उमाकांत त्रिपाठी। जकार्ता: PM Modi Indonesia Visit 2026 भारत की विदेश नीति और रक्षा कूटनीति के लिहाज से एक बड़ी उपलब्धि बनकर सामने आया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इंडोनेशिया दौरे के दूसरे दिन भारत और इंडोनेशिया के बीच रक्षा, व्यापार, डिजिटल तकनीक और रणनीतिक सहयोग से जुड़े कई महत्वपूर्ण समझौते हुए। इनमें सबसे ज्यादा चर्चा ब्रह्मोस मिसाइल डील की रही, जिसके तहत भारत इंडोनेशिया को ब्रह्मोस मिसाइल की अतिरिक्त यूनिट उपलब्ध कराएगा। इसके साथ ही इंडोनेशिया फिलीपींस और वियतनाम के बाद ब्रह्मोस खरीदने वाला तीसरा देश बन गया है।
Held productive discussions with President Prabowo Subianto at Istana Merdeka in Jakarta. Over the past few years, India-Indonesia relations have acquired new momentum and greater depth. Today’s talks covered various subjects such as trade, human development, agriculture, food… pic.twitter.com/FvVqXEpDDZ
— Narendra Modi (@narendramodi) July 7, 2026
PM Modi Indonesia Visit 2026 के दौरान दोनों देशों ने ‘अस्त्र’ एयर-टू-एयर मिसाइल, इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM), UPI पेमेंट सिस्टम, क्रिटिकल मिनरल्स, स्टील सेक्टर और सबांग पोर्ट जैसे कई अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का फैसला किया। इस अवसर पर इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से भी सम्मानित किया।
ब्रह्मोस मिसाइल डील बनी सबसे बड़ी उपलब्धि
प्रधानमंत्री मोदी के इस दौरे की सबसे बड़ी उपलब्धि भारत और इंडोनेशिया के बीच हुई ब्रह्मोस मिसाइल डील रही। दोनों देशों के बीच पिछले चार महीनों से इस पर बातचीत चल रही थी।
समझौते के तहत भारत इंडोनेशिया को ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल की अतिरिक्त यूनिट उपलब्ध कराएगा। इससे पहले फिलीपींस और वियतनाम भारत से ब्रह्मोस खरीद चुके हैं। अब इंडोनेशिया भी इस सूची में शामिल हो गया है।
विशेषज्ञों के अनुसार यह समझौता भारत की रक्षा निर्यात क्षमता को मजबूत करेगा और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भारत की रणनीतिक स्थिति को और सशक्त बनाएगा।
अस्त्र मिसाइल और रक्षा सहयोग को मिली नई मजबूती
PM Modi Indonesia Visit 2026 के दौरान इंडोनेशिया ने भारत की स्वदेशी ‘अस्त्र’ एयर-टू-एयर मिसाइल खरीदने का भी निर्णय लिया। बताया जा रहा है कि ऑपरेशन सिंदूर में इस मिसाइल के सफल प्रदर्शन के बाद इंडोनेशिया ने इसमें रुचि दिखाई।
इसके अलावा दोनों देशों ने रक्षा तकनीक, सैन्य सहयोग और सुरक्षा साझेदारी को आगे बढ़ाने पर भी सहमति जताई। भारत पहले ही दुनिया के कई देशों को रक्षा उपकरण निर्यात कर रहा है और इंडोनेशिया के साथ यह सहयोग इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
UPI, EVM और डिजिटल सहयोग पर अहम समझौते
द्विपक्षीय वार्ता के दौरान डिजिटल क्षेत्र में भी कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।
भारत इंडोनेशिया के लिए इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) विकसित करने में तकनीकी सहायता देगा। इसे भारतीय चुनाव प्रणाली पर बढ़ते वैश्विक विश्वास के रूप में देखा जा रहा है।
साथ ही भारत का UPI (Unified Payments Interface) जल्द ही इंडोनेशिया के डिजिटल भुगतान नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। इसके लागू होने के बाद भारतीय पर्यटक और कारोबारी इंडोनेशिया में आसानी से डिजिटल भुगतान कर सकेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि डिजिटल सहयोग दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को नई ऊंचाई देगा।
क्रिटिकल मिनरल्स और स्टील सेक्टर में निवेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त प्रेस वार्ता में कहा कि आधुनिक तकनीक और उद्योग के लिए मजबूत सप्लाई चेन बेहद आवश्यक है।
भारत और इंडोनेशिया ने क्रिटिकल मिनरल्स, स्टील, निकेल और रेयर अर्थ मैग्नेट के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने का फैसला किया है।
दोनों देशों की कंपनियां स्टेनलेस स्टील और रेयर अर्थ मैग्नेट निर्माण में संयुक्त निवेश करेंगी। इससे इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग, रक्षा उपकरण और हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।
सबांग पोर्ट का होगा संयुक्त विकास
द्विपक्षीय बैठक के दौरान भारत और इंडोनेशिया ने सबांग पोर्ट के विकास पर भी सहमति जताई।
यह बंदरगाह मलक्का जलडमरूमध्य के पास स्थित है और भारत के ग्रेट निकोबार पोर्ट प्रोजेक्ट से लगभग 100 मील की दूरी पर है। रणनीतिक दृष्टि से यह परियोजना हिंद महासागर और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भारत की समुद्री उपस्थिति को मजबूत करेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह सहयोग दोनों देशों के व्यापार और समुद्री सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा।
पीएम मोदी को मिला इंडोनेशिया का सर्वोच्च सम्मान
PM Modi Indonesia Visit 2026 के दौरान राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इंडोनेशिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित किया।
सम्मान प्राप्त करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह सम्मान केवल उनका नहीं बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का सम्मान है। उन्होंने इंडोनेशिया सरकार और वहां के नागरिकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों के संबंध नई ऊर्जा और नए विश्वास के साथ आगे बढ़े हैं।
उन्होंने कहा कि 2018 में शुरू हुई व्यापक रणनीतिक साझेदारी अब रक्षा, तकनीक, शिक्षा, संस्कृति और आर्थिक सहयोग के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रही है।
लोकतंत्र, शांति और कूटनीति पर भी साझा संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में बातचीत और कूटनीति की भूमिका पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।
उन्होंने फिलिस्तीन मुद्दे पर भारत के ‘टू-स्टेट सॉल्यूशन’ के समर्थन को दोहराया और कहा कि भारत हमेशा शांति, संवाद और स्थायी समाधान का पक्षधर रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र और विविधता में एकता भारत और इंडोनेशिया दोनों की साझा ताकत है। दोनों देशों के चुनाव आयोगों के बीच होने वाला समझौता लोकतांत्रिक सहयोग को और मजबूत करेगा।
प्रम्बानन मंदिर का करेंगे दौरा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को इंडोनेशिया के प्रसिद्ध प्रम्बानन हिंदू मंदिर का भी दौरा करेंगे। लगभग एक हजार वर्ष पुराने इस मंदिर को भारत और इंडोनेशिया की साझा सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक माना जाता है।
यह प्रधानमंत्री मोदी की इंडोनेशिया यात्रा का एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक कार्यक्रम होगा, जो दोनों देशों के ऐतिहासिक और सभ्यतागत संबंधों को और मजबूत करेगा।
भारत-इंडोनेशिया संबंधों को मिली नई दिशा
PM Modi Indonesia Visit 2026 ने स्पष्ट कर दिया है कि भारत और इंडोनेशिया अब केवल व्यापारिक साझेदार नहीं, बल्कि रक्षा, तकनीक, डिजिटल अर्थव्यवस्था, समुद्री सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग के मजबूत सहयोगी बनते जा रहे हैं।
ब्रह्मोस मिसाइल, अस्त्र मिसाइल, UPI, EVM, क्रिटिकल मिनरल्स और सबांग पोर्ट जैसे समझौते आने वाले वर्षों में दोनों देशों के संबंधों को नई ऊंचाई देने के साथ-साथ इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भारत की भूमिका को भी और मजबूत करेंगे।














