उमाकांत त्रिपाठी। Amit Shah Ahmedabad Waterlogging मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है। केंद्रीय गृह मंत्री और गांधीनगर से सांसद अमित शाह ने अहमदाबाद के नए शहरी इलाकों में हर साल बारिश के दौरान होने वाली जलभराव की समस्या को गंभीरता से लेते हुए गुजरात सरकार से इसका स्थायी समाधान निकालने का आग्रह किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, अहमदाबाद के महापौर और नगर निगम आयुक्त को पत्र लिखकर दीर्घकालिक और सुनियोजित ड्रेनेज व्यवस्था विकसित करने की मांग की है।
गृह मंत्रालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, बोपाल, अंबली, घुमा और शेला जैसे तेजी से विकसित हो रहे इलाकों में भारी बारिश के बाद लोगों को गंभीर जलभराव का सामना करना पड़ता है। इसी समस्या को देखते हुए अमित शाह ने प्रशासन से तत्काल और स्थायी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है।
जलभराव की समस्या पर अमित शाह ने जताई गंभीर चिंता
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने संसदीय क्षेत्र गांधीनगर के अंतर्गत आने वाले अहमदाबाद के कई इलाकों में लगातार जलभराव की समस्या पर चिंता व्यक्त की है।
उन्होंने अपने पत्र में कहा कि बारिश के समय लोगों को बार-बार परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में केवल अस्थायी इंतजाम पर्याप्त नहीं होंगे, बल्कि भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वैज्ञानिक और दीर्घकालिक समाधान तैयार करना जरूरी है।
अमित शाह ने मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, अहमदाबाद नगर निगम (AMC) के महापौर और नगर निगम आयुक्त से आग्रह किया कि इस समस्या का स्थायी समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए ताकि नागरिकों को हर मानसून में परेशानी न उठानी पड़े।
18 इंच बारिश के बाद सामने आई गंभीर स्थिति
हाल ही में अहमदाबाद में हुई भारी बारिश के दौरान करीब 18 इंच वर्षा दर्ज की गई। इसके बाद बोपाल, अंबली, घुमा और शेला सहित कई इलाकों में सड़कें जलमग्न हो गईं।
कई कॉलोनियों और आवासीय क्षेत्रों में पानी भरने से लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई। स्थानीय नागरिकों को घरों से निकलने में कठिनाई हुई, जबकि कई स्थानों पर वाहनों की आवाजाही भी बाधित रही।
विशेषज्ञों का मानना है कि इन क्षेत्रों में तेजी से हुए शहरी विकास के मुकाबले जल निकासी व्यवस्था पर्याप्त मजबूत नहीं बन पाई है। यही कारण है कि हर वर्ष भारी बारिश के दौरान जलभराव की स्थिति बन जाती है।
2021 में AMC सीमा में शामिल हुए थे ये इलाके
बोपाल, अंबली, घुमा और शेला जैसे क्षेत्र वर्ष 2021 में अहमदाबाद नगर निगम की सीमा में शामिल किए गए थे।
इन इलाकों में तेजी से आवासीय और व्यावसायिक विकास हुआ है, लेकिन पुरानी ड्रेनेज व्यवस्था और भौगोलिक संरचना के कारण वर्षा का पानी तेजी से बाहर नहीं निकल पाता।
यही वजह है कि लगातार हो रहे शहरी विस्तार के साथ इन क्षेत्रों में आधुनिक स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज सिस्टम की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
AMC ने तैयार किया स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज मास्टर प्लान
अमित शाह के निर्देश के बाद अहमदाबाद नगर निगम ने पूरे क्षेत्र का विस्तृत सर्वेक्षण कराया।
इसके तहत हाइड्रोलॉजिकल सर्वे किया गया और जोन-वार स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज मास्टर प्लान तैयार किया गया है। इस योजना का उद्देश्य वर्षा के पानी की तेज और व्यवस्थित निकासी सुनिश्चित करना है।
नगर निगम के अनुसार, जिन इलाकों में फिलहाल जल निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है, वहां नए ड्रेनेज नेटवर्क का निर्माण किया जाएगा।
इसके अलावा, वर्षाजल के प्रवाह को बेहतर बनाने के लिए नई पाइपलाइन, इंटरकनेक्टेड नालियां और निकासी मार्ग विकसित किए जाएंगे।
जलभराव वाले क्षेत्रों की होगी अलग पहचान
नगर निगम ने ऐसे सभी स्थानों की पहचान करने का निर्णय लिया है जहां हर वर्ष पानी भरने की समस्या सामने आती है।
इन स्थानों पर विशेष इंजीनियरिंग उपाय अपनाए जाएंगे ताकि भविष्य में जलभराव की संभावना कम हो सके।
प्रशासन का कहना है कि यह पूरी योजना केवल वर्तमान समस्या के समाधान तक सीमित नहीं होगी, बल्कि भविष्य में बढ़ती आबादी और शहरी विस्तार को भी ध्यान में रखकर तैयार की जा रही है।
दीर्घकालिक योजना में शामिल होगा नदी और नहर से कनेक्शन
मास्टर प्लान के अंतर्गत सबसे महत्वपूर्ण कदमों में गोटा-गोधावी नहर और साबरमती नदी के किनारे मौजूद ड्रेनेज सिस्टम को आपस में जोड़ने की योजना भी शामिल है।
इससे भारी बारिश के दौरान अतिरिक्त पानी को तेजी से निकाला जा सकेगा और शहर के निचले इलाकों में जलभराव की समस्या कम होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह योजना समयबद्ध तरीके से लागू होती है तो आने वाले वर्षों में अहमदाबाद के इन इलाकों को बड़ी राहत मिल सकती है।
स्थानीय लोगों को मिलेगी स्थायी राहत
अहमदाबाद नगर निगम का दावा है कि मास्टर प्लान लागू होने के बाद बोपाल, अंबली, घुमा और शेला के निवासियों को मानसून के दौरान होने वाली जलभराव की समस्या से काफी हद तक राहत मिलेगी।
नई ड्रेनेज लाइन, आधुनिक पाइपलाइन नेटवर्क और वैज्ञानिक जल निकासी व्यवस्था शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर को भी मजबूत बनाएगी।














