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सहमति से सेक्स हुआ… कारोबारी पर लिव इन पार्टनर ने लगाया रेप का आरोप, MP हाईकोर्ट ने दिया ऐतिहासिक फैसला

खबर इंडिया की। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने लिव-इन रिलेशन और सहमति से बने संबंधों को लेकर एक अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा कि यदि दो वयस्क महिला और पुरुष अपनी मर्जी से लिव-इन में रहते हैं और आपसी सहमति से संबंध बनाते हैं, तो बाद में विवाद होने पर उसे रेप नहीं माना जा सकता।

यह मामला कटनी के कपड़ा व्यापारी मुकेश ठाकुरानी से जुड़ा है, जिन पर एक महिला ने दुष्कर्म, धमकी और अन्य गंभीर आरोप लगाए थे। महिला का कहना था कि आरोपी ने शादी का झांसा देकर संबंध बनाए और बाद में उसे धमकाया।

हालांकि, मामले की जांच और कोर्ट में पेश साक्ष्यों के आधार पर यह सामने आया कि दोनों के बीच संबंध आपसी सहमति से थे। दोनों की मुलाकात कोर्ट में हुई थी और धीरे-धीरे वे एक-दूसरे के करीब आए। इसके बाद वे साथ रहने लगे और कई जगह घूमने भी गए।

विवाद तब शुरू हुआ जब दोनों के रिश्ते में तनाव आया और महिला ने घर छोड़ दिया। बाद में उसने व्यापारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई, जिसके बाद आरोपी को गिरफ्तार भी किया गया और कुछ समय जेल में रहना पड़ा।

हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि कथित वीडियो या हथियार जैसे आरोपों के समर्थन में कोई ठोस सबूत नहीं मिले। साइबर जांच में भी ब्लैकमेलिंग से जुड़ा कोई प्रमाण नहीं मिला।

सीनियर वकील ने दलील दी कि महिला पूरी तरह से स्थिति से अवगत थी और यह रिश्ता सहमति पर आधारित था। सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कोर्ट ने एफआईआर को रद्द करते हुए आरोपी को राहत दे दी।

यह फैसला लिव-इन रिलेशन और सहमति के मामलों में एक महत्वपूर्ण मिसाल माना जा रहा है।

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