उमाकांत त्रिपाठी। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बीच राजनीतिक माहौल लगातार गरमाता जा रहा है। इसी बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि इस बार राज्य में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने जा रही है और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की वापसी नहीं होगी।
कोलकाता के टॉलीगंज में आयोजित रोड शो के दौरान अमित शाह ने विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि हर राजनीतिक पार्टी चुनाव के समय अपने-अपने दावे करती है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयानों पर सवाल पूछे जाने पर शाह ने कहा कि वह साफ देख सकते हैं कि इस बार ममता बनर्जी दोबारा सत्ता में नहीं आएंगी।
अमित शाह ने ममता बनर्जी के हालिया बयान पर भी पलटवार किया, जिसमें उन्होंने शाह के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की बात कही थी। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए शाह ने कहा कि ममता बनर्जी अक्सर इस तरह के बयान देती रहती हैं और अदालत में हारती रही हैं। उन्होंने दावा किया कि आगे भी उन्हें अदालत में सफलता नहीं मिलेगी।
गृह मंत्री ने राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर भी टीएमसी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि बंगाल में ‘गुंडाराज’ का माहौल है और आम जनता इससे परेशान है। शाह ने कहा कि भाजपा की सरकार बनने के बाद ऐसे तत्वों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इससे पहले ममता बनर्जी ने अमित शाह के एक बयान पर नाराजगी जताते हुए उनके खिलाफ कानूनी कदम उठाने की बात कही थी। उन्होंने सवाल उठाया था कि एक गृह मंत्री इस तरह की भाषा का इस्तेमाल कैसे कर सकता है। उन्होंने कहा था कि चुनाव के बाद लोगों को सजा देने जैसी बातें लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ हैं।
अमित शाह ने हाल ही में उत्तरपाड़ा और हिंगलगंज विधानसभा क्षेत्रों में भी जनसभाओं को संबोधित किया था। इस दौरान उन्होंने मतदान के दिन शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा था कि पहले कुछ जगहों पर लोगों को वोट डालने से रोका जाता था, लेकिन अब हालात बदल रहे हैं और जनता खुलकर मतदान कर रही है।
शाह ने यह भी दावा किया कि पहले चरण की 152 सीटों में से भाजपा को 110 सीटों पर जीत मिलेगी। उन्होंने कहा कि केंद्रीय सुरक्षा बलों की मौजूदगी में मतदान निष्पक्ष और शांतिपूर्ण होगा, जिससे आम लोग बिना डर के अपने मताधिकार का प्रयोग कर पाएंगे।
बंगाल में दूसरे चरण के मतदान से पहले इस तरह की बयानबाजी ने सियासी पारा और चढ़ा दिया है। भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है, जबकि जनता की नजरें अब 29 अप्रैल को होने वाली वोटिंग पर टिकी हैं। आने वाले दिनों में चुनावी मुकाबला और भी दिलचस्प होने की उम्मीद है।














