उमाकांत त्रिपाठी। मध्य प्रदेश इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में है। सुबह से ही सूरज के तेवर तीखे हो जाते हैं और दोपहर तक हालात ऐसे हो जाते हैं कि बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है। कई जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, वहीं छतरपुर का खजुराहो इस समय सबसे गर्म इलाकों में शामिल है, जहां पारा 44 डिग्री के करीब दर्ज किया गया।
मौसम विभाग ने राज्य के 20 से ज्यादा जिलों में हीट वेव यानी लू का अलर्ट जारी किया है। इनमें ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मंडला, बालाघाट, नीमच, मंदसौर, उज्जैन, धार और झाबुआ जैसे जिले शामिल हैं। बाकी जिलों में भी तापमान 40 डिग्री से ऊपर बना हुआ है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बड़े शहरों की बात करें तो ग्वालियर सबसे गर्म रहा, जहां तापमान 42 डिग्री के पार पहुंच गया। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और उज्जैन में भी पारा 41 से 42 डिग्री के बीच दर्ज किया गया। इस भीषण गर्मी के बावजूद कई जिलों में स्कूलों की छुट्टी घोषित नहीं की गई है। हालांकि, स्कूलों की टाइमिंग में बदलाव जरूर किया गया है, लेकिन बच्चे अब भी दोपहर की तेज धूप में घर लौटने को मजबूर हैं।
इस स्थिति ने अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। सवाल उठ रहे हैं कि जब मौसम विभाग लगातार चेतावनी दे रहा है, तो बच्चों की सुरक्षा को लेकर और सख्त फैसले क्यों नहीं लिए जा रहे? खासकर छोटे बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह गर्मी बेहद खतरनाक साबित हो सकती है।
हालांकि, मौसम विभाग ने राहत की उम्मीद भी जताई है। 27 और 28 अप्रैल को ग्वालियर, चंबल, जबलपुर और सागर संभाग के कुछ जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना है। इसका कारण पश्चिमी विक्षोभ बताया जा रहा है, जिससे तापमान में थोड़ी गिरावट आ सकती है।
इस बीच, लोगों को गर्मी से बचने के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, दोपहर के समय घर से बाहर न निकलना, हल्के और सूती कपड़े पहनना और बच्चों-बुजुर्गों का खास ख्याल रखना बेहद जरूरी है।
गर्मी का यह दौर अभी जारी रहने वाला है, ऐसे में सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।














