उमाकांत त्रिपाठी।प्रधानमंत्री Narendra Modi जुलाई में तीन देशों के महत्वपूर्ण विदेश दौरे पर रवाना हो सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस दौरे का फोकस रणनीतिक साझेदारी, व्यापार, रक्षा और निवेश बढ़ाने पर रहेगा। खास बात यह है कि जिन देशों के साथ भारत बातचीत आगे बढ़ा रहा है, उनमें से दो ऐसे देश हैं जिनके चीन के साथ रिश्ते लंबे समय से तनावपूर्ण रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, इन यात्राओं के दौरान रक्षा सहयोग, नई टेक्नोलॉजी, सप्लाई चेन, ऊर्जा सुरक्षा और निवेश से जुड़े कई अहम समझौतों पर चर्चा हो सकती है। भारत लगातार इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में अपनी रणनीतिक स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रहा है और ऐसे में यह दौरा काफी अहम माना जा रहा है।
विदेश नीति के जानकारों का मानना है कि पीएम मोदी की ये यात्रा केवल कूटनीतिक मुलाकात तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसके जरिए भारत अपने वैश्विक साझेदारों के साथ आर्थिक और सामरिक रिश्तों को नई ऊंचाई देने की कोशिश करेगा। हाल के वर्षों में भारत ने कई देशों के साथ रक्षा और व्यापार सहयोग को तेज किया है और जुलाई का यह दौरा उसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
हालांकि- सरकार की ओर से पूरे कार्यक्रम का आधिकारिक विस्तृत विवरण अभी सामने नहीं आया है, लेकिन विदेश मंत्रालय की आगामी यात्राओं की सूची और विभिन्न देशों के साथ चल रही बातचीत को देखते हुए कई बड़े ऐलान होने की संभावना जताई जा रही है।













