उमाकांत त्रिपाठी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को प्रसारित ‘मन की बात’ के 133वें एपिसोड में देशवासियों को कई अहम मुद्दों पर संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने जनगणना 2027 को लेकर खास अपील की और इसे देश का सामूहिक दायित्व बताया। इसके साथ ही उन्होंने नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भारत की तेजी से बढ़ती उपलब्धियों को भी साझा किया।
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि देश में इस समय एक बेहद महत्वपूर्ण अभियान चल रहा है—जनगणना। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि यह सिर्फ सरकारी प्रक्रिया नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है। इस बार की जनगणना को खास बनाते हुए इसे पूरी तरह डिजिटल किया गया है। उन्होंने बताया कि अब घर-घर जाकर जानकारी जुटाने वाले कर्मचारी मोबाइल ऐप के जरिए सीधे डेटा दर्ज करेंगे, जिससे प्रक्रिया ज्यादा पारदर्शी और तेज होगी।
प्रधानमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि इस बार नागरिकों को खुद से अपनी जानकारी दर्ज करने की सुविधा भी दी गई है। कर्मचारी के आने से करीब 15 दिन पहले यह सुविधा शुरू हो जाएगी, जिससे लोग अपनी सुविधानुसार डेटा भर सकेंगे। जब कोई व्यक्ति अपनी जानकारी दर्ज कर लेता है, तो उसे एक यूनिक आईडी मिलती है, जिसे बाद में कर्मचारी को दिखाकर जानकारी की पुष्टि की जा सकती है। इससे दोबारा जानकारी देने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
उन्होंने बताया कि जिन राज्यों में स्व-गणना की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, वहां अब घरों के सूचीकरण का काम भी शुरू हो गया है। अब तक लगभग 1 करोड़ 20 लाख परिवारों का मकान सूचीकरण पूरा किया जा चुका है। पीएम मोदी ने लोगों को भरोसा दिलाया कि उनकी दी गई जानकारी पूरी तरह सुरक्षित और गोपनीय रखी जाएगी।
इसके अलावा प्रधानमंत्री ने रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में भारत की उपलब्धियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत ने एक साल में 6 गीगावाट नई पवन ऊर्जा स्थापित करने का महत्वपूर्ण लक्ष्य हासिल किया है, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है। उन्होंने बताया कि कुल पवन ऊर्जा क्षमता के मामले में भारत अब दुनिया में चौथे स्थान पर पहुंच चुका है।
पीएम मोदी ने इस उपलब्धि को देश की सामूहिक इच्छाशक्ति और सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि सरकार और नागरिक मिलकर हरित अर्थव्यवस्था की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। गुजरात, तमिलनाडु, महाराष्ट्र और राजस्थान जैसे राज्य इस ऊर्जा क्रांति का नेतृत्व कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने खास तौर पर गुजरात के कच्छ, पाटन और बनासकांठा जैसे क्षेत्रों का उल्लेख किया, जो कभी बंजर माने जाते थे, लेकिन आज नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के बड़े केंद्र बन चुके हैं। यह बदलाव दिखाता है कि कैसे भारत भौगोलिक चुनौतियों को अवसर में बदल रहा है।
अपने संबोधन के अंत में पीएम मोदी ने एक बार फिर देशवासियों से अपील की कि वे जनगणना 2027 में बढ़-चढ़कर भाग लें और इस राष्ट्रीय अभियान को सफल बनाएं।














