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अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में शामिल हुए अमित शाह, बोले- हमने गुलामी के चिह्न हटाए, देश एक सूत्र में पिरोया

उमाकांत त्रिपाठी। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में शामिल होने के लिए कुरुक्षेत्र पहुंचे। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह अपनी धर्मपत्नी सोनल शाह के साथ हरियाणा शक्तिपीठ श्री देवीकूप भद्रकाली मंदिर में पूजा करने पहुंचे। गृहमंत्री की मंत्रोचारण और पान के पत्तों और कमल के फूलों के साथ श्री देवीकूप पर पूजा करवाई गई। जिस प्रकार महाभारत युद्ध से पहले पांडवों ने भगवान श्री कृष्ण के साथ यहां पूजा की थी, उसी तरह आज धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र में गीता महोत्सव में शामिल होने आए गृहमंत्री ने भी मां भद्रकाली के दर्शन कर इसी परंपरा को निभाया। शाह ने तीन राज्यों में हुई जीत के बाद विशेष पूजा के साथ चांदी घोड़े अर्पित किए।

दुनिया में फैलेगा गीता का युध्द

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में कहा कि गीता महोत्सव से आज देश-विदेश में गीता का शास्वत संदेश पहुंच रहा है। लगभग 5000 साल से ज्यादा समय पहले कुरुक्षेत्र की धरा पर भगवान श्रीकृष्ण ने अपने श्रीमुख से गीता का संदेश दिया था। अमित शाह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की मान्यता है कि इस देश की महान संस्कृति को हमेशा आगे बढ़ाना चाहिए। महान संस्कृति से मार्गदर्शन लेकर ही देश की नीतियों का निर्धारण और कानून बनने चाहिए। 2014 में जब प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी कुरुक्षेत्र में गीता जयंती महोत्सव में आए थे, उस समय उन्होंने संकल्पना की थी कि गीता के संदेश को विश्व में प्रसारित करने के लिए इसका स्वरूप बढ़ाया जाना चाहिए।

पीएम ने लिया ऐतिहासिक फैसला

अमित शाह ने कहा कि गीता का ज्ञान, हर जगह फैलाने में सफल हों और इसकी स्वीकृति हो, तो विश्व में कभी युद्ध नहीं हो सकता। असल मायने में श्रीकृष्ण ने अर्जुन को युद्ध के लिए प्रेरित करने और उनकी शंकाओं का समाधान करने के लिए यह ज्ञान दिया था। मगर वह युद्ध अपने लिए नहीं, बल्कि पृथ्वी पर धर्म की स्थापना और सर्वसमाज के कल्याण के लिए था। केंद्रीय गृह मंत्री ने गीता के शास्वत संदेश का जीवन में महत्व समझाते हुए बताया कि मेरे जीवन में बहुत उतार चढ़ाव आए, लेकिन बचपन से ही मां ने गीता सिखाई, इसलिए जीवन में कभी निराशा और दुख का अनुभव नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने इन 10 सालों में ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर का निर्माण हो रहा है। 22 जनवरी को श्रीरामलला अपने घर में प्रस्थापित हो जाएंगे। इसके अलावा, धारा 370 समाप्त हो चुकी है।

 

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