खबर इंडिया की। महाराष्ट्र के अमरावती जिले के परतवाड़ा से सामने आया वीडियो कांड अब लगातार गंभीर होता जा रहा है। शुरुआत में यह मामला कुछ वायरल क्लिप्स तक सीमित माना जा रहा था, लेकिन जैसे-जैसे पुलिस की जांच आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे कई नई परतें खुलती जा रही हैं। अब पुलिस इसे सिर्फ एक व्यक्ति तक सीमित मामला नहीं मान रही, बल्कि इसके पीछे किसी बड़े नेटवर्क की आशंका भी जताई जा रही है।
View this post on Instagram
इसी कड़ी में पुलिस ने दूसरी बड़ी गिरफ्तारी करते हुए उजेर खान इकबाल खान को पकड़ा है। जांच में सामने आया है कि उसने मुख्य आरोपी अयान अहमद के मोबाइल से वीडियो डाउनलोड किए और उन्हें सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। फिलहाल उजेर खान को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और उसे अदालत में पेश किया जा रहा है। पुलिस को उम्मीद है कि कस्टडी रिमांड के दौरान उससे कई अहम जानकारियां मिल सकती हैं।
इस मामले के मुख्य आरोपी अयान अहमद को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज है। अदालत ने उसे 21 अप्रैल 2026 तक पुलिस कस्टडी में भेजा है। पुलिस ने उसके मोबाइल से कई आपत्तिजनक वीडियो जब्त किए हैं, जिनकी गहन जांच जारी है।
जांच के दौरान अब तक आठ पीड़िताओं की पहचान हो चुकी है, जबकि अन्य की पहचान की प्रक्रिया जारी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह बेहद संवेदनशील मामला है, इसलिए पीड़िताओं की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जा रही है। महिला पुलिस अधिकारियों की विशेष टीम इस मामले में तैनात की गई है, ताकि पीड़िताएं बिना किसी डर या दबाव के अपनी बात रख सकें।
इस बीच एक और अहम जानकारी सामने आई है कि आरोपी द्वारा कुछ डेटा डिलीट किया गया था। पुलिस की साइबर टीम अब उस डिलीट किए गए डेटा को रिकवर करने की कोशिश कर रही है। माना जा रहा है कि इससे मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं और यह भी साफ हो सकता है कि इस पूरे घटनाक्रम में और कौन-कौन शामिल था।
पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि इस मामले से जुड़े किसी भी वीडियो या फोटो को सोशल मीडिया पर शेयर न करें। ऐसा करना न सिर्फ कानूनन अपराध है, बल्कि इससे पीड़ितों को और अधिक मानसिक और सामाजिक नुकसान हो सकता है।
स्थानीय स्तर पर इस घटना को लेकर भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। कई जगहों पर लोगों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। कुछ संगठनों ने बंद का ऐलान भी किया है, जिसके मद्देनजर इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।
इस मामले ने अब राजनीतिक रंग भी ले लिया है। विपक्ष ने कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं, जबकि सत्ताधारी पक्ष का कहना है कि जैसे ही मामला सामने आया, पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की। आरोपी के कथित राजनीतिक संबंधों को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं, हालांकि संबंधित दल ने उसे संगठन से हटाने की बात कही है।
अचलपुर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। कुछ नेताओं ने एसआईटी गठन की भी मांग उठाई है, ताकि पूरे मामले की निष्पक्ष और गहराई से जांच हो सके।
पुलिस का कहना है कि अभी तक किसी पीड़िता ने औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई है, लेकिन उनसे लगातार संपर्क किया जा रहा है। पीड़िताएं किसी भी थाने में ‘जीरो FIR’ दर्ज करा सकती हैं और उनकी पहचान पूरी तरह सुरक्षित रखी जाएगी।
फिलहाल इस मामले में पुलिस कस्टडी रिमांड को सबसे अहम कड़ी माना जा रहा है। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इस केस से जुड़े और बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं, जिससे यह साफ हो सकेगा कि यह मामला व्यक्तिगत स्तर का था या इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क काम कर रहा था।














