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PM Modi Mann Ki Baat: नया सोना खरीदना बंद, विदेश यात्रा पर लगाया ब्रेक, जनता ने मानी बात, रंग लाई PM मोदी की मुहिम, मन की बात में जिक्र

उमाकांत त्रिपाठी। PM Modi Mann Ki Baat के 135वें एपिसोड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों की भागीदारी को भारत की सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि कुछ समय पहले देश के सामने मौजूद वैश्विक चुनौतियों और आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए उन्होंने लोगों से नया सोना खरीदने से बचने, अनावश्यक विदेश यात्राएं टालने, कार पूलिंग अपनाने और ईंधन की बचत करने की अपील की थी। अब इस अपील का असर देश के अलग-अलग हिस्सों में दिखाई देने लगा है। प्रधानमंत्री के अनुसार, कई परिवारों ने नए सोने की खरीदारी के बजाय पुराने गहनों को रीसायकल करने का फैसला किया, जबकि बड़ी संख्या में लोगों ने विदेश यात्राएं स्थगित कर दीं और सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग शुरू किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि संकट के समय देश की सामूहिक भागीदारी ही सबसे बड़ी शक्ति बनकर सामने आती है और यही भारत की सबसे बड़ी विशेषता भी है।

जनभागीदारी को बताया भारत की सबसे बड़ी ताकत

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जब देश किसी चुनौती का सामना करता है, तब केवल सरकार ही नहीं बल्कि आम नागरिकों की भागीदारी भी बेहद महत्वपूर्ण होती है।

उन्होंने कहा कि हाल के समय में लोगों ने उनकी अपील को गंभीरता से लिया और अपनी जीवनशैली में छोटे-छोटे बदलाव किए। इन बदलावों का सकारात्मक असर अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि देशभर से ऐसे अनेक उदाहरण सामने आए हैं, जहां लोगों ने जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाते हुए संसाधनों की बचत और आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाए।

नया सोना खरीदने की बजाय पुराने गहनों को किया रीसायकल

प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि उनकी अपील के बाद कई परिवारों ने नया सोना खरीदने की योजना फिलहाल टाल दी। इसके बजाय लोगों ने पुराने आभूषणों को रीसायकल कराने का निर्णय लिया।

उन्होंने इसे संसाधनों के बेहतर उपयोग और जिम्मेदार उपभोग का उदाहरण बताया। प्रधानमंत्री के अनुसार, छोटे-छोटे व्यक्तिगत निर्णय भी राष्ट्रीय स्तर पर बड़ा प्रभाव डाल सकते हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी सोच से अनावश्यक खर्च में कमी आती है और आर्थिक संतुलन बनाए रखने में मदद मिलती है।

विदेश यात्राएं टलीं, कार पूलिंग और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का बढ़ा उपयोग

प्रधानमंत्री ने बताया कि बड़ी संख्या में लोगों ने गैर-जरूरी विदेश यात्राएं स्थगित कीं। इसके साथ ही कई नागरिकों ने निजी वाहनों के बजाय कार पूलिंग और सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग करना शुरू किया।

उन्होंने कहा कि इससे न केवल ईंधन की बचत होती है बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान मिलता है।

प्रधानमंत्री ने लोगों से भविष्य में भी ऐसे प्रयास जारी रखने की अपील की और कहा कि देशहित में किया गया हर छोटा कदम महत्वपूर्ण होता है।

किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने की अपील

‘मन की बात’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने कृषि क्षेत्र का भी उल्लेख किया। उन्होंने किसानों से प्राकृतिक खेती और जैविक खाद के उपयोग को बढ़ावा देने का आग्रह किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक खेती न केवल पर्यावरण के लिए बेहतर है, बल्कि इससे मिट्टी की गुणवत्ता में भी सुधार होता है। उन्होंने किसानों से रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने की अपील की।

गणेश उत्सव पर स्थानीय कारीगरों का किया समर्थन

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने आगामी गणेश उत्सव का भी जिक्र किया। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे केवल मिट्टी से बनी गणेश प्रतिमाएं ही खरीदें।

उन्होंने कहा कि ऐसी प्रतिमाएं स्थानीय कुम्हारों और कलाकारों द्वारा तैयार की जाती हैं, जिससे स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिलता है।

प्रधानमंत्री ने प्लास्टर ऑफ पेरिस (POP) से बनी मूर्तियों के उपयोग से बचने की सलाह दी और लोगों से यह भी आग्रह किया कि खरीदारी करते समय यह जरूर देखें कि प्रतिमा भारत में बनी है या नहीं।

महाराष्ट्र, बिहार, दिल्ली और मध्य प्रदेश के प्रेरणादायक उदाहरण
महाराष्ट्र: शादी में पूरे गांव का दुर्घटना बीमा

प्रधानमंत्री ने महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले के बहादुरपुरा गांव के पेठकर परिवार का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि इस परिवार ने शादी के अवसर पर गांव के लगभग 3,500 लोगों का दुर्घटना बीमा कराया, जिसमें प्रत्येक व्यक्ति को एक लाख रुपये का बीमा कवर मिला।

प्रधानमंत्री ने इसे सामाजिक जिम्मेदारी का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।

बिहार: नालंदा विश्वविद्यालय में शास्त्रार्थ की परंपरा

प्रधानमंत्री ने बिहार के नालंदा विश्वविद्यालय की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने भारत की प्राचीन शास्त्रार्थ परंपरा को फिर से जीवित करने का प्रयास किया है।

उन्होंने कहा कि शास्त्रार्थ केवल बहस नहीं, बल्कि तर्क, तथ्यों और धैर्यपूर्वक संवाद की संस्कृति है, जो भारतीय ज्ञान परंपरा की महत्वपूर्ण पहचान रही है।

दिल्ली: संस्कृत और AI का नया संगम

प्रधानमंत्री ने दिल्ली स्थित सेंट्रल संस्कृत यूनिवर्सिटी द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा साइंस में बी-टेक कार्यक्रम शुरू करने की भी चर्चा की।

उन्होंने कहा कि इससे भारतीय भाषाओं के लिए नए AI टूल विकसित करने और प्राचीन ग्रंथों के डिजिटल संरक्षण में मदद मिलेगी।

मध्य प्रदेश: प्लास्टिक कचरे से इको-ब्रिक्स

प्रधानमंत्री ने मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा की महिलाओं के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने बताया कि यहां महिलाएं प्लास्टिक कचरे को एकत्र कर उसे इको-ब्रिक्स में बदल रही हैं।

उनके अनुसार, पिछले कुछ महीनों में सैकड़ों किलोग्राम प्लास्टिक का पुनर्चक्रण किया गया, जिससे पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान मिला।

 

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