उमाकांत त्रिपाठी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को खादी और स्वदेशी को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ही थे जिन्होंने भारत की आत्मा को पहचाना और आम जनता को अंग्रेजों के खिलाफ खड़ा किया। गांधीजी ने खादी और स्वदेशी को स्वतंत्रता आंदोलन का सबसे बड़ा हथियार बनाया।
#WATCH दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, "यह महात्मा गांधी ही थे जिन्होंने भारत की आत्मा को पहचाना। उन्होंने भारत के लोगों को जागरूक कर उन्हें अंग्रेजों के खिलाफ खड़ा किया… एक तरह से हम स्वतंत्रता आंदोलन को खादी और स्वदेशी से अलग नहीं कर सकते। उस समय भारत अंग्रेजी… pic.twitter.com/2lI6jhVFr6
— ANI_HindiNews (@AHindinews) October 2, 2025
अमित शाह ने कहा, “एक तरह से हम स्वतंत्रता आंदोलन को खादी और स्वदेशी से अलग नहीं कर सकते। उस समय भारत अंग्रेजी कपड़ा मिलों का बाजार था। लेकिन गांधीजी ने खादी और स्वदेशी का संदेश देकर न सिर्फ आजादी की लड़ाई को नई दिशा दी बल्कि लाखों गरीबों के जीवन में नई रोशनी भी लाई।”
स्वदेशी को भुला दिया गया था
शाह ने याद दिलाया कि लंबे समय तक खादी और स्वदेशी को भुला दिया गया था। लेकिन 2003 में जब नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब उन्होंने खादी को पुनर्जीवित करने के लिए एक बड़ा अभियान चलाया। मोदी ने खादी को सिर्फ कपड़े तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे आत्मनिर्भरता और स्थानीय रोजगार का प्रतीक बनाया।
गृह मंत्री ने बताया कि 2014 में केंद्र की सत्ता में आने के बाद से प्रधानमंत्री मोदी ने खादी और स्वदेशी को नई ऊँचाइयों पर पहुँचाया। आज खादी का कारोबार सैकड़ों गुना बढ़ चुका है और यह 1.7 अरब रुपये तक पहुँच गया है।
आत्मनिर्भर भारत की धड़कन है खादी
उन्होंने कहा कि खादी अब सिर्फ ‘आजादी का प्रतीक’ नहीं, बल्कि ‘आत्मनिर्भर भारत’ की धड़कन है। आज लाखों लोग खादी उद्योग से जुड़े हैं और इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है। अमित शाह ने कहा कि आने वाले समय में खादी भारत की पहचान बनेगी और वैश्विक स्तर पर ‘सस्टेनेबल फैशन’ का सबसे बड़ा ब्रांड साबित होगी।
राजघाट पहुंचे पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गांधी जयंती के मौके पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की. प्रधानमंत्री मोदी श्रद्धांजलि देने के लिए दिल्ली के राजघाट पहुंचे. उन्होंने राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की. उन्होंने कहा कि- “गांधी जयंती, प्रिय बापू के असाधारण जीवन को श्रद्धांजलि देने का दिन है, जिनके आदर्शों ने मानव इतिहास की दिशा बदल दी. उन्होंने दिखाया कि कैसे साहस और सादगी महान परिवर्तन के साधन बन सकते हैं.”














