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Blackmail Case: रीलबाज लड़की ने चुपके से अश्लील वीडियो बनाए, युवक को झूठे फंसाकर वसूले 15 लाख, अब गिड़गिड़ा रहा युवक

संभल: उत्तर प्रदेश के संभल जिले से सामने आए Blackmail Case ने सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स और ऑनलाइन रिश्तों को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। पुलिस ने एक युवक की शिकायत पर सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर अरिशा और उसके दो साथियों के खिलाफ ब्लैकमेलिंग, धमकी और पैसे वसूलने के आरोप में एफआईआर दर्ज की है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि पहले उसे प्रेम संबंध में फंसाया गया, फिर उसके निजी फोटो और वीडियो बनाकर उन्हें वायरल करने की धमकी देते हुए 55 हजार रुपये की मांग की गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुलिस जांच कर रही है। फिलहाल अदालत में आरोप सिद्ध नहीं हुए हैं और सभी पक्षों का कानूनी पक्ष सामने आना बाकी है।

युवक का दावा- नैनीताल में हुई थी पहली मुलाकात

शिकायतकर्ता शाहरुख (22), जो संभल के चौधरी सराय इलाके में फास्ट फूड सेंटर चलाता है, ने बताया कि करीब तीन वर्ष पहले वह नैनीताल घूमने गया था। वहीं उसकी मुलाकात संभल की रहने वाली सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर अरिशा से हुई।


दोनों एक ही शहर के होने के कारण बातचीत शुरू हुई और धीरे-धीरे दोनों के बीच संपर्क बढ़ता गया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि मुलाकातों के दौरान उसके निजी फोटो और वीडियो रिकॉर्ड किए गए। बाद में इन्हीं के आधार पर उसे कथित रूप से ब्लैकमेल किया जाने लगा।

युवक का कहना है कि शुरुआत में उसे इस बात का अंदाजा नहीं था कि वह किसी साजिश का शिकार हो सकता है, लेकिन समय के साथ उसे शक होने लगा।

आरोप- फोटो और वीडियो वायरल करने की दी धमकी

एफआईआर के अनुसार, युवक ने आरोप लगाया है कि अरिशा और उसके साथियों ने कथित तौर पर उससे 55 हजार रुपये की मांग की। यह भी कहा गया कि यदि पैसे नहीं दिए गए तो उसके निजी फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए जाएंगे।


इतना ही नहीं, शिकायतकर्ता का आरोप है कि उसे झूठे छेड़छाड़ के मुकदमे में फंसाने की धमकी भी दी गई। डर और सामाजिक बदनामी की आशंका के चलते उसने कथित रूप से मांगी गई रकम दे दी।

हालांकि युवक का कहना है कि पैसे देने के बाद भी धमकियों का सिलसिला बंद नहीं हुआ और लगातार उसे मानसिक रूप से परेशान किया जाता रहा।

गैंग चलाने का भी लगाया आरोप

शिकायतकर्ता ने पुलिस को दिए बयान में आरोप लगाया है कि अरिशा अकेले काम नहीं करती, बल्कि उसके साथ कुछ अन्य लोग भी जुड़े हुए हैं। एफआईआर में अनस और शुऐब समेत अन्य लोगों के नाम भी शामिल किए गए हैं।

युवक का दावा है कि यह पूरा समूह कथित तौर पर लोगों को प्रेम संबंधों में फंसाकर उनसे पैसे वसूलने का काम करता है। हालांकि पुलिस ने अभी तक इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और जांच जारी है।


पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े सभी डिजिटल साक्ष्यों, मोबाइल रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की जांच की जाएगी।

समझौते के बावजूद जारी रही कथित ब्लैकमेलिंग

शिकायतकर्ता के अनुसार, वर्ष 2023 में दोनों पक्षों के बीच एक स्टाम्प पेपर पर समझौता भी हुआ था, जिसे नोटरी कराया गया था।

युवक का दावा है कि उस समझौते में यह उल्लेख था कि पहले लगाए गए आरोप सही नहीं थे। इसके बावजूद बाद में फिर से कथित रूप से धमकी देकर पैसे मांगने का सिलसिला शुरू हो गया।

शिकायतकर्ता का कहना है कि लगातार मानसिक दबाव और कथित ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर उसने आखिरकार पुलिस की शरण ली।

पुलिस ने दर्ज की FIR, जांच जारी

संभल कोतवाली पुलिस ने युवक की शिकायत के आधार पर सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर अरिशा, दो नामजद युवकों और कुछ अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।


थाना प्रभारी सुधीर पंवार ने बताया कि शिकायत प्राप्त होने के बाद मामला दर्ज कर लिया गया है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस डिजिटल साक्ष्यों के साथ-साथ कथित वित्तीय लेनदेन की भी जांच करेगी।

उन्होंने कहा कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर आरोपियों से पूछताछ भी की जाएगी।

सोशल मीडिया और निजी रिश्तों में सतर्क रहने की जरूरत

यह मामला एक बार फिर इस बात की ओर ध्यान दिलाता है कि सोशल मीडिया के माध्यम से बनने वाले रिश्तों में सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। किसी भी व्यक्ति के साथ निजी जानकारी, फोटो या वीडियो साझा करने से पहले पूरी सतर्कता बरतनी चाहिए।


यदि किसी व्यक्ति को निजी फोटो या वीडियो के नाम पर धमकाया जाता है या पैसे की मांग की जाती है, तो उसे तुरंत पुलिस या साइबर क्राइम हेल्पलाइन से संपर्क करना चाहिए।

फिलहाल जांच के बाद ही साफ होगी सच्चाई

इस Blackmail Case में फिलहाल पुलिस जांच जारी है। शिकायतकर्ता ने गंभीर आरोप लगाए हैं, लेकिन दूसरी ओर आरोपियों का पक्ष सार्वजनिक रूप से सामने आना अभी बाकी है। ऐसे मामलों में अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

पुलिस का कहना है कि सभी डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्यों की जांच निष्पक्ष तरीके से की जाएगी और यदि आरोप सही पाए गए तो कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल यह मामला संभल में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग पुलिस जांच के नतीजों का इंतजार कर रहे हैं।

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