Amit Shah Rally Chandigarh:उमाकांत त्रिपाठी।चंडीगढ़ में रविवार (1 नवंबर 2026) को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने पंजाब की राजनीति, आगामी विधानसभा चुनाव और 1984 के सिख विरोधी दंगों को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा। अमित शाह ने दावा किया कि आने वाले विधानसभा चुनाव में पंजाब में NDA की सरकार बनेगी। उन्होंने जनता से पंजाब में NDA की जीत के समर्थन में आवाज उठाने की अपील भी की।
जनसभा के दौरान अमित शाह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित रैली की तारीख को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि 1 नवंबर का दिन 1984 के सिख विरोधी दंगों की याद दिलाता है। ऐसे दिन दिल्ली में राजनीतिक रैली आयोजित करना सिख समुदाय की भावनाओं को आहत करने वाला है। शाह ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी की पार्टी को इस तारीख के महत्व की जानकारी होने के बावजूद रैली आयोजित की गई।
1 नवंबर 1984 के सिख विरोधी दंगों का अमित शाह ने किया जिक्र
अमित शाह ने अपने संबोधन में 1 नवंबर 1984 की घटनाओं को याद करते हुए कहा कि इस तारीख को देश एक अलग दृष्टिकोण से भी याद करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय कांग्रेस से जुड़े लोगों द्वारा भड़काए गए दंगों में हजारों सिखों की निर्मम हत्या की गई थी।
शाह ने कहा कि दंगों के दौरान कई सिखों को जिंदा जला दिया गया। अनेक परिवार उजड़ गए, कई बच्चे अनाथ हो गए और बहुत सी महिलाओं को विधवा होना पड़ा। उन्होंने कहा कि हिंसा के कारण कई सिख परिवारों को अपना घर छोड़कर दूसरी जगहों पर जाना पड़ा।
गृह मंत्री ने कहा कि 1984 की घटनाएं सिख समुदाय के लिए गहरे दुख और पीड़ा का विषय हैं। इस दिन को देश के इतिहास में याद करते समय उन परिवारों के दर्द को भी समझना जरूरी है, जिन्होंने अपने परिजनों को खोया था।
राजीव गांधी के बयान को लेकर कांग्रेस पर निशाना
अमित शाह ने अपने भाषण में तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी के एक चर्चित बयान का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उस समय राजीव गांधी ने कहा था कि जब बड़ा पेड़ गिरता है तो धरती हिलती है।
शाह ने इस बयान की आलोचना करते हुए कहा कि हजारों सिखों की हत्या जैसी गंभीर घटनाओं के संदर्भ में इस तरह की टिप्पणी करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण था।
उन्होंने कहा कि वह इस बयान को अपने जीवन में कभी नहीं भूल सकते। शाह के मुताबिक, 1984 के दंगों के दौरान हुई हिंसा को जिस तरह से समझाया गया, वह कांग्रेस की राजनीति और उस समय के नेतृत्व पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
गृह मंत्री ने कहा कि देश को उन परिवारों के साथ हुए अन्याय को नहीं भूलना चाहिए, जिन्होंने दंगों में अपने परिजनों और घरों को खोया था।
मोदी सरकार में दंगों के मामलों को दोबारा खोला: अमित शाह
अमित शाह ने दावा किया कि केंद्र में नरेंद्र मोदी की सरकार आने के बाद 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े मामलों को दोबारा खोला गया।
उन्होंने कहा कि सरकार ने दंगा पीड़ित परिवारों को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का काम किया। साथ ही, मामलों की दोबारा जांच के बाद कांग्रेस के कुछ प्रमुख नेताओं को जेल भी भेजा गया।
शाह ने कहा कि 1984 में जो घटनाएं हुईं, वे देश के इतिहास में राजनीतिक हिंसा का गंभीर उदाहरण हैं। उन्होंने दावा किया कि मोदी सरकार ने पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए कदम उठाए।
हालांकि, दंगों से जुड़े मामलों में अलग-अलग आरोपियों की भूमिका और कानूनी कार्रवाई का अपना अलग रिकॉर्ड रहा है।
राहुल गांधी की 1 नवंबर की रैली पर उठाए सवाल
अमित शाह ने राहुल गांधी की दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित रैली की तारीख को लेकर भी कांग्रेस पर हमला बोला।
उन्होंने कहा कि शुरुआत में उन्हें लगा था कि राहुल गांधी उस समय छोटे रहे होंगे और शायद उन्हें 1984 के सिख विरोधी दंगों के इतिहास की पूरी जानकारी नहीं होगी।
शाह ने बताया कि उनकी पार्टी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कांग्रेस से अपील की थी कि 1, 2 और 3 नवंबर को रैली आयोजित नहीं की जाए। उन्होंने कहा कि ये तारीखें सिख विरोधी दंगों की घटनाओं से जुड़ी हैं और इनसे सिख समुदाय की माताओं, बहनों और बच्चों की भावनाएं जुड़ी हुई हैं।
गृह मंत्री ने आरोप लगाया कि इसके बावजूद कांग्रेस ने अपनी रैली की तारीख नहीं बदली। उन्होंने कहा कि इस फैसले से सिख समुदाय की भावनाएं आहत हुई हैं।
विदेश से आदेश मिलने का भी लगाया आरोप
अमित शाह ने अपने भाषण में राहुल गांधी और कांग्रेस को लेकर एक और आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को विदेश से आदेश दिया गया कि हजारों सिखों की हत्या की याद से जुड़े दिन ही दिल्ली में बड़ा राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित किया जाए।
शाह ने कहा कि वह गुरुओं की धरती से इस प्रयास की कड़ी निंदा करते हैं। उन्होंने दावा किया कि पंजाब और भारत के लोग इस तारीख को लेकर कांग्रेस के फैसले को याद रखेंगे।
यह आरोप अमित शाह ने अपने राजनीतिक संबोधन में लगाया। उनके इस बयान के समर्थन में भाषण के दौरान कोई स्वतंत्र प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया।
बीजेपी ने INDIA ब्लॉक की रैली पर भी साधा निशाना
राहुल गांधी की रैली को लेकर बीजेपी ने सोशल मीडिया पर भी कांग्रेस और INDIA ब्लॉक पर निशाना साधा। पार्टी ने अपने एक सोशल मीडिया पोस्ट में INDIA ब्लॉक की रैली को ‘ठगों का मेला’ करार दिया।
इस तरह 1 नवंबर को चंडीगढ़ में अमित शाह का संबोधन मुख्य रूप से 1984 के सिख विरोधी दंगों, कांग्रेस की भूमिका और राहुल गांधी की दिल्ली रैली के इर्द-गिर्द रहा।
पंजाब विधानसभा चुनाव को लेकर अमित शाह का बड़ा दावा
जनसभा में अमित शाह ने पंजाब की आगामी राजनीतिक परिस्थितियों और विधानसभा चुनाव का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि आने वाले चुनाव में पंजाब में NDA की सरकार बनेगी।
शाह ने कार्यकर्ताओं और जनसभा में मौजूद लोगों से पंजाब में NDA की प्रचंड जीत के समर्थन में आवाज उठाने की अपील की।
उनके इस बयान को पंजाब में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के संदर्भ में देखा जा रहा है। हालांकि, चुनावी नतीजे मतदाताओं के फैसले पर निर्भर करेंगे।
कुल मिलाकर, चंडीगढ़ की इस जनसभा में अमित शाह ने पंजाब में NDA सरकार बनाने का दावा करने के साथ-साथ 1984 के सिख विरोधी दंगों को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा। राहुल गांधी की 1 नवंबर की दिल्ली रैली को लेकर उनकी टिप्पणी भी उनके भाषण का प्रमुख हिस्सा रही।














