उमाकांत त्रिपाठी। महाराष्ट्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से 511 ग्रामीण कौशल विकास केंद्रों की शुरुआत की। महाराष्ट्र के सभी 34 ग्रामीण जिलों में इन केंद्रों की स्थापना की जाएगी। पीएम ने महाराष्ट्र बीजेपी के दिवंगत नेता प्रमोद महाजन के नाम पर ग्रामीण कौशल विकास केंद्रों की शुरुआत की है। ये केंद्र ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के वास्ते विभिन्न क्षेत्रों में कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करेंगे।
पीएम बोले- स्किल्ड युवाओं की मांग बढ़ी
PM मोदी ने कहा कि भारत आज सिर्फ अपने लिए ही नहीं बल्कि दुनिया के लिए भी स्कील प्रोफेशनल को तैयार कर रहा है। जो नए कौशल विकास केंद्र महाराष्ट्र के गांवों में खुलने जा रहे हैं, ये सभी युवाओं को दुनियाभर के अवसरों के लिए तैयार करेंगे। इन केंद्रों में कंस्ट्रक्शन से जुड़े कौशल सिखाए जाएंगे। महाराष्ट्र में मीडिया और एंटरटेनमेंट के काम के लिए भी केंद्र स्थापित होंगे। आज पूरी दुनिया में भारत के स्किल्ड युवाओं की मांग बढ़ रही है। बहुत से देश ऐसे हैं, जहां पर बुजुर्गों की संख्या ज्यादा है और ट्रेनेंड युवा मुश्किल से मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस बारे में किए गए सर्वे बताते हैं कि दुनिया के 16 देश करीब 40 लाख स्किल्ड युवाओं को अपने यहां नौकरी देना चाहते हैं।
क्या है कौशल विकास केंद्र?
प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के मुताबिक, महाराष्ट्र के सभी 34 ग्रामीण जिलों में इन केंद्रों की स्थापना की जाएगी। PMO के एक बयान में कहा गया है कि ये केंद्र ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के वास्ते विभिन्न क्षेत्रों में कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करेंगे। बयान के अनुसार, हर केंद्र पर कम से कम दो व्यावसायिक पाठ्यक्रम में करीब 100 युवाओं को ट्रेनिंग दी जाएगी। यह ट्रेनिंग राष्ट्रीय कौशल विकास परिषद के तहत सूचीबद्ध उद्योग भागीदारों और एजेंसियों द्वारा प्रदान किया जा रहा है।














