेपी युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद तेजस्वी सूर्या भी मौजूद रहे।
कार्यक्रम में दौरान जयशंकर ने कहा- भारत की छाप ऐसी है कि दुनियाभर के लोग 22 जनवरी को अयोध्या में होने वाले रामलला मंदिर के उद्घाटन का इंतजार कर रहे हैं।
युवाओं और विदेश यात्रा करने वालों के लिए उन स्थानों पर जाना जरूरी है, जहां ऐतिहासिक रूप से भारतीय सांस्कृतिक बहुत मजबूत रही है।
विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि पूर्व की ओर जाएंगे तो भारतीय संस्कृति का मजबूत प्रभाव देखने को मिलेगा। तब आपको एहसास होगा कि भारत में जो कुछ हो रहा है वह हम तक सीमित नहीं है।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा है कि 1948 में कश्मीर मुद्दे कोUN Security Council (UNSC) में ले जाना बुनियादी गलती थी।
कार्यक्रम में दौरान जयशंकर ने कहा- भारत की छाप ऐसी है कि दुनियाभर के लोग 22 जनवरी को अयोध्या में होने वाले रामलला मंदिर के उद्घाटन का इंतजार कर रहे हैं।
युवाओं और विदेश यात्रा करने वालों के लिए उन स्थानों पर जाना जरूरी है, जहां ऐतिहासिक रूप से भारतीय सांस्कृतिक बहुत मजबूत रही है।
विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि पूर्व की ओर जाएंगे तो भारतीय संस्कृति का मजबूत प्रभाव देखने को मिलेगा। तब आपको एहसास होगा कि भारत में जो कुछ हो रहा है वह हम तक सीमित नहीं है।
कश्मीर मुद्दे को UNSC में ले जाना बुनियादी गलती
जयशंकर ने कहा- साल 1948 में कश्मीर मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में ले जाना बुनियादी गलती थी। यह पिछली सरकारों का मूर्खता भरा कदम था। मुद्दे को ऐसी अदालत में ले जाया गया जहां जज आपके (भारत) के खिलाफ खड़े हैं। पश्चिमी देशों का झुकाव पाकिस्तान की तरफ था।














