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Jaipur Murder Case: सरकारी नौकरी- करोड़ों की प्रॉपर्टी के लिए बेटी ने करवाई मां की हत्या, भाई के साथ प्लानिंग की, तेज रफ्तार गाड़ी से कुचलवाया

Jaipur Murder Case ने राजस्थान ही नहीं, पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। जयपुर के प्रताप नगर इलाके में एक महिला की सड़क हादसे जैसी दिखने वाली मौत की जांच में पुलिस ने जो खुलासा किया, वह बेहद चौंकाने वाला है। पुलिस के अनुसार, महिला की हत्या कथित तौर पर उसकी अपनी बेटी ने प्रॉपर्टी और सरकारी नौकरी पाने के मकसद से करवाई। आरोप है कि उसने अपने ताऊ और अन्य लोगों के साथ मिलकर 7 लाख रुपये की सुपारी देकर हत्या की साजिश रची।

पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में मामला सड़क दुर्घटना का लग रहा था, लेकिन सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर हत्या की साजिश का खुलासा हुआ। इस मामले में अब तक सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है।

 क्या है पूरा Jaipur Murder Case?

पुलिस के अनुसार, मृतक महिला नीरज शर्मा (45) जयपुर के प्रताप नगर स्थित रविंद्र नगर में रहती थीं। उनके पति का लगभग एक वर्ष पहले निधन हो गया था। पति के निधन के बाद अनुकंपा नियुक्ति के तहत उन्हें कोर्ट में लोअर डिवीजन क्लर्क (LDC) की नौकरी मिली थी।

3 जुलाई की शाम नीरज शर्मा अपने 16 वर्षीय बेटे को कोचिंग छोड़कर घर लौट रही थीं। इसी दौरान तेज रफ्तार एक स्कॉर्पियो वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। पुलिस के अनुसार, टक्कर इतनी तेज थी कि महिला कई मीटर दूर जाकर गिरीं और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।

पहली नजर में यह सड़क हादसा प्रतीत हुआ, लेकिन जांच के दौरान कई संदिग्ध तथ्य सामने आए।

CCTV फुटेज से खुला हत्या का राज

घटना स्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच के दौरान पुलिस को वाहन की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। फुटेज में स्कॉर्पियो महिला को टक्कर मारने के बाद तेज गति से मौके से निकलती दिखाई दी।

इसके बाद पुलिस ने वाहन की पहचान, संदिग्धों की गतिविधियों और मोबाइल लोकेशन सहित अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई।

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि घटना कोई सामान्य दुर्घटना नहीं बल्कि कथित रूप से पहले से बनाई गई साजिश का हिस्सा थी।

 प्रॉपर्टी और नौकरी बना विवाद की वजह

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मृतका और उनकी बेटी आयुषी के बीच पिछले कुछ वर्षों से संपत्ति और अनुकंपा नियुक्ति को लेकर विवाद चल रहा था।

जांच में सामने आया कि बेटी कथित तौर पर चाहती थी कि पिता के निधन के बाद मिलने वाली सरकारी नौकरी उसे मिले। लेकिन नौकरी नीरज शर्मा को मिलने के बाद परिवार में तनाव बढ़ गया।

पुलिस का आरोप है कि इसी विवाद के चलते कथित रूप से हत्या की योजना बनाई गई।

7 लाख रुपये की सुपारी देने का आरोप

पुलिस के अनुसार, आरोप है कि बेटी ने अपने ताऊ और अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर हत्या की साजिश तैयार की।

जांच एजेंसियों का दावा है कि कथित तौर पर 7 लाख रुपये में हत्या की सुपारी तय की गई। इसके बाद संदिग्धों ने कई दिनों तक महिला की गतिविधियों की रेकी की।

पुलिस का कहना है कि योजना के तहत पहले अन्य वाहन का इस्तेमाल करने की कोशिश की गई, लेकिन सफलता नहीं मिलने पर स्कॉर्पियो वाहन से वारदात को अंजाम दिया गया।

रेकी के बाद बनाई गई पूरी योजना

जांच के अनुसार, संदिग्धों ने महिला के घर से निकलने और आने-जाने के समय की लगातार निगरानी की।

पुलिस का कहना है कि वारदात वाले दिन भी कुछ आरोपी अलग-अलग स्थानों पर मौजूद थे और कथित तौर पर एक-दूसरे को महिला की लोकेशन की जानकारी दे रहे थे।

घटना के बाद वाहन को दूसरी जगह छोड़ दिया गया और आरोपी अलग-अलग माध्यमों से वहां से निकल गए।

बाद में पुलिस ने स्कॉर्पियो वाहन को बरामद कर लिया।

 परिजनों ने पहले ही जताया था शक

मृतका के भाई ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि उनकी बहन ने पहले भी परिवार के कुछ सदस्यों से खतरा होने की बात कही थी।

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था और उन्हें पहले भी धमकियां मिली थीं।

इन्हीं बिंदुओं के आधार पर पुलिस ने हत्या के एंगल से जांच शुरू की।

 पुलिस ने क्या कार्रवाई की?

जयपुर पुलिस ने इस मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार आरोपियों में शामिल हैं—

मृतका की बेटी
परिवार का एक सदस्य
कथित सुपारी किलर
वाहन चालक
अन्य सहयोगी

पुलिस के अनुसार, एक अन्य आरोपी अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।

जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि हत्या की साजिश कब और कैसे तैयार की गई तथा इसमें किसकी क्या भूमिका रही।

 पुलिस की जांच अभी जारी

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में डिजिटल साक्ष्य, कॉल रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और अन्य फोरेंसिक सबूतों की भी जांच की जा रही है।

साथ ही गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।

अंतिम निष्कर्ष अदालत में प्रस्तुत किए जाने वाले साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही तय होंगे।

 

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