खबर इंडिया की। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक स्कूल टीचर को कॉलेज की छात्रा के साथ आपत्तिजनक हालत में पकड़ा गया। यह पूरी घटना बतौली थाना क्षेत्र की बताई जा रही है, जहां देर रात जंगल किनारे खड़ी एक कार में दोनों मौजूद थे।
View this post on Instagram
जानकारी के मुताबिक, 20 अप्रैल की रात करीब 1 बजे कुछ स्थानीय युवकों को जंगल के पास खड़ी एक संदिग्ध कार दिखी। शक होने पर जब वे पास पहुंचे, तो उन्होंने कार की पिछली सीट पर टीचर और छात्रा को आपत्तिजनक स्थिति में पाया। इसके बाद युवकों ने तुरंत वीडियो बनाना शुरू कर दिया।
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि युवक लड़की से चेहरा दिखाने के लिए कह रहे हैं और उसे कार से बाहर आने को कह रहे हैं। वहीं, लड़की लगातार वीडियो बनाने का विरोध करती नजर आती है। इस दौरान टीचर पर भी दबाव बनाया गया, जिस पर उसने कथित तौर पर मामला दबाने के लिए पैसे देने की पेशकश की।
बताया जा रहा है कि आरोपी टीचर का नाम सुरेश जायसवाल है, जो बतौली के स्वामी आत्मानंद स्कूल में संविदा शिक्षक के रूप में पदस्थ है। इतना ही नहीं, उसकी गाड़ी पर स्वामी आत्मानंद संविदा शिक्षक और कर्मचारी संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष का बोर्ड भी लगा हुआ मिला, जिससे मामला और ज्यादा चर्चा में आ गया।
वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद राजनीतिक हलकों में भी हलचल मच गई। भाजपा नेताओं ने इस पूरे मामले पर कड़ी आपत्ति जताई और जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) से शिकायत की।
22 अप्रैल को भाजपा कार्यकर्ताओं ने सरगुजा के डीईओ दिनेश झा को ज्ञापन सौंपते हुए आरोपी शिक्षक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। इसके बाद प्रशासन हरकत में आया और तुरंत प्रभाव से सुरेश जायसवाल को स्कूल से हटा दिया गया। फिलहाल उसे उदयपुर के बीईओ कार्यालय में अटैच कर दिया गया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के लिए एक टीम भी गठित की गई है। इस टीम में बतौली और सीतापुर के बीईओ समेत एक स्कूल प्रिंसिपल को शामिल किया गया है। डीईओ का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
हालांकि, अब तक इस मामले में पुलिस थाने में कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है, लेकिन वायरल वीडियो के आधार पर जांच जारी है।
यह घटना कई सवाल खड़े करती है—क्या यह सिर्फ व्यक्तिगत मामला है या इसमें पेशे की मर्यादा भी जुड़ी हुई है? फिलहाल, सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है।














