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सेशेल्स में PM मोदी ने कछुओं को खिलाईं पत्तियां, राष्ट्रपति पैट्रिकके साथ नारियल पानी पिया, मिला गार्ड ऑफ ऑनर

 

उमाकांत त्रिपाठी।PM Modi Seychelles Visit 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को तीन दिवसीय राजकीय दौरे पर हिंद महासागर के द्वीपीय देश सेशेल्स पहुंचे। राजधानी विक्टोरिया में उनका भव्य स्वागत किया गया। सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी ने प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत करते हुए उन्हें नेशनल बोटैनिकल गार्डन ले जाकर प्रसिद्ध एल्डाब्रा जाइंट कछुओं को पत्तियां खिलाईं। प्रधानमंत्री मोदी 29 जून को सेशेल्स के 50वें राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भी शामिल होंगे।

प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा केवल एक राजनयिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि भारत और सेशेल्स के बीच सदियों पुराने ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और रणनीतिक संबंधों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है।

256 साल पुराना है भारत-सेशेल्स का रिश्ता

भारत और सेशेल्स के संबंधों का इतिहास बेहद पुराना और गहरा है। वर्ष 1770 में जब सेशेल्स में पहली स्थायी बस्ती बसाई गई थी, तब वहां पहुंचने वाले 27 लोगों में पांच भारतीय भी शामिल थे। इसके बाद भारत के बिहार, तमिलनाडु और गुजरात से बड़ी संख्या में लोग सेशेल्स जाकर बसने लगे।

आज सेशेल्स की लगभग 1.20 लाख आबादी में हर आठवां नागरिक भारतीय मूल का माना जाता है। यही कारण है कि भारत और सेशेल्स के रिश्ते केवल राजनीतिक या आर्थिक नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक स्तर पर भी बेहद मजबूत हैं।

राष्ट्रपति के पूर्वज भी थे भारतीय मूल के

सेशेल्स के वर्तमान राष्ट्रपति वेवेल रामकलावन के पूर्वज भारत के बिहार राज्य के गोपालगंज जिले से संबंधित थे। यह तथ्य दोनों देशों के बीच मौजूद ऐतिहासिक संबंधों को और भी मजबूत बनाता है। भारतीय समुदाय ने सेशेल्स के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।प्रधानमंत्री मोदी के इस दौरे के दौरान भारतीय मूल के समुदाय से भी उनकी मुलाकात होने की संभावना है। इससे दोनों देशों के लोगों के बीच संबंध और मजबूत होंगे।

हिंद महासागर में भारत का महत्वपूर्ण साझेदार है सेशेल्स

सेशेल्स हिंद महासागर क्षेत्र में भारत का एक महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार माना जाता है। समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी सहयोग, ब्लू इकॉनमी, रक्षा सहयोग और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे कई मुद्दों पर दोनों देशों के बीच मजबूत साझेदारी है।

भारत लंबे समय से सेशेल्स को रक्षा उपकरण, नौसैनिक सहायता और क्षमता निर्माण कार्यक्रमों में सहयोग देता रहा है। हिंद महासागर क्षेत्र में चीन की बढ़ती गतिविधियों के बीच सेशेल्स का रणनीतिक महत्व और बढ़ गया है। ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा भारत की “सागर” (Security and Growth for All in the Region) नीति को और मजबूती प्रदान करेगा।

राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि होंगे मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 29 जून को सेशेल्स के 50वें राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। यह भारत और सेशेल्स के बीच गहरे विश्वास और मजबूत संबंधों का प्रतीक माना जा रहा है।

इस दौरान दोनों देशों के बीच रक्षा, व्यापार, समुद्री सुरक्षा, डिजिटल सहयोग, स्वास्थ्य और शिक्षा समेत कई क्षेत्रों में नए समझौतों और सहयोग की संभावनाएं भी जताई जा रही हैं।

आर्थिक और विकास सहयोग भी रहेगा फोकस

भारत ने पिछले कई वर्षों में सेशेल्स में बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और क्षमता निर्माण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण निवेश किया है। कई विकास परियोजनाओं में भारत की भागीदारी रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा दोनों देशों के आर्थिक सहयोग को नई दिशा देगा और हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक स्थिति को और मजबूत करेगा।

भारत-सेशेल्स संबंधों का नया अध्याय

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सेशेल्स दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब हिंद महासागर क्षेत्र वैश्विक रणनीतिक प्रतिस्पर्धा का महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है। ऐसे में भारत और सेशेल्स के बीच मजबूत होते रिश्ते न केवल दोनों देशों के लिए, बल्कि पूरे हिंद महासागर क्षेत्र की स्थिरता और विकास के लिए भी महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।विशेषज्ञों का मानना है कि यह दौरा भारत और सेशेल्स के बीच 256 साल पुराने ऐतिहासिक रिश्तों को नई ऊर्जा और नई दिशा देने वाला साबित होगा।

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