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Canada Jail Officer Case: जालंधर की लेडी अफसर ने जेल में कैदी से किया सेक्स, गैंगस्टर के पैसे से कॉस्मेटिक सर्जरी, फॉरेन ट्रिप कीं

रायपुर/टोरंटो: Canada Jail Officer Case ने कनाडा की जेल व्यवस्था और सुरक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कनाडा के ओंटारियो प्रांत में तैनात भारतीय मूल की एक महिला जेल अधिकारी पर एक पंजाबी कैदी के साथ कथित निजी संबंध रखने और उससे जुड़े संवेदनशील मामलों में नियमों के उल्लंघन के आरोप लगे हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार मामला केवल व्यक्तिगत संबंधों तक सीमित नहीं है, बल्कि एक वरिष्ठ जेल अधिकारी पर कथित हमले की साजिश की जांच के दौरान भी महिला अधिकारी का नाम सामने आया है।

हालांकि यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि मामले की जांच जारी है और अदालत में अभी अंतिम निर्णय नहीं आया है। संबंधित महिला अधिकारी और कैदी दोनों की ओर से लगाए गए आरोपों से इनकार किया गया है या कानूनी प्रक्रिया का हवाला दिया गया है।

563 पन्नों के कोर्ट दस्तावेजों से सामने आए आरोप

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 3 जुलाई को ओंटारियो सुपीरियर कोर्ट की अनुमति के बाद 563 पन्नों वाले Information to Obtain (ITO) दस्तावेजों के कुछ हिस्से सार्वजनिक किए गए। इन्हीं दस्तावेजों में महिला अधिकारी और कैदी के बीच कथित संबंधों तथा जांच एजेंसियों द्वारा जुटाए गए तथ्यों का उल्लेख किया गया है।

जांच एजेंसियों का दावा है कि महिला अधिकारी ने अपनी ड्यूटी उसी जेल ब्लॉक में लगवाई, जहां संबंधित कैदी बंद था। आरोप है कि वह अक्सर उसकी सेल के आसपास देखी जाती थीं और दोनों जेल के आधिकारिक संचार माध्यमों के अलावा कथित रूप से एक अवैध मोबाइल फोन के जरिए भी संपर्क में रहते थे।

पुलिस का यह भी दावा है कि जांच के दौरान कुछ ऐसे इनपुट मिले, जिनसे दोनों के बीच लंबे समय से व्यक्तिगत संबंध होने की बात सामने आई। हालांकि इन दावों की पुष्टि अदालत द्वारा अभी नहीं की गई है।

जांच कैसे शुरू हुई?

रिपोर्ट के मुताबिक पूरा मामला तब चर्चा में आया, जब एक वरिष्ठ जेल अधिकारी के घर पर कथित हमले की साजिश की जांच शुरू हुई। पुलिस का आरोप है कि जांच के दौरान ऐसे संकेत मिले कि संबंधित कैदी को जेल अधिकारी की कार की नंबर प्लेट की तस्वीर उपलब्ध कराई गई थी।

जांच एजेंसियों का कहना है कि इसी जानकारी के आधार पर वाहन और उसके मालिक की पहचान की गई। इसके बाद कथित साजिश से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच शुरू हुई और मामला कनाडा पुलिस की “प्रोजेक्ट साउथ” जांच का हिस्सा बन गया।

हालांकि पुलिस द्वारा लगाए गए इन आरोपों पर अभी न्यायालय का अंतिम फैसला आना बाकी है।

 कैदी और महिला अधिकारी की पृष्ठभूमि

जांच दस्तावेजों के अनुसार, महिला अधिकारी का परिवार पंजाब के जालंधर जिले से जुड़ा बताया गया है। वह ब्रिटिश कोलंबिया में रहती थीं और टोरंटो साउथ डिटेंशन सेंटर में कॉर्पोरल के पद पर कार्यरत थीं।

दूसरी ओर संबंधित कैदी पंजाब से कनाडा ट्रक ड्राइवर के रूप में गया था। बाद में जांच एजेंसियों ने उसका नाम कथित ड्रग तस्करी नेटवर्क से जोड़ा। वह फिलहाल जेल में बंद है और अमेरिका प्रत्यर्पण की कानूनी प्रक्रिया का सामना कर रहा है।

पुलिस का दावा है कि दोनों के बीच कथित संबंध जेल में आने से पहले से थे और जेल में कैदी के पहुंचने के बाद संपर्क फिर सक्रिय हो गया।

महंगे गिफ्ट और विदेश यात्राओं के खर्च के आरोप

ITO दस्तावेजों में यह भी आरोप लगाया गया है कि संबंधित कैदी ने महिला अधिकारी को महंगे उपहार दिए थे। जांच में यह भी दावा किया गया कि कथित तौर पर कॉस्मेटिक सर्जरी और विदेश यात्राओं का खर्च भी कैदी ने उठाया।

जांच अधिकारी के अनुसार यदि ये आरोप सही साबित होते हैं, तो यह किसी जेल अधिकारी और कैदी के बीच पेशेवर मर्यादाओं का गंभीर उल्लंघन माना जाएगा।

हालांकि इन आरोपों पर महिला अधिकारी की ओर से स्पष्ट इनकार किया गया है।

महिला अधिकारी का पक्ष

महिला अधिकारी की वकील ने कहा है कि उनकी मुवक्किल ने जांच में पूरा सहयोग किया है। उन्होंने अपना मोबाइल फोन जांच एजेंसियों को उपलब्ध कराया और किसी भी प्रकार के आपराधिक या पेशेवर दुराचार से इनकार किया है।

वकील का कहना है कि अभी तक उनकी मुवक्किल के खिलाफ कोई अपराध सिद्ध नहीं हुआ है और वह खुद को निर्दोष मानती हैं।

कैदी के वकील ने क्या कहा?

कैदी के वकील ने भी मीडिया से बातचीत में कहा कि कई महीने बीत जाने के बावजूद उनके मुवक्किल के खिलाफ इस मामले में अभी तक कोई औपचारिक आरोप तय नहीं किए गए हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि जेल में सुरक्षा व्यवस्था और स्टाफ-इनमेट संबंधों को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं और यह मामला अभी पूरी तरह न्यायिक प्रक्रिया में है।

जांच अभी जारी, अंतिम फैसला आना बाकी

कनाडा पुलिस इस पूरे मामले में कई अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। रिपोर्ट के अनुसार कुछ पुलिस अधिकारियों और अन्य व्यक्तियों के नाम भी जांच के दायरे में हैं।

फिलहाल महिला अधिकारी पेड लीव पर हैं, जबकि संबंधित कैदी जेल में बंद है। अदालत में मामला विचाराधीन है और जांच एजेंसियां इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों, कॉल रिकॉर्ड तथा अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही हैं।

यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि इससे कनाडा की जेल सुरक्षा व्यवस्था, स्टाफ और कैदियों के बीच पेशेवर आचरण तथा संवेदनशील सूचनाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। हालांकि अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

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