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Mental Naxal पर PM मोदी का बड़ा हमला, बोले- पहचानें और अलग करें; युवाओं को AI Skills की ट्रेनिंग

उमाकांत त्रिपाठी। नई दिल्ली। देश के **80वें स्वतंत्रता दिवस** के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित किया। करीब 76 मिनट के अपने भाषण में पीएम मोदी ने नक्सलवाद, महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व, आत्मनिर्भर भारत, युवाओं की स्किलिंग और 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य समेत कई अहम मुद्दों पर अपनी बात रखी। पीएम मोदी ने अपने भाषण में **Mental Naxal** का जिक्र करते हुए कहा कि हथियारबंद नक्सलवाद के खिलाफ देश ने बड़ी सफलता हासिल की है, लेकिन समाज में ऐसे लोग अब भी मौजूद हैं जो युवाओं और समाज को गलत दिशा में ले जाने की कोशिश कर रहे हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि हथियारबंद नक्सल भले ही पीछे हट गए हों, लेकिन **Mental Naxal** अभी भी मौके की तलाश में हैं। उन्होंने देशवासियों से ऐसे लोगों को पहचानने और उन्हें अलग-थलग करने की अपील की। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की युवा पीढ़ी को भटकाव से बचाकर विकसित भारत के निर्माण से जोड़ना जरूरी है।

 Mental Naxal पर पीएम मोदी ने देश को किया सतर्क

लाल किले से दिए भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नक्सलवाद को लेकर सरकार के प्रयासों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश ने नक्सलवाद को खत्म करने का संकल्प लिया था और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अब विकास की नई तस्वीर दिखाई दे रही है। हालांकि, पीएम ने चेताया कि खतरा पूरी तरह खत्म मानकर बैठना सही नहीं होगा।

पीएम मोदी ने **Mental Naxal** शब्द का इस्तेमाल करते हुए कहा कि हथियारबंद नक्सल तो चले गए हैं, लेकिन दिमागी तौर पर समाज को भटकाने वाले तत्व अब भी सक्रिय हो सकते हैं। उनके मुताबिक ऐसे लोग हिंसा और अराजकता के नए रास्ते तलाश सकते हैं और युवाओं को गलत दिशा में ले जाने की कोशिश कर सकते हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि **Mental Naxal** को पहचानना होगा और उन्हें अलग करना होगा। उन्होंने युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में इस्तेमाल करने पर जोर दिया। पीएम मोदी का संदेश साफ था कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए देश के युवाओं को किसी भी तरह के भटकाव से बचाना बेहद जरूरी है।

 महिलाओं के आरक्षण पर राजनीतिक दलों से पीएम मोदी की अपील

स्वतंत्रता दिवस के भाषण में प्रधानमंत्री मोदी ने महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि भारत की माताओं और बहनों को लोकसभा और विधानसभा में 33 प्रतिशत प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। प्रधानमंत्री ने सभी राजनीतिक दलों से महिलाओं के लिए आरक्षण को लागू करने की दिशा में सहयोग करने की अपील की।

पीएम मोदी ने कहा कि महिला आरक्षण केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं है, बल्कि यह महिलाओं के सम्मान और उनकी भागीदारी से जुड़ा विषय है। उन्होंने राजनीतिक दलों से आग्रह किया कि वे इस पहल का श्रेय लेने की राजनीति से ऊपर उठें और महिलाओं को उनका अधिकार देने में योगदान करें।

प्रधानमंत्री के भाषण में यह मुद्दा इसलिए भी अहम रहा क्योंकि उन्होंने विकसित भारत के निर्माण में महिलाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उनका कहना था कि देश की आधी आबादी को नीति निर्माण और निर्णय लेने की प्रक्रिया में पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिलना जरूरी है।

 एक साल में 1 करोड़ युवाओं को AI Skills की ट्रेनिंग

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में युवाओं के लिए कई बड़े ऐलान भी किए। उन्होंने कहा कि सरकार अगले एक साल में **1 करोड़ युवाओं को AI Skills की ट्रेनिंग** देने की दिशा में काम करेगी। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI को आने वाले समय में रोजगार और तकनीकी विकास का महत्वपूर्ण आधार माना जा रहा है।

पीएम मोदी ने कहा कि भारत को भविष्य की तकनीक में आगे बढ़ने के लिए अपने युवाओं को नई तकनीकों के अनुरूप तैयार करना होगा। **AI Skills** की ट्रेनिंग के जरिए युवाओं को रोजगार के नए अवसरों से जोड़ने और उन्हें भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए तैयार करने पर सरकार का जोर रहेगा।

इसके अलावा प्रधानमंत्री ने गरीब और मिडिल क्लास परिवारों के छात्रों के लिए कई प्रतियोगी परीक्षाओं की फ्री ऑनलाइन कोचिंग व्यवस्था शुरू करने की बात कही। इसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों को बेहतर तैयारी का अवसर उपलब्ध कराना है।

 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य

प्रधानमंत्री मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के भाषण में 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को भी दोहराया। उन्होंने कहा कि देश की दिशा तय हो चुकी है और अब इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए तेजी से काम करने की जरूरत है।

पीएम मोदी ने कहा कि आने वाले वर्षों में भारत को अपनी कार्य संस्कृति और सोच में बदलाव करना होगा। उन्होंने कहा कि जो काम पिछले कई दशकों में पूरे नहीं हो सके, उन्हें आने वाले कुछ वर्षों में पूरा करने की गति बढ़ानी होगी।

प्रधानमंत्री ने बड़े लक्ष्य तय करने पर भी जोर दिया। उनके मुताबिक छोटे सपनों से अब काम नहीं चलेगा और देश को बड़े सपने देखने होंगे। बड़े सपने देश की सोच को विस्तार देते हैं और मुश्किल परिस्थितियों में रास्ता निकालने की क्षमता बढ़ाते हैं।

 आत्मनिर्भर भारत पर भी प्रधानमंत्री का जोर

लाल किले से अपने संबोधन में पीएम मोदी ने **आत्मनिर्भर भारत** के संकल्प को भी दोहराया। उन्होंने कहा कि भारत को दूसरे देशों पर निर्भर रहकर आगे नहीं बढ़ना है, बल्कि अपनी क्षमताओं को लगातार मजबूत करना है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया में कई चीजें सस्ती, आसानी से और जल्दी उपलब्ध हो सकती हैं, लेकिन केवल आयात पर निर्भर रहने से देश की अपनी क्षमता विकसित नहीं होती। इसलिए भारत को उत्पादन, तकनीक और कौशल के क्षेत्र में अपनी ताकत बढ़ानी होगी।

उन्होंने कहा कि देश को अपने हितों की सुरक्षा खुद करने की क्षमता विकसित करनी होगी। आत्मनिर्भरता का यही विचार भारत को वैश्विक स्तर पर मजबूत बनाने में मदद करेगा।

ग्लोबलाइजेशन से लेकर आपदाओं तक, पीएम मोदी ने गिनाईं चुनौतियां

पीएम मोदी ने ग्लोबलाइजेशन और आत्मनिर्भरता के बीच संतुलन की जरूरत पर भी बात की। उन्होंने कहा कि एक समय जब भारत आत्मनिर्भरता की बात कर रहा था, तब कई लोग इसे लेकर सवाल उठाते थे। लेकिन बदलती वैश्विक परिस्थितियों ने यह दिखाया है कि देशों के लिए अपनी क्षमताओं और रणनीतिक हितों को मजबूत करना कितना जरूरी है।

प्रधानमंत्री ने आपदाओं और कठिन परिस्थितियों का सामना करने के लिए दृढ़ संकल्प पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि जब संकल्प मजबूत होता है तो मुश्किलों और आपदाओं के बीच से भी रास्ता निकालने की क्षमता पैदा होती है।

पहली बार लाल किले पर वंदे मातरम का गायन

स्वतंत्रता दिवस समारोह की शुरुआत भी खास रही। लाल किले पर पहली बार **वंदे मातरम** का गायन हुआ। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तिरंगा फहराया और राष्ट्रगान हुआ। कार्यक्रम के दौरान 21 तोपों की सलामी भी दी गई।

पीएम मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से **13वीं बार तिरंगा फहराया**। अपने संबोधन में उन्होंने देश की उपलब्धियों के साथ-साथ आने वाली चुनौतियों और भविष्य के लक्ष्यों पर भी विस्तार से बात की।

कुल मिलाकर प्रधानमंत्री का स्वतंत्रता दिवस भाषण कई बड़े संदेशों पर केंद्रित रहा। एक तरफ उन्होंने **Mental Naxal** के जरिए समाज और युवाओं को भटकाव से बचाने की बात कही, वहीं दूसरी ओर महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी, युवाओं की AI Skills ट्रेनिंग, मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग और आत्मनिर्भर भारत को लेकर सरकार की प्राथमिकताएं सामने रखीं। 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य भी उनके संबोधन का प्रमुख केंद्र रहा।

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