उमाकांत त्रिपाठी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जेनेवा में चल रहे विश्व स्वास्थ्य सभा के 78वें सत्र को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ विश्व का भविष्य समावेशिता, एकीकृत दृष्टिकोण और सहयोग पर निर्भर करता है।
पीएम मोदी के भाषण की बड़ी बातें
– समावेशिता: पीएम मोदी ने कहा कि समावेशिता भारत के स्वास्थ्य सुधारों के मूल में है। आयुष्मान भारत योजना दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना है, जिसमें 580 मिलियन लोग शामिल हैं।
– स्वास्थ्य सेवाएं: भारत के पास हजारों स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों का नेटवर्क है, जो कैंसर, मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियों की जांच और पता लगाते हैं।
– तकनीक: पीएम मोदी ने कहा कि तकनीक स्वास्थ्य परिणामों को बेहतर बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण उत्प्रेरक साबित हो सकती है। भारत के पास गर्भवती महिलाओं और बच्चों के टीकाकरण को ट्रैक करने के लिए डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म है।
– योग और स्वास्थ्य: पीएम मोदी ने कहा कि जून में 11वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा है, जिसकी थीम एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग है।
– पीएम मोदी ने कहा कि भारत का दृष्टिकोण अनुकरणीय, मापनीय और टिकाऊ मॉडल प्रदान करता है। हमें अपनी सीख और सर्वोत्तम प्रथाओं को दुनिया, विशेष रूप से ग्लोबल साउथ के साथ साझा करने में खुशी होगी।
– उन्होंने विश्व स्वास्थ्य संगठन और सभी सदस्य देशों को आईएनबी संधि की सफल वार्ता के लिए बधाई दी, जो एक स्वस्थ ग्रह का निर्माण करते हुए भविष्य की महामारियों से अधिक सहयोग के साथ लड़ने की साझा प्रतिबद्धता है।













