उमाकांत त्रिपाठी। पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल गरमा चुका है और इसी बीच Amit Shah के बयान ने सियासी तापमान और बढ़ा दिया है। एक रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने Mamata Banerjee और उनकी सरकार पर जमकर निशाना साधा। शाह ने कहा कि जब तक बंगाल में एक भी बीजेपी कार्यकर्ता जिंदा है, तब तक यहां बाबरी मस्जिद का निर्माण नहीं होने दिया जाएगा।
उन्होंने राज्य सरकार पर शासन, सुरक्षा और रोजगार जैसे अहम मुद्दों पर पूरी तरह विफल रहने का आरोप लगाया। शाह ने दावा किया कि आगामी चुनाव सिर्फ सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि बंगाल को आतंक, दंगों और घुसपैठ से मुक्त कराने की लड़ाई है।
घुसपैठ के मुद्दे पर सख्त रुख दिखाते हुए उन्होंने कहा कि ये लोग गरीबों की नौकरियां और राशन छीन रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि 5 मई के बाद ऐसे लोगों की पहचान कर उन्हें जेल भेजा जाएगा। शाह ने विश्वास जताया कि इस बार जनता बदलाव के पक्ष में वोट करेगी और Bharatiya Janata Party की सरकार बनेगी।
महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी उन्होंने बड़ा वादा किया। शाह ने कहा कि बीजेपी के सत्ता में आने के बाद महिलाएं रात 2 बजे भी बिना डर के बाहर निकल सकेंगी। इसके साथ ही उन्होंने राज्य की खराब आर्थिक स्थिति को सुधारने और बंद पड़े उद्योगों को फिर से शुरू करने का भरोसा दिलाया, जिससे युवाओं को रोजगार मिलेगा।
अब सबकी नजरें 4 मई को आने वाले चुनावी नतीजों पर टिकी हैं, जो बंगाल की राजनीति की दिशा तय करेंगे।














