दिल्लीन्यूज़भारतराजनीतिहेडलाइंस

मजबूत पंचायतें ही विकसित भारत की नींव… पीएम मोदी ने भेजा मजबूत पंचायतों के नाम संदेश, पंचायती राज दिवस पर ये कहा

उमाकांत त्रिपाठी। राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के मौके पर राजधानी नई दिल्ली में केंद्रीय पंचायती राज मंत्रालय द्वारा एक भव्य राष्ट्रीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह खास अवसर 73वें संविधान संशोधन अधिनियम के 33 वर्ष पूरे होने पर मनाया गया, जिसने देशभर की पंचायती राज संस्थाओं को संवैधानिक दर्जा देकर जमीनी लोकतंत्र को मजबूत किया।

इस कार्यक्रम में हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सहित कई राज्यों के ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों और अधिकारियों ने भाग लिया। इस दौरान Narendra Modi ने देशभर के पंचायत प्रतिनिधियों को लिखित संदेश के जरिए शुभकामनाएं भेजीं। उन्होंने कहा कि जनसेवा और राष्ट्रसेवा के प्रति पंचायत प्रतिनिधियों का समर्पण बेहद प्रेरणादायक है और यही भावना देश के विकास को गति देती है।

प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में जोर देते हुए कहा कि मजबूत पंचायतें जनभागीदारी, पारदर्शिता और समावेशी विकास की सबसे अहम कड़ी हैं। उन्होंने पंचायतों को आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के लक्ष्य की मजबूत आधारशिला बताया। उनका मानना है कि जब गांव सशक्त होंगे, तभी देश तेजी से प्रगति करेगा।

कार्यक्रम में केंद्रीय पंचायती राज राज्य मंत्री S. P. Singh Baghel ने भी पंचायतों की भूमिका को बेहद अहम बताया। उन्होंने कहा कि पंचायती राज संस्थाएं ग्रामीण भारत के सतत विकास की रीढ़ हैं। गांव, किसान और स्थानीय समुदायों के विकास के बिना विकसित भारत का सपना अधूरा रहेगा। बघेल ने यह भी बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों और क्षमता निर्माण योजनाओं के जरिए पंचायत प्रतिनिधियों, खासकर महिलाओं के नेतृत्व और निर्णय लेने की क्षमता में बड़ा सुधार आया है।

डिजिटल इंडिया के प्रभाव का जिक्र करते हुए कार्यक्रम में बताया गया कि ई-ग्रामस्वराज और सभासार जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म पंचायतों के कामकाज को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बना रहे हैं। इन प्लेटफॉर्म्स की मदद से न केवल जवाबदेही बढ़ी है, बल्कि ग्राम सभाओं में लोगों की भागीदारी भी पहले से ज्यादा हुई है। योजनाओं की निगरानी अब बेहतर तरीके से हो रही है, जिससे विकास कार्यों में तेजी आई है।

पंचायती राज मंत्रालय के सचिव Vivek Bharadwaj ने जानकारी दी कि 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों से ग्रामीण निकायों को आर्थिक रूप से बड़ी मजबूती मिलेगी। उन्होंने बताया कि यह अनुदान 15वें वित्त आयोग की तुलना में करीब 84 प्रतिशत अधिक है, जिससे पंचायतों को स्थानीय जरूरतों और विकास कार्यों के लिए ज्यादा संसाधन उपलब्ध होंगे।

इस अवसर पर पंचायत एडवांसमेंट इंडेक्स (PAI) 2.0 रिपोर्ट भी जारी की गई, जो देश का पहला डेटा आधारित ढांचा है। इसके जरिए ग्राम पंचायतों के प्रदर्शन का मूल्यांकन किया जाता है। रिपोर्ट के अनुसार 33 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की 97.30 प्रतिशत पंचायतों ने इसमें भाग लिया, जो पिछले साल की तुलना में बड़ा सुधार है।

कार्यक्रम के दौरान पंचायत धरोहर पहल के तहत ग्रामीण विरासत पर आधारित तीन विशेष प्रकाशन भी जारी किए गए। इनमें त्रिपुरा, तिरुपति और उत्तरकाशी की ग्रामीण विरासत को दर्शाया गया है।

राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के मौके पर देशभर में ग्राम सभाओं और विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन हुआ, जहां स्थानीय विकास, जनहित योजनाओं और लोकतंत्र को मजबूत करने पर चर्चा की गई। यह दिन एक बार फिर यह संदेश देता है कि सशक्त पंचायतें ही सशक्त भारत की पहचान हैं।

Related Posts

180 लड़कियां, 350 अश्लील वीडियो… आखिर क्या है अमरावती कांड, जिसकी सैकड़ों नाबालिग हुई शिकार

खबर इंडिया की। महाराष्ट्र के अमरावती जिले के परतवाड़ा से सामने आया वीडियो कांड…

1 of 796

Leave A Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *