उमाकांत त्रिपाठी।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान से मुलाकात की। पश्चिम एशिया में युद्ध शुरू होने के बाद दोनों नेताओं की यह पहली आमने-सामने की मुलाकात है। दोनों नेताओं ने बिश्केक में द्विपक्षीय बैठक की और विभिन्न अहम मुद्दों पर बातचीत की।
प्रधानमंत्री मोदी शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए किर्गिस्तान पहुंचे हैं। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान भी SCO समिट में भाग लेने के लिए बिश्केक में मौजूद हैं। इस दौरान दोनों देशों के बीच आपसी संबंधों और क्षेत्रीय परिस्थितियों को लेकर चर्चा हुई।
SCO समिट में शामिल होने पहुंचे हैं पीएम मोदी
किर्गिस्तान में आयोजित SCO समिट की थीम ‘शांति, विकास और समृद्धि के लिए मिलकर आगे बढ़ना’ रखी गई है। सम्मेलन में भारत, चीन, रूस, पाकिस्तान, ईरान समेत संगठन के 10 सदस्य देशों के नेता हिस्सा ले रहे हैं।
पीएम मोदी इस दौरे के दौरान बिश्केक में आयोजित होने वाले 6वें वर्ल्ड नोमैड गेम्स के उद्घाटन समारोह में भी शामिल होंगे। किर्गिस्तान दौरे को भारत की मध्य एशिया नीति और SCO के साथ सहयोग के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
पीएम मोदी और अर्मेनिया के प्रधानमंत्री की भी मुलाकात
पीएम मोदी ने बिश्केक में अर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोल पशिन्यान से भी मुलाकात की। पशिन्यान के दोबारा प्रधानमंत्री बनने के बाद दोनों नेताओं की यह पहली बैठक थी।
बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने भारत और अर्मेनिया के बीच सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा की। बातचीत में रक्षा, अर्थव्यवस्था, फार्मा, माइनिंग, शिक्षा और संस्कृति जैसे प्रमुख क्षेत्र शामिल रहे।
अर्मेनियाई प्रधानमंत्री ने इस दौरान पीएम मोदी को अर्मेनिया-अजरबैजान शांति समझौते के लागू होने की मौजूदा स्थिति के बारे में जानकारी दी। दोनों देशों के बीच संबंधों को आगे बढ़ाने और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने को लेकर भी चर्चा हुई।
प्रवासी भारतीयों और शिक्षाविदों से मिले पीएम मोदी
किर्गिस्तान पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत से जुड़े लोगों के एक समूह से भी मुलाकात की। इसमें प्रवासी भारतीय समुदाय के सदस्य, शिक्षाविद, शोधकर्ता, ITEC के पूर्व छात्र और योग अभ्यासकर्ता शामिल थे।
पीएम मोदी ने इन लोगों से बातचीत की और भारत-किर्गिस्तान के बीच लोगों के स्तर पर संबंधों को लेकर चर्चा की। भारत की संस्कृति, शिक्षा और योग के प्रति किर्गिस्तान में बढ़ती रुचि भी इस मुलाकात का अहम हिस्सा रही।
10 देशों का समूह है SCO
शंघाई सहयोग संगठन यानी SCO एक प्रमुख क्षेत्रीय संगठन है। भारत और पाकिस्तान वर्ष 2017 में इसके पूर्ण सदस्य बने थे। इसके बाद 2023 में ईरान और 2024 में बेलारूस SCO के सदस्य बने।
SCO के संस्थापक देशों में चीन, रूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान शामिल हैं। मौजूदा समय में संगठन में कुल 10 पूर्ण सदस्य देश हैं।
पीएम मोदी का किर्गिस्तान दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब पश्चिम एशिया की स्थिति को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बनी हुई है। ऐसे में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान के साथ उनकी मुलाकात को खास तौर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत से क्षेत्रीय घटनाक्रम और द्विपक्षीय संबंधों पर भारत के रुख को समझने में भी मदद मिल सकती है।














